अगले साल से बदल जाएगा ऑफिस वर्क कल्चर, 15 मिनट ज्यादा काम करने पर भी मिलेगा ओवरटाइम का पैसा

कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है कि अगले वित्त वर्ष यानी 1अप्रैल 2022 से उनके काम के दिन कम हो सकते हैं

अपडेटेड Dec 28, 2021 पर 6:13 PM
Story continues below Advertisement
अगले साल से बदल जाएगा ऑफिस वर्क कल्चर, 15 मिनट ज्यादा काम करने पर भी मिलेगा ओवरटाइम का पैसा

Work Culture of Office: कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है कि अगले वित्त वर्ष यानी 1अप्रैल 2022 से उनके काम के दिन कम हो सकते हैं। देश में वर्क कल्चर बदल सकता है और कर्मचारियों को हफ्ते में 4 दिन काम करना होगा और 3 दिन छुट्टी मिलेगी। यानी कर्मचारियों की छुट्टी शुक्रवार से रविवार तक रहेगी। यहीं नहीं, अगर ऑफिस में 15 मिनट भी ज्यादा काम किया तो ओवरटाइम का पैसा कंपनी को देना होगा।

अगर मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो मोदी सरकार अगले वित्त वर्ष यानी 2022-23 से लेबर कोड के नियमों को लागू कर सकती है। इन लेबर कोड के नियमों में वेतन, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक संबंध (Industrial Relations) और व्यवसाय सुरक्षा (Occupation Safety) और स्वास्थ्य और काम करने की स्थिति आदि जैसे 4 लेबर कोड शामिल है।

इससे पहले केंद्र सरकार इन नियमों के इस साल 2021 में अप्रैल से लागू करना चाहती थी लेकिन राज्यो सरकारों के तैयार नहीं होने के कारण लेबर कोड के नियमों को लागू नहीं कर पाई। केंद्र सरकार ने लेबर कोड के नियमों को अंतिम रूप दे दिया है और अब राज्यों को काम करना है। ये अगले वित्त वर्ष यानी अप्रैल 2022 से लागू हो सकते हैं।


केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव ने सप्ताह की शुरुआत में राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में बताया कि व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और काम करने की स्थिति पर लेबर कोड के ड्राफ्ट रूल्स को अब तक 13 राज्य तैयार कर चुके हैं। इसके अलावा बाकी 24 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ड्राफ्ट रूल्स पर काम कर रहे हैं।

श्रम कानून लागू होने से आएंगे ये बदलाव

बदलेंगे ओवरटाइम के नियम

ओएसच कोड के ड्राफ्ट नियमों में 15 से 30 मिनट के बीच के अतिरिक्त कामकाज को भी 30 मिनट गिनकर ओवरटाइम में शामिल करने का प्रावधान है। मौजूदा नियम में 30 मिनट से कम समय को ओवरटाइम योग्य नहीं माना जाता है।

हाथ में आने वाला वेतन घट जाएगा

श्रम कानून लागू होने से कर्मचारियों के हाथ में आने वाला वेतन घट जाएगा और कंपनियों को ऊंचे पीएफ दायित्व का बोझ उठाना पड़ेगा। नए ड्राफ्ट रूल के अनुसार, मूल वेतन कुल वेतन का 50% या अधिक होना चाहिए। इससे ज्यादातर कर्मचारियों की वेतन का स्ट्रक्चर में बदलाव आएगा। बेसिक सैलरी बढ़ने से PF और ग्रेच्युटी के लिए कटने वाला पैसा बढ़ जाएगा क्योंकि इसमें जानें वाला पैसा बेसिक सैलरी के अनुपात में होता है। अगर ऐसा होता है जो आपके घर आने वाली सैलरी घट जाएगी रिटायरमेंट पर मिलने वाला PF और ग्रेच्युटी का पैसा बढ़ जाएगा।

 

4 दिन की हो जाएगी नौकरी

 

नए ड्राफ्ट कानून में कामकाज के अधिकतम घंटों को बढ़ाकर 12 करने का प्रस्ताव है। हालांक, 12 घंटे काम करने पर आपको हफ्ते में 4 दिन काम करना होगा और 3 दिन की छुट्टी मिलेगीष कोड के ड्राफ्ट नियमों में 15 से 30 मिनट के बीच के अतिरिक्त कामकाज को भी 30 मिनट गिनकर ओवरटाइम में शामिल करने का प्रावधान है। मौजूदा नियम में 30 मिनट से कम समय को ओवरटाइम योग्य नहीं माना जाता है। ड्राफ्ट नियमों में किसी भी कर्मचारी से 5 घंटे से ज्यादा लगातार काम कराने की मनाही है। कर्मचारियों को हर पांच घंटे के बाद आधा घंटे का रेस्ट देना होगा।

 

संसद में हो चुका है पारित

 

संसद द्वारा इन चार संहिताओं को पारित किया जा चुका है, लेकिन केंद्र के अलावा राज्य सरकारों को भी इन संहिताओं, नियमों को अधिसूचित करना जरूरी है। उसके बाद ही ये नियम राज्यों में लागू हो पाएंगे। ये नियम 1 अप्रैल 2021 से लागू होने थे लेकिन राज्यों की तैयारी पूरी नहीं होने के कारण इन्हें टाल दिया गया।पीएम किसान की 10वीं किस्त 1 जनवरी को आएगी, लेकिन इन्हें नहीं मिलेगी, चेक करें स्टेटस कहीं लिस्ट में आपका नाम तो नहीं है शामिल

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।