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Inflation vs Savings: पैसों के लिए दीमक की तरह है महंगाई, जानिए इससे मुकाबले का तरीका

Inflation vs Savings: महंगाई धीरे धीरे आपकी बचत की असली कीमत को कम कर देती है। बैंक में पैसा सुरक्षित दिखता है, लेकिन उसकी ताकत घटती रहती है। जानिए कैसे सही निवेश रणनीति अपनाकर अपनी बचत को महंगाई के असर से बचाया जा सकता है।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Mar 15, 2026 पर 11:03 PM
Inflation vs Savings: पैसों के लिए दीमक की तरह है महंगाई, जानिए इससे मुकाबले का तरीका
ज्यादातर बचत खातों पर अभी भी करीब 3 से 4 प्रतिशत ब्याज मिलता है।

Inflation vs Savings: कुछ साल पहले तक कई परिवारों के लिए महीने का 3,000 रुपये का किराना बिल सामान्य माना जाता था। आज कई शहरों में यही खर्च बढ़कर करीब 5,000 रुपये तक पहुंच गया है। स्कूल की फीस, बिजली के बिल और यहां तक कि कैब जैसी रोजमर्रा की सेवाएं भी धीरे धीरे महंगी होती गई हैं। बाहर खाना खाना भी अब पहले की तुलना में काफी ज्यादा खर्चीला हो गया है।

समस्या यह है कि कई लोगों की बचत उसी रफ्तार से नहीं बढ़ रही, जिस तेजी से खर्च बढ़ रहे हैं। अगर आपकी आय या निवेश धीरे बढ़ रहे हों और रोजमर्रा का खर्च तेजी से बढ़ रहा हो, तो यह फर्क तुरंत नजर नहीं आता। लेकिन कुछ साल बाद पता चलता है कि बचत की रकम भले वही है, मगर उससे खरीदी जा सकने वाली चीजें कम हो गई हैं।

बैंक में पड़े पैसे की ताकत क्यों घट जाती है?

कई लोग मानते हैं कि बैंक में पड़ा पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। तकनीकी रूप से यह सही है, क्योंकि रकम खत्म नहीं होती। लेकिन सुरक्षा और बढ़त दो अलग बातें हैं।

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