Rupees 2000 Note: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2,000 रुपये के नोटों को बदलने या जमा करने की समय सीमा 7 अक्टूबर कर रखी है। इन्हें इस साल मई में चलन से हटाने का फैसला किया गया था। इसके अलावा आरबीआई अलग-अलग वैल्यू के नोट छापता है और उनकी छपाई की लागत अलग-अलग होती है। 2,000 रुपये के एक नोट को छापने में लगभग 4 रुपये का खर्च आता है। 2018 में 2,000 रुपये के एक नोट को छापने की लागत 4.18 रुपये थी, लेकिन बाद में यह घटकर 3.53 रुपये हो गई।
दिलचस्प बात यह है कि सबसे ज्यादा छपाई खर्च 10 रुपए के नोट पर आती है। 10 रुपये के 1,000 नोट छापने में 960 रुपये का खर्च आता है। इसका मतलब है कि नोट छापने की लागत उसके अंकित मूल्य (Face value) से काफी अधिक है। ये है अलग-अलग नोटों को छापने में आने वाला खर्च..
1) 100 रुपये के 1,000 नोट छापने में 1,770 रुपये का खर्च आता है।
2) 200 रुपये के 1,000 नोट छापने का खर्च 2,370 रुपये है।
3) 500 रुपये के 1,000 नोट छापने का खर्च 2,290 रुपये है।
खास बात यह है कि 2,000 रुपये के 1000 नोटों को छापने की लागत इनकी वैल्यू की तुलना में काफी कम है। जो छपाई के खर्च और वैल्यू के हिसाब से इसे प्रभावी ऑप्शन बनाता है।
सितंबर की शुरुआत में आरबीआई की जानकारी के मुताबिक चलन से हटाए गए 2,000 रुपये के कुल 93 फीसदी नोट बैंकों में वापस आ गए हैं। आरबीआई के एक बयान के मुताबिक बैंकों से मिले आंकड़ों से पता चलता है कि 31 अगस्त 2023 तक बैंकों में जमा किए गए 2,000 रुपये के नोटों का कुल मूल्य 3.32 लाख करोड़ रुपये था। इसका मतलब है कि 31 अगस्त को 0.24 लाख करोड़ रुपये मूल्य के केवल 2,000 रुपये के नोट चलन में थे।
आरबीआई ने कहा है कि अभी भी आरबीआई के 19 के बताए ऑफिसों से 2,000 रुपये के बैंक नोट बदल सकते हैं, जिसकी सीमा एक बार में 20,000 रुपये है। इसके अलावा वे आरबीआई के इन ऑफिसों से अपने भारतीय बैंक खातों में किसी भी राशि के लिए 2,000 रुपये के नोट जमा कर सकते हैं। देश के नागरिक या संस्थाएं भारत में अपने बैंक खातों में जमा करने के लिए 19 आरबीआई जारी ऑफिस में से किसी एक को इंडिया पोस्ट के माध्यम से 2,000 रुपये के बैंक नोट भेज सकते हैं।