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PPF या SIP? किसमें करें निवेश की मिलें ज्यादा रिटर्न, हर महीने सिर्फ ₹2000 बचाकर ऐसे बना सकते है ₹1.3 करोड़ का फंड

PPF vs Mutual Fund SIP: कंपाउंडिंग की सबसे खास बात यह है कि शुरुआती सालों में पीपीएफ और एसआईपी के बीच का अंतर बहुत मामूली या न के बराबर दिखेगा। लेकिन जैसे-जैसे आपका कुल फंड बड़ा होता जाता है, कंपाउंडिंग की ताकत आखरी सालों में बहुत तेजी से काम करती है

Abhishek Guptaअपडेटेड Jun 11, 2026 पर 12:06 PM
PPF या SIP? किसमें करें निवेश की मिलें ज्यादा रिटर्न, हर महीने सिर्फ ₹2000 बचाकर ऐसे बना सकते है ₹1.3 करोड़ का फंड
कैलकुलेशन के जरिए समझिए कि हर महीने सिर्फ ₹2000 बचाकर आप भविष्य में आप करोड़पति कैसे बन सकते हैं

PPF vs Mutual Fund SIP: निवेश की दुनिया में कदम रखने वाले ज्यादातर नए निवेशकों के सामने अक्सर दो सबसे लोकप्रिय विकल्प आते हैं- पहला, सरकारी सुरक्षा वाला पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और दूसरा, बाजार के उतार-चढ़ाव के साथ मोटा रिटर्न देने वाला म्यूचुअल फंड एसआईपी (SIP)। ये दोनों ही ऑप्शन निवेशकों में अनुशासन लाते हैं और दोनों में ही कंपाउंडिंग का जबरदस्त फायदा मिलता है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूरे 30 साल के लंबे सफर में मिलने वाले रिटर्न का मामूली सा अंतर आपके फाइनल फंड में जमीन-आसमान का अंतर पैदा कर सकता है? आइए आसान भाषा में कैलकुलेशन के जरिए समझते हैं कि कैसे हर महीने सिर्फ ₹2000 बचाकर आप भविष्य में आप करोड़पति कैसे बन सकते हैं।

ऑप्शन 1: PPF में ₹2000 महीना जमा करने पर क्या मिलेगा?

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) भारत में सुरक्षित निवेश के लिए सबसे पसंदीदा माध्यम माना जाता है, क्योंकि इसमें सरकारी गारंटी, टैक्स बेनिफिट और फिक्स्ड रिटर्न मिलता है। फिलहाल PPF पर 7.1 प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज मिल रहा है जिसकी सरकार हर तिमाही समीक्षा करती है। इसमें ब्याज की कंपाउंडिंग सालाना आधार पर होती है।

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