Kisan Credit Card: बिना गारंटी के लाखों का मिलता है लोन! जानिए कैसे बनवाएं किसान क्रेडिट कार्ड, क्या है पूरा प्रोसेस?
Kisan Credit Card: देश के किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना बड़ी राहत देने वाली स्कीम है। इसके जरिए सिर्फ 4% सालाना ब्याज दर पर लोन मिलता है। बिना किसी गारंटी के 2 लाख रुपये तक का लोन सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएगा। जानिए KCC बनवाने की पात्रता, जरूरी कागजात और ऑनलाइन-ऑफलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया
अगर समय पर कर्ज चुकाया जाए, तो किसानों को यह लोन सिर्फ 4 फीसदी सालाना ब्याज दर पर मिल जाता है
Kisan Credit Card Scheme: देश के किसानों को महंगे ब्याज वाले कर्ज के जाल से बचाने के लिए सरकार की किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना सबसे बड़ा वरदान है। इस योजना के तहत किसानों को खेती-बाड़ी, डेयरी और पशुपालन के लिए बेहद कम ब्याज दर पर लोन दिया जाता है।
अगर समय पर कर्ज चुकाया जाए, तो किसानों को यह लोन सिर्फ 4 फीसदी सालाना ब्याज दर पर मिल जाता है। इतना ही नहीं, बिना किसी गारंटी के 2 लाख रुपये तक का लोन सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता है।
आइए आपको बताते हैं कि किसान क्रेडिट कार्ड पर कितना ब्याज लगता है, इसके लिए कौन-कौन से किसान पात्र हैं और इसे बनवाने की पूरी प्रक्रिया क्या है:
कितना लगता है ब्याज?
किसान क्रेडिट कार्ड पर लोन की आधिकारिक और प्रभावी ब्याज दर इस प्रकार काम करती है:
सामान्य ब्याज दर: KCC पर बैंकों की शुरुआती ब्याज दर 7% सालाना होती है।
3% की छूट: अगर किसान समय पर अपने लोन का रिपेमेंट कर देते हैं, तो केंद्र सरकार उन्हें 3% की सब्सिडी देती है।
प्रभावी ब्याज दर: यानी समय पर पैसा लौटाने वाले किसानों को यह लोन सिर्फ 4% सालाना ब्याज पर ही पड़ता है।
KCC के मुख्य फायदे
बिना गारंटी लोन: 2 लाख रुपये तक के कर्ज के लिए जमीन या कोई भी चीज गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती। विशेष परिस्थितियों में यह सीमा 5 लाख रुपये तक हो सकती है।
लचीला भुगतान: फसल कटने और बिकने के बाद किसान अपनी सहूलियत से लोन चुकता कर सकते हैं।
बीमा कवर: KCC धारकों को दुर्घटना बीमा और फसल बीमा का भी फायदा मिलता है।
पशुपालन और मछली पालन शामिल: खेती के अलावा डेयरी, मुर्गीपालन और मत्स्य पालन करने वाले किसान भी KCC का लाभ ले सकते हैं।
KCC के लिए कौन-कौन पात्र हैं?
स्वयं की जमीन वाले किसान: ऐसे किसान जिनके नाम पर कृषि योग्य भूमि है।
बटाईदार व किराएदार किसान: जो दूसरों की जमीन पर खेती करते हैं।
पशुपालक और मछुआरे: डेयरी या मछली पालन से जुड़े किसान।
उम्र सीमा: आवेदक की उम्र 18 से 75 वर्ष के बीच होनी चाहिए। (60 साल से अधिक उम्र के आवेदकों के लिए एक सह-आवेदक यानी Co-applicant होना अनिवार्य है)।
KCC बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज
पहचान पत्र: आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस।
निवास प्रमाण पत्र: आधार कार्ड, बिजली बिल या राशन कार्ड।
जमीन के कागज: खतौनी/खसरा की नकल और जमाबंदी की प्रति।
पासपोर्ट साइज फोटो (कम से कम 2-3 फोटो)।
शपथ पत्र: इस बात का प्रमाण कि आवेदक का किसी अन्य बैंक में KCC लोन बकाया नहीं है।
कैसे बनवाएं Kisan Credit Card?
आप KCC के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं:
A. ऑनलाइन आवेदन का तरीका:
जिस बैंक (SBI, PNB, HDFC, BOI आदि) में आपका खाता है, उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
होमपेज पर 'Kisan Credit Card' या 'KCC Application' का विकल्प चुनें।
ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत, कृषि भूमि और बैंक खाते की जानकारी भरें।
मांगे गए जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और 'Submit' पर क्लिक करें।
आवेदन जमा होने के बाद बैंक अधिकारी आपसे संपर्क करेंगे और वेरिफिकेशन के बाद कार्ड जारी कर दिया जाएगा।
(नोट: पीएम-किसान (PM-Kisan) लाभार्थी सीधे PM-Kisan पोर्टल से भी KCC के लिए एक-पेज का आसान फॉर्म डाउनलोड करके जमा कर सकते हैं।)
B. ऑफलाइन आवेदन का तरीका:
अपनी नजदीकी बैंक शाखा (निकटतम ग्रामीण या व्यावसायिक बैंक) में जाएं।
वहां से 'किसान क्रेडिट कार्ड फॉर्म' प्राप्त करें।
फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियां सही-सही भरें।
फॉर्म के साथ जमीन के कागजात और आधार कार्ड की फोटोकॉपी अटैच करें।
बैंक में फॉर्म जमा करने के 14 दिनों के भीतर बैंक अधिकारी लोन मंजूर कर KCC जारी कर देते हैं।
अगर आप किसान हैं और खेती या पशुपालन के लिए पैसों की तंगी से जूझ रहे हैं, तो महंगे साहूकारों के पास जाने के बजाय अपने नजदीकी बैंक में जाकर आज ही किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनवाएं और सिर्फ 4% की सस्ती दर पर लोन का लाभ उठाएं।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।