Salary Overdraft: अगर आपको इमरजेंसी में पैसै की जरूरत पड़ जाए तो आप क्या करोगे? अपने परिचितों के उधार लोगे या पर्सनल लोन रे लिए आवेदन करोगे। अब आपको लोन के लिए अप्लाई करने की जरूरत नहीं होगी। अगर आप सैलेरीड कर्मचारी हैं तो सैलेरी ओवरड्राफ्ट का फायदा उठा सकते हैं।
क्या है सैलरी ओवरड्राफ्ट?
हर महीने आपके बैंक अकाउंट में सैलरी आती है तो आप बैंक खाते से चेक कर सकते हैं कि आप ओवरड्राफ्ट के योग्य हैं या नहीं। अगर आप बैंक नियमों के मुताबिक ओवरड्राफ्ट लेने के लायक होंगो तो आपको कोई मुश्किल नहीं होगी। सैलेरी ओवरड्राफ्ट एक तरह का क्रेडिटा होता है जो आपको अपने सैलेरी खाते पर मिलता है। जब भी आपको पैसे की जरूरत हो तो आप सैलेरी अकाउंट से जीरो बैलेंस पर भी पैसे निकाल सकते हैं।
सिर्फ इन्हें मिलती है ओवरड्राफ्ट की सुविधा
सभी बैंक कस्टमर्स को ये सर्विस नहीं मिलती। बैंक कस्टमर और कंपनी की क्रेडिट प्रोफाइन को देखकर ही ओवरड्राफ्ट की सुविधा देता है। अगर आपको ओवरड्राफ्ट की सुविधा चाहिए तो आपको कस्टमर केयर पर बात करनी होगी।
सैलरी ओवरड्राफ्ट की सुविधा तब काफी काम आती है जब अचानक ही कोई खर्च आ जाए या कोई ईएमआई या एसआईपी जानी हो। अगर कोई चेक लगा है लेकिन अकाउंट में पैसे कम हैं तो चेक बाउंस हो सकता है तब ये ओवरड्राफ्ट की सुविधा मदद करती है।
सैलेरी ओवरड्राफ्ट होता है एक तरह का लोन
ओवरड्राफ्ट एक तरह से Instant Loan होता है। इस पर आपको ब्याज भी देना होता है। प्रोसेसिंग फीस भी देनी होती है। जैसे ICICI बैंक इंस्टा फ्लेक्सी कैश की सुविधा देता है और इसे ग्राहक ऑनलाइन एक्टिवेट करा सकते हैं। इस सुविधा के तह ग्राहक अपनी सैलेरी का तीन गुना ओवरड्राफ्ट ले सकते हैं। कस्टमर 48 घंटे में ओवरड्राफ्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं।
इसमें हर महीने 1 से 3 फीसदी का ब्याज देना होता है। यानी सालाना 12 से 30 फीसदी का ब्याज देना होता है। क्रेडिट कार्ड की तरह इस पर भी ज्यादा ब्याज लगता है।