Personal Loan EMI: कैसे मिलेगा सस्ता पर्सनल लोन? अप्लाई करने से पहले इन 8 बातों का रखें ध्यान

Personal Loan EMI: पर्सनल लोन लेते समय छोटी सी लापरवाही हजारों रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ा सकती है। ब्याज दर, क्रेडिट स्कोर, चार्ज और लोन अवधि जैसी बातों पर ध्यान देकर आप सस्ता लोन पा सकते हैं और कुल खर्च कम कर सकते हैं।

अपडेटेड Jun 16, 2026 पर 6:00 AM
बैंक सबसे पहले आपका क्रेडिट स्कोर देखते हैं।

Personal Loan EMI: आजकल पर्सनल लोन लेना पहले से काफी आसान हो गया है। मोबाइल ऐप से लेकर बैंक की वेबसाइट तक, हर जगह कुछ ही मिनटों में लोन का ऑफर मिल जाता है। लेकिन जल्दी पैसा मिलने के चक्कर में लोग अक्सर ब्याज दर और दूसरी शर्तों पर ध्यान नहीं देते। इसका नतीजा यह होता है कि वही रकम चुकाने के लिए उन्हें हजारों रुपये ज्यादा देने पड़ जाते हैं।

अगर आप थोड़ा होमवर्क कर लें, तो सस्ता पर्सनल लोन मिल सकता है और कुल खर्च भी काफी कम हो सकता है।

1. सिर्फ 2% कम ब्याज से बड़ी बचत


मान लीजिए आप 10 लाख रुपये का पर्सनल लोन 5 साल के लिए लेते हैं। अगर ब्याज दर 14% है, तो EMI करीब 23,268 रुपये बनेगी। पांच साल में कुल भुगतान लगभग 13.96 लाख रुपये होगा। यानी करीब 3.96 लाख रुपये सिर्फ ब्याज के रूप में जाएंगे।

अब मान लीजिए आपको यही लोन 12% ब्याज पर मिल जाता है। ऐसे में EMI करीब 22,244 रुपये होगी। कुल भुगतान लगभग 13.35 लाख रुपये रहेगा। यानी ब्याज करीब 3.35 लाख रुपये होगा। सिर्फ 2% कम ब्याज मिलने से आपकी करीब 61,000 रुपये की बचत हो सकती है।

2. क्रेडिट स्कोर जितना अच्छा, लोन उतना सस्ता

बैंक सबसे पहले आपका क्रेडिट स्कोर देखते हैं। यह बताता है कि आपने पहले लिए गए लोन और क्रेडिट कार्ड का भुगतान समय पर किया है या नहीं।

आमतौर पर 750 या उससे ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है। अच्छा स्कोर होने पर बैंक आपको कम जोखिम वाला ग्राहक मानते हैं। ऐसे में कम ब्याज दर मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

3. अलग-अलग बैंकों की तुलना जरूर करें

कई लोग जिस बैंक का पहला ऑफर मिलता है, वहीं से लोन ले लेते हैं। यह गलती महंगी पड़ सकती है। अलग-अलग बैंक और एनबीएफसी अलग ब्याज दरें देते हैं। एक ही व्यक्ति को कोई बैंक 12% पर लोन दे सकता है, जबकि दूसरा 15% तक चार्ज कर सकता है। इसलिए आवेदन करने से पहले कम से कम तीन-चार ऑफर जरूर देखें।

4. सिर्फ ब्याज नहीं, ये चार्ज भी देखें

कई बार कम ब्याज दर दिखाकर ग्राहक को आकर्षित किया जाता है। बाद में प्रोसेसिंग फीस, फाइल चार्ज, इंश्योरेंस और दूसरे शुल्क जोड़ दिए जाते हैं। इसलिए सिर्फ ब्याज दर देखकर फैसला न करें। कुल लागत कितनी बैठेगी, यह जरूर समझें।

5. जितनी जरूरत हो, उतना ही लोन लें

अगर आपको 3 लाख रुपये की जरूरत है, तो 5 लाख रुपये का लोन लेने का कोई फायदा नहीं है। जितना बड़ा लोन होगा, उतना ज्यादा ब्याज देना पड़ेगा। इसलिए जरूरत के हिसाब से ही रकम चुनें।

6. पहले से चल रहे कर्ज कम रखें

अगर आपकी सैलरी का बड़ा हिस्सा पहले से EMI में जा रहा है, तो बैंक आपको जोखिम वाला ग्राहक मान सकते हैं। क्रेडिट कार्ड का बड़ा बकाया या कई छोटे-छोटे लोन भी ब्याज दर बढ़ा सकते हैं। इसलिए नया लोन लेने से पहले पुराने बकाये को कम करना फायदेमंद हो सकता है।

7. प्री-अप्रूव्ड ऑफर पर नजर रखें

अगर आपका किसी बैंक में पुराना खाता है और लेनदेन का रिकॉर्ड अच्छा है, तो बैंक आपको प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन ऑफर दे सकता है। ऐसे मामलों में प्रोसेसिंग तेज होती है और कई बार ब्याज दर भी बेहतर मिल जाती है।

8. EMI कम रखने के चक्कर में ज्यादा नुकसान

बहुत से लोग कम EMI देखकर लंबी अवधि चुन लेते हैं। इससे हर महीने बोझ कम लगता है, लेकिन कुल ब्याज बढ़ जाता है। उदाहरण के लिए 10 लाख रुपये के लोन को 5 साल की जगह 7 साल तक खींचने पर EMI तो कम होगी, लेकिन कुल ब्याज हजारों रुपये बढ़ सकता है।

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