राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) भारत सरकार के जारी बचत बॉन्ड हैं। ज्यादातर टैक्सपेयर्स इसका इस्तेमाल लंबे समय के निवेश और टैक्स को बचाने के लिए करते हैं। एनएससी को भारतीय डाक यानी पोस्ट ऑफिस चलाता है। यह डाकघर की सभी शाखाओं में निवेश करने के लिए मिलते हैं। एनएससी को एक निवेश के रूप में सबसे कम जोखिम वाला निवेश माना जाता है। इससे निवेशकों को एक तय इनकम होती है। एनएससी में एनरोलमेंट कराने के बाद निवेशकों को एक एक सर्टिफिकेट दिया जाता है जिसमें निवेश से जुड़ी सभी जानकारी होती है।
जब योजना मैच्योरिटी पर पहुंचती है तो ये सर्टिफिकेट काफी महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट माना जाता है क्योंकि मैच्योरिटी पर इसे दिखाकर ही पैसे मिलते हैं। कई बार लोगों के ये फिजिकल डॉक्यूमें या तो चोरी हो जाते हैं या खो जाते हैं। अगर ऐसा होता है तो मैच्योरिटी पर आपको पेमेंट पाने में मुश्किल हो सकती है। कई बार पैसा रोक भी दिया जाता है लेकिन अब इसका हल है। आपक इसका डुप्लिकेट सर्टिफिकेट पा सकते हैं। आप अपने लिए निवेशक को डुप्लिकेट सर्टिफिकेट जारी करने की रिक्वेस्ट कर सकते हैं। फॉर्म NC-29 भरकर आप डुप्लीकेट सर्टिफिकेट ले सकते हैं। ये फॉर्म पासबुक के लिए भी भरा जाता है।
सर्टिफिकेट में होती है ये जानकारी
प्रमाण पत्र जारी करने का नाम
सर्टिफिकेट का सीरियल नंबर
जारी करने वाले पोस्ट ऑफिस का नाम
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट खोने पर सबसे पहले पुलिस के पास FIR दर्ज करानी होगी। डुप्लिकेट बनवाने के लिए आपको इसकी जरूरत होगी।
डुप्लिकेट एनएससी के लिए यहां करना होगा अप्लाई
अपने निकटतम डाकघर की शाखा में आवेदन भरें और जमा करें। आपकी एप्लिकेशन में एनएससी की जानकारी जैसे पैसा, अकाउंट नंबर और जारी करने की तारीख आदि की जानकारी होनी चाहिए। साथ ही डुप्लीकेट एनएससी बनवाने का कारण भी होना चाहिए। पोस्ट ऑफिसर का अधिकारी इस जानकारी को चेक करेगा। आपको बैंक गारंटी के साथ एक इन्डेमनिटी बॉन्ड भी जमा करना होगा। उसके बाद आपको डुप्लिकेट सर्टिफिकेट मिल जाएगा।