Mutual Funds Investment: अनिश्चितता का माहौल... अब म्यूचुअल फंड में कैसे करें निवेश? जानिए एक्सपर्ट से
Mutual Funds Investment: वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और बाजार में उतार चढ़ाव के बीच निवेशकों के सामने बड़ा सवाल है कि म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे किया जाए। एक्सपर्ट्स ने Index Funds, Large Cap रणनीति और किन सेक्टर्स पर फोकस रखना चाहिए, इसे विस्तार से समझाया है।
PL Asset Management का कहना है कि बाजार के सामने अभी कई जोखिम मौजूद हैं।
Mutual Funds Investment: ईरान संघर्ष के दौरान आई तेज गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार अब धीरे धीरे संभलता दिख रहा है। Nifty 50 अहम सपोर्ट लेवल के आसपास टिकने की कोशिश कर रहा है। बाजार में आई इस रिकवरी के बाद निवेशकों की दिलचस्पी फिर से सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट यानी नियमित निवेश की तरफ बढ़ने लगी है।
हालांकि वैश्विक अनिश्चितता, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू राजनीतिक तनाव अब भी बाजार के मूड को प्रभावित कर रहे हैं।
घबराकर निवेश बंद करना सही नहीं
MF King के मैनेजिंग डायरेक्टर डी डी शर्मा का कहना है कि ऐसे समय में निवेशकों को घबराकर फैसले लेने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि तेल कीमतों में तेजी या युद्ध जैसी घटनाएं बाजार में डर जरूर पैदा करती हैं, लेकिन इतिहास बताता है कि ऐसे झटके अक्सर अस्थायी होते हैं।
उन्होंने कहा कि कई निवेशक बाजार की गिरावट को बाहर निकलने का संकेत मान लेते हैं। जबकि ज्यादातर मामलों में अनिश्चितता कम होते ही बाजार में रिकवरी लौट आती है।
क्यों बढ़ रहा है Index Funds पर भरोसा
डी डी शर्मा के मुताबिक ऐसे उतार चढ़ाव वाले दौर में Mutual Funds और Index Funds के जरिए निवेश करना ज्यादा समझदारी भरा तरीका हो सकता है। उन्होंने कहा कि Nifty 50 Index Funds निवेशकों को भारत की टॉप 50 कंपनियों में एक साथ निवेश का मौका देते हैं।
इससे किसी एक शेयर पर निर्भरता कम होती है और बाजार को सही समय पर पकड़ने का जोखिम भी घट जाता है। उनके मुताबिक Passive Funds निवेशकों को लंबे समय तक बाजार में बने रहने में मदद करते हैं।
कौन सा Index Fund दिखा मजबूत
डी डी शर्मा ने कहा कि Nippon India Index Fund - Nifty 50 Plan इस कैटेगरी में मजबूत प्रदर्शन करने वाले फंड्स में शामिल है। उन्होंने बताया कि इस फंड का एक्सपेंस रेशियो सिर्फ 0.07 फीसदी है। वहीं, दूसरे कई Nifty 50 Index Funds में यह 0.12 फीसदी से 0.22 फीसदी तक है।
शर्मा के मुताबिक कम Expense Ratio का फायदा लंबे समय में निवेशकों को बेहतर नेट रिटर्न के रूप में मिल सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि Axis Nifty 50 Index Fund और DSP Nifty 50 Index Fund का एक्सपेंस रेशिोय क्रमशः 0.17 फीसदी और 0.18 फीसदी है। ज्यादा लागत लंबे समय में रिटर्न पर असर डाल सकती है।
5 साल में कैसा रहा प्रदर्शन
डी डी शर्मा के मुताबिक Nippon India Index Fund ने पिछले 5 साल में करीब 18.38 फीसदी का Rolling CAGR दिया है। उनका कहना है कि यह दिखाता है कि लंबे समय तक अनुशासित निवेश करने वालों के लिए Index Based Investing कितना असरदार हो सकता है।
बाजार के सामने कौन से खतरे
PL Asset Management का कहना है कि बाजार के सामने अभी कई जोखिम मौजूद हैं। इसमें कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, रुपये में कमजोरी, वैश्विक ग्रोथ की धीमी रफ्तार, सख्त वित्तीय हालात और सप्लाई चेन की दिक्कतें शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक ये सभी चीजें मिलकर भारत की आर्थिक वृद्धि पर दबाव डाल सकती हैं।
किन सेक्टर्स पर नजर रखने की सलाह
PL Asset Management ने निवेशकों को चयनात्मक और जोखिम को समझकर निवेश करने की सलाह दी है। कंपनी का मानना है कि लार्ज कैप स्टॉक्स के साथ वैल्यू, क्वालिटी और लो वोलैटिलिटी जैसे फैक्टर्स मौजूदा दौर में ज्यादा स्थिर साबित हो सकते हैं।
सेक्टर की बात करें तो इंडस्ट्रियल, ऑटो, एनर्जी, मेटल्स और PSU फाइनेंशियल जैसे घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े सेक्टर्स बेहतर स्थिति में दिख रहे हैं। वहीं IT जैसे एक्सपोर्ट से जुड़े सेक्टर्स पर वैश्विक मांग में कमजोरी का असर बना रह सकता है।
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