इंडिया के रिटेल पेमेंट सिस्टम UPI को सिंगापुर के PayNow से लिंक कर दिया गया है। जिस तरह UPI इंडिया का रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम है, उसी तरह PayNow सिंगापुर का रियल टाइम पेमेंट सिस्टम है। इससे दोनों देशों के लोगों को फायदा होगा। वे रियल टाइम में एक-दूसरे को पैसे भेज सकेंगे। यह सिस्टम कैसे काम करेगा, इससे कितने पैसे भेजे जा सकते हैं, इसका इस्तेमाल कैसे होगा? आइए इन सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं।
इस सुविधा से आप अपने बैंक अकाउंट या ई-वॉलेट में रखे पैसे को सिंगापुर में अपने दोस्त-रिश्तेदार को भेज सकेंगे। इसके लिए सिर्फ यूपीआई आईडी, मोबाइल नंबर या VPA की जरूरत पड़ेगी। इससे अब आपको पैसे भेजने के लिए बेनेफिशियरी का नाम, उसका बैंक अकाउंट, बैंक कोड आदि डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इस फैसिलिटी के पार्टिसिपेंट्स बैंक कौन-कौन है?
इंडिया में अभी सिर्फ 5-6 बैंक ही इस फैसिलिटी के पेमेंट नेटवर्क में शामिल है। प्रोडक्ट मैनेजमेंट मावेरिक सिस्टम के वाइस प्रेसिडेंट सुप्रतिक नाग ने कहा हमें उम्मीद है कि जल्द और बैंक इस पेमेंट नेटवर्क का हिस्सा बनेंगे। अभी SBI, Indian Overseas Bank, Indian Bank और ICICI Bank इनवार्ड और आउटवॉर्ड रेमिटेंस की सुविधा देंगे। एक्सिस बैंक और डीबीएस सिर्फ इनवार्ड रेमिटेंस की सुविधा देंगे।
रोजाना ट्रांसफर लिमिट कितनी है?
RBI ने अभी जो लिमिट तय की है उसके मुताबिक इंडियन यूजर्स रोजाना 60,000 रुपये ट्रांसफर कर सकेंगे। इस लिमिट को जल्द बढ़ाए जाने की उम्मीद है। RBI ने कहा है कि पैसे ट्रांसफर करते वक्त सिस्टम अपने आप यूजर को दोनों करेंसीज में ट्रांसफर अमाउंट की वैल्यू बताएगा।
ट्रांसफर में कितना समय लगेगा?
RBI ने बताया है कि UPI-PayNow के जरिए होने वाले ट्रांसफर में उतनी है टाइम लगेगा जितना समय देश के अंदर पैसे भेजने में लगता है। ट्रांजेक्शन एक मिनट से कम समय में पूरा हो जाएगा।
इससे आपको क्या फायदें होंगे?
PayNearby के एमडी और सीईओ आनंद कुमार बजाज ने कहा कि इस लिंकिंग से यूपीआई यूजर्स के लिए फैसिलिटी बढ़ जाएगी। यह दो देशों के बीच पेमेंट की शुरुआत की दिशा में बड़ा कदम है। इससे बगैर किसी दिक्कत, कम समय और कम लागत में पैसे भेजना मुमकिन होगा।