PPF Account Loan Rules Interest Rate: पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) को मुख्य रूप से लंबी अवधि में बड़ी संपत्ति बनाने के लिए जाना जाता है। लंबी समयावधि, टैक्स लाभ और सरकारी गारंटी की वजह से पीपीएफ निवेश को एक सुरक्षित और दीर्घकालिक निवेश माना जाता है। हालांकि कई पीपीएफ निवेशक एक बेहद महत्वपूर्ण विकल्प को नजरअंदाज कर देते हैं। वह है पीपीएफ बैलेंस के बदले लोन की सुविधा।
अगर आपको अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है तो आपको अपने निवेश को बीच में ही तोड़ने या बाजार से कोई दूसरा महंगा कर्ज लेने की आवश्यकता नहीं है। कुछ तय शर्तों के अधीन अपने पीपीएफ खाते पर लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि पीपीएफ खाते पर मिलने वाले इस सबसे सस्ते लोन के नियम और ब्याज दरें क्या हैं।
पीपीएफ खाते पर कब मिल सकता है लोन?
यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि पीपीएफ खाता खोलने के तुरंत बाद लोन की सुविधा उपलब्ध नहीं होती है। नियमों के मुताबिक लोन लेने की यह सुविधा खाता खोलने की तारीख से तीसरे वित्तीय वर्ष से शुरू होती है और छठे वित्तीय वर्ष की शुरुआत में समाप्त हो जाती है। इस तय समयावधि के बीत जाने के बाद खाते पर लोन की सुविधा नहीं ली जा सकती है। इसकी जगह पर खाताधारक कुछ विशिष्ट शर्तों के तहत अपने खाते से आंशिक निकासी के लिए पात्र हो जाते हैं।
पीपीएफ खाते पर कितना मिल सकता है लोन?
आप अपने पीपीएफ खाते से लोन के रूप में कितनी राशि निकाल सकते हैं, यह पूरी तरह से आपके खाते में जमा राशि पर निर्भर करता है। आमतौर पर कोई भी खाताधारक लोन के रूप में अधिकतम अपने खाते में जमा राशि का 25% तक ही लोन ले सकता है। यह अधिकतम लोन राशि पिछले वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में बचे हुए शेष बैलेंस के एक निश्चित प्रतिशत के आधार पर तय की जाती है। इसलिए आपकी उधारी इस बात पर निर्भर करेगी कि पिछले वर्ष आपके खाते में कितना बैलेंस शेष था। पीपीएफ योजना के माध्यम से मिलने वाले लोन के आधार पर कोई भी वित्तीय योजना बनाने से पहले इस गणना को ठीक से समझ लेना बेहद जरूरी है।
पीपीएफ खाते पर मिलने वाला लोन बाजार में मिलने वाले अन्य लोन के मुकाबले सबसे सस्ता होता है। इसका सीधा नियम है। पीपीएफ लोन की ब्याज दर वर्तमान में मिल रही पीपीएफ ब्याज दर से केवल 1% अधिक होती है। उदाहरण के लिए अगर आपके पीपीएफ खाते पर वर्तमान में 7।1% की दर से ब्याज मिल रहा है तो उस खाते पर लिए जाने वाले लोन की ब्याज दर सिर्फ 8.1% होगी।