SSY Update: अपनी बेटियों के सुरक्षित भविष्य और उनकी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए माता-पिता के बीच सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) बेहद लोकप्रिय है। ये सरकार के सपोर्ट और गारंटी से चलने वाली स्मॉल सेविंग स्कीम्स में सबसे अधिक ब्याज दरों की पेशकश करने वाली योजनाओं में से एक है। आपको बता दें कि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत एक दीर्घकालिक बचत योजनामाता-पिता को अपनी बेटी के लिए एक मजबूत वित्तीय आधार तैयार करने में मदद कर सकती है। इसमें हर साल जमा की जाने वाली एक निश्चित राशि समय के साथ एक बड़े फंड में बदल जाती है। आइए जानते हैं कि अगर आप इस योजना में हर साल ₹1.5 लाख का अधिकतम निवेश करते हैं तो क्या वाकई आपका पैसा तीन गुना से अधिक हो जाएगा और इसका पूरा गणित क्या है।
₹1.5 लाख के सालाना निवेश का गणित: क्या सच में 3 गुना होगा पैसा?
मनी कंट्रोल पर नवनीत दुबे की खास रिपोर्ट में इसे उदाहरण से समझाया गया है। मान लीजिए अगर कोई अभिभावक अपनी बेटी के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना खाते में हर साल ₹1.5 लाख का निवेश करता है तो मैच्योरिटी पर मिलने वाले रिटर्न को आसानी से कैलकुलेट किया जा सकता है। सुकन्या समृद्धि योजना पर मौजूदा समय में 8.2 प्रतिशत की दर से ब्याज मिल रहा है। इस खाते में सिर्फ 15 वर्षों तक ही पैसा जमा करना होता है। यह खाता 21 वर्षों के बाद मैच्योर होता है। ₹1.5 लाख सालाना के हिसाब से 15 साल में आपका कुल निवेश ₹22.5 लाख होता है।
मैच्योरिटी पर मिलने वाला रिटर्न
यहीं कंपाउंडिंग की ताकत देखने को मिलती है। इस पूरे टर्म के दौरान अर्जित किया गया कुल ब्याज आपके शुरुआती निवेश से कहीं अधिक हो जाता है। ये करीब ₹4932 लाख रुपये होता है। यानी 21 वर्ष की अवधि पूरी होने पर कुल फंड लगभग ₹71.82 लाख हो जाता है। इस कैलकुलेशन से साफ है कि समय के साथ आपका निवेश किया गया पैसा तीन गुना से भी अधिक हो जाता है।
योजना की मुख्य विशेषताएं और नियम
इस योजना में सालाना न्यूनतम ₹250 से लेकर अधिकतम ₹1.5 लाख तक का निवेश किया जा सकता है। यह खाता 10 वर्ष से कम उम्र की बेटी के नाम पर खोला जा सकता है। मौजूदा नियमों के मुताबिक इस योजना के तहत मिलने वाली मैच्योरिटी की पूरी राशि टैक्स-फ्री होती है। बेटी के 18 वर्ष के होने के बाद उसकी शिक्षा के खर्चों को पूरा करने के लिए खाते से आंशिक निकासी की अनुमति दी जाती है।
इन स्थितियों में नहीं मिलेगा ब्याज, ध्यान रखें ये शर्तें
21 साल पूरे होने पर: एक बार जब सुकन्या समृद्धि योजना खाता अपना 21 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लेता है तो उसके बाद उस पर कोई ब्याज देय नहीं होता है।
नागरिकता बदलने पर: अगर बेटी नॉन रेजिडेंट बन जाती है या भारत की नागरिकता खो देती है तो खाते पर मिलने वाला ब्याज तुरंत बंद हो जाता है।
अधिकतम सीमा से ज्यादा जमा: सालाना ₹1.5 लाख की निर्धारित सीमा से अधिक जमा की गई किसी भी राशि पर कोई ब्याज नहीं मिलता है और न ही वह टैक्स डिडक्शन के लिए पात्र होती है। ऐसी अतिरिक्त राशि को वापस कर दिया जाता है।
SSY खाता खोलने के लिए किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?
सुकन्या समृद्धि योजना की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आपको उस डाकघर या बैंक शाखा में जाना होगा जहां आपने आवेदन जमा किया है। वहां आपको फिजिकल डॉक्युमेंट्स जमा करने होंगे। इन दस्तावेजों में शामिल हैं:
मल्टीपल बर्थ (जुड़वां या तीन बच्चे) के मामले में: अगर एक साथ जुड़वां तीन या उससे अधिक बच्चों का जन्म होता है तो एक मेडिकल सर्टिफिकेट (चिकित्सा प्रमाण पत्र) और संबंधित संस्थान द्वारा मांगे गए अन्य अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने आवश्यक होते हैं।