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न बैंक, न ऐप और न ही UPI! सिर्फ 10 रुपये के नोट से चलता है करोड़ों रुपये का जावेरी बाजार, जानिए कैसे

जब पूरा देश UPI, मोबाइल बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट के दौर में आगे बढ़ चुका है। तब भी मुंबई के जावेरी बाजार में करोड़ों रुपये का सोना, हीरे और कैश एक ऐसे सिस्टम के जरिए भेजा जाती है, जो किसी ऐप या बैंक पर नहीं, बल्कि भरोसे पर चलता है

Edited By: Sheetalअपडेटेड Jun 05, 2026 पर 1:23 PM
न बैंक, न ऐप और न ही UPI! सिर्फ 10 रुपये के नोट से चलता है करोड़ों रुपये का जावेरी बाजार, जानिए कैसे
जब पूरा देश UPI, मोबाइल बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट के दौर में आगे बढ़ चुका है।

जब पूरा देश UPI, मोबाइल बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट के दौर में आगे बढ़ चुका है। तब भी मुंबई के जावेरी बाजार में करोड़ों रुपये का सोना, हीरे और कैश एक ऐसे सिस्टम के जरिए भेजा जाती है, जो किसी ऐप या बैंक पर नहीं, बल्कि भरोसे पर चलता है। यहां कई बार सिर्फ 10 रुपये के एक नोट का सीरियल नंबर करोड़ों रुपये के माल की पहचान और डिलीवरी का सबूत बन जाता है। सदियों पुराना अंगड़िया सिस्टम आज भी इतना मजबूत है कि बड़े-बड़े कारोबारी इसे आधुनिक बैंकिंग सिस्टम से ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं। आखिर क्या है यह अनोखी सिस्टम और कैसे चलता है इसका पूरा नेटवर्क, आइए समझते हैं।

क्या है अंगड़िया सिस्टम?

जावेरी बाजार में सोना, हीरे और कैश भेजने के लिए अंगड़िया सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। यह एक प्राइवेट कूरियर नेटवर्क है, जो मुंबई, सूरत, अहमदाबाद और अन्य व्यापारिक केंद्रों के बीच काम करता है। इस सिस्टम की शुरुआत गुजरात के व्यापारिक समुदायों ने की थी और आज भी कई कारोबारी पीढ़ियों से एक ही अंगड़िया परिवार की सर्विस लेते हैं। अंगड़िया कर्मचारी कैश, सोना या हीरे को खुद अपने साथ लेकर एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाते हैं। पूरा सिस्टम भरोसे पर आधारित होता है।

10 रुपये के नोट से कैसे होती है पहचान?

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