HUL-Kwality Wall’s demerger: शेयर बेचना चाहते हैं? तो पहले जान लें कैपिटल गेंस का कैलकुलेशन किस तरह होगा

हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) ने अपने आइसक्रीम बिजनेस (क्वालिटी वॉल्स) को अलग कर दिया है। क्वालिटी वॉल्स के शेयर 16 फरवरी को स्टॉक मार्केट्स पर लिस्ट हो गए। इस शेयरों को बेचने पर कैपिटल गेंस के नियम लागू होंगे

अपडेटेड Feb 16, 2026 पर 6:08 PM
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HUL ने नवंबर 2024 में अपने आइसक्रीम बिजनेस को डीमर्ज करने के प्रस्ताव को एप्रूव किया था।

क्वालिटी वॉल्स के शेयर 16 फरवरी को एनएसई पर 29.80 रुपये पर लिस्ट हो गए। शेयर 40.20 रुपये के इंडिकेटिव प्राइस से 25.87 से 25.87 फीसदी डिस्काउंट पर लिस्ट हुए। हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) ने अपने आइसक्रीम बिजनेस (क्वालिटी वॉल्स) को अलग कर दिया है। इस डीमर्जर का असर एचयूएल के निवेशकों के कैपिटसल गेंस टैक्स पर पड़ेगा।

डीमर्जर में मिले शेयर टैक्स के लिहाज से फ्री-नहीं माने जाते

जब कोई कंपनी डीमर्ज होती है और रिटेल इनवेस्टर्स को डीमर्ज हुई कंपनी के शेयर एलॉट होते हैं तो टैक्स के लिहाज से उन शेयरों को फ्री नहीं माना जाता है। इसकी वजह यह है कि निवेशकों को पेरेंट कंपनी में ऑरिजिनल इनवेस्टमेंट पर शेयर एलॉट होते हैं। इसका मतलब है कि इनवेस्टर्स ने पेरेंट कंपनी के शेयरों को खरीदने के लिए जो कीमत चुकाई है उसे पुरानी कंपनी और नई कंपनी के बीच विभाजित किया जाता है।


ट्रांसफर किए गए एसेट की बुक वैल्यू के आधार पर कैलकुलेशन 

टैक्स के नियमों के तहत यह विभाजन शेयरों के नेट बुक वैल्यू (NBV) के अनुपात में होता है। यह कंपनी के बुक्स के हिसाब से हर बिजनेस के ट्रांसफर किए गए एसेट्स को बताता है। उदाहरण के लिए अगर आपने एबीसी कंपनी में 1 लाख रुपये इनवेस्ट किया है और डीमर्जर के बाद 75 फीसदी बुक वैल्यू एबीसी के पास रहती है, जबकि बाकी 25 फीसदी नई कंपनी एक्सवायजेड के पास चली जाती है।

उदाहरण की मदद से आसानी से समझ सकते हैं

इसका मतलब है कि 75,000 रुपये आपके एबीसी कंपनी के शेयरों की वैल्यू मानी जाएगी। बाकी 25,000 रुपये की वैल्यू एक्सवायजेड कंपनी के शेयरों की होगी। इस कॉस्ट के आधार पर कैपिटल गेंस का कैलकुलेशन होगा। इसकी जरूरत तब पड़ेगी, जब आप शेयरों को बेचेंगे। अगर आप यह सोचते हैं कि नई कंपनी के शेयरों की वैल्यू आपके लिए फ्री मानी जाएगी तो यह सच नहीं है। आपको इस पर कैपिटल गेंस टैक्स चुकाना होगा। वह भी तब जब इन शेयरों को बेचेंगे।

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स के नियम

इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 2(42A) के तहत, नई कंपनी के शेयरों का होल्डिंग पीरियड पेंरेंट कंपनी के शेयरों का होल्डिंग पीरियड माना जाता है। इसका मतलब है कि अगर किसी इनवेस्टर ने डीमर्जर से 12 महीने से ज्यादा पहले पेरेंट कंपनी के शेयर को खरीदा था तो पेंरेंट कंपनी और डीमर्ज हुई कंपनी के शेयरों को बेचने पर हुए मुनाफे पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस चुकाना होगा। किसी शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड की यूनिट्स को 12 महीने के बाद बेचने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस के नियम लागू होते है। इसका रेट 12.5 फीसदी है। एक वित्त वर्ष में 1.25 लाख रुपये तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स-फ्री है।

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HUL के शेर 0.57 फीसदी चढ़कर हुए बंद

HUL ने नवंबर 2024 में अपने आइसक्रीम बिजनेस को डीमर्ज करने के प्रस्ताव को एप्रूव किया था। नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) ने 30 अक्तूबर, 2025 को डीमर्जर के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके लिए शेयरों का रेशियो 1:1 था। 16 फरवरी को एचयूएल के शेयर 0.57 फीसदी चढ़कर 2,318.30 रुपये पर बंद हुए। क्वालिटी वॉल्स के शेयर लिस्टिंग प्राइस से 1.28 फीसदी गिरकर 29.42 रुपये पर बंद हुए।

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