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आपने अगर नई और पुरानी इनकम टैक्स रीजीम में से किसी एक का चुनाव नहीं किया तो क्या होगा? जानिए CBDT का जवाब

Finance Minister निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी, 2023 को कहा था कि अगले फाइनेंशियल ईयर से इनकम टैक्स की नई रीजीम डिफॉल्ट रीजीम बन जाएगी। अब तक इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम डिफॉल्ट रीजीम थी

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 12, 2023 पर 5:44 PM
आपने अगर नई और पुरानी इनकम टैक्स रीजीम में से किसी एक का चुनाव नहीं किया तो क्या होगा? जानिए CBDT का जवाब
अगर कोई व्यक्ति इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम का इस्तेमाल करना चाहता है तो उसे सेक्शन 80सी के तहत टैक्स डिडक्शन की इजाजत मिलेगी। इससे उसकी टैक्सेबल इनकम 1.5 लाख रुपये तक घट जाएगी।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने इनकम टैक्स की नई रीजीम को लेकर नया नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें कहा गया है कि अगर कोई एंप्लॉयी ओल्ड टैक्स रीजीम को सेलेक्ट करना भूल जाता है तो न्यू टैक्स रीजीम उसकी डिफॉल्ट रीजीम मान ली जाएगी। फिर, इस रीजीम के हिसाब से TDS काटा जाएगा। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करते वक्त कहा था कि FY24 से टैक्स की नई रीजीम डिफॉल्ट रीजीम होगी। इससे पहले इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम डिफॉल्ट रीजीम होती थी।

CDBT ने क्या कहा है?

सीबीडीटी के सर्कुलर में कहा गया है कि अगर एंप्लॉयी की तरफ से कंपनी के फाइनेंस डिपार्टमेंट को टैक्स रीजीम के बारे में नहीं बताया जाता है तो यह मान लिया जाएगा कि एंप्लॉयी डिफॉल्ट रीजीम का इस्तेमाल करना चाहता है। ऐसी स्थिति में एंपलॉयर सेक्शन 192 के तहत सोर्स पर टैक्स कटौती कर सकता है। एंप्लॉयी से टैक्स रीजीम की जानकारी हासिल करना एंप्लॉयर की जिम्मेदारी है।

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