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स्मॉल सेविंग्स स्कीम में निवेश 10 लाख से ज्यादा तो देना पड़ेगा इनकम का प्रूफ

इंडिया पोस्ट के जिन डिपॉजिटर्स ने आधार सब्मिट नहीं किया है, उनके लिए 30 सितंबर, 2023 से पहले इसे सब्मिट कर देना जरूरी है। अगर डिपॉजिटर्स ने पैन सब्मिट नहीं किया है तो दो शर्तों में किसी एक के लागू होने पर दो महीने के अंदर उसे सब्मिट करना जरूरी है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 30, 2023 पर 6:11 PM
स्मॉल सेविंग्स स्कीम में निवेश 10 लाख से ज्यादा तो देना पड़ेगा इनकम का प्रूफ
पोस्टल अथॉरिटीज को 10 लाख रुपये और उससे ज्यादा के कैश ट्रांजेक्शन के बारे में रिपोर्ट करने की जिम्मेदारी दी गई है।

आज भी स्मॉल सेविंग्स स्कीमों (Small Savings Scheme) में लोगों की दिचस्पी बनी हुई है। इसकी वजह यह है कि इनमें निवेश करने में किसी तरह का रिस्क नहीं होता है। अब सरकार ने इन स्कीमों में भी डिपॉजिट के नियम सख्त कर दिए हैं। इसका मकसद मनी लाउंड्रिंग औ आतंकवादी गतिविधियों के लिए फाइनेंसिंग पर रोक लगाना है। हाल में सरकार की तरफ से जारी एक सर्कुलर में कहा गया है कि अब इन स्कीमों में KYC सहित दूसरे नियमों का सख्ती से पालन होगा। सर्कुलर के मुताबिक, इनवेस्टर्स को तीन कैटेगरी-लो, मीडियम और हाई रिस्क में बांटा गया है।

इनवेस्टर्स के लिए तीन कैटेगरी

लो रिस्क कैटेगरी के तहत ऐसे निवेशक आते हैं जिनके इनवेस्टमेंट की मैच्योरिटी वैल्यू 50,000 रुपये तक होती है या सेविंग्स अकाउंट में उनका बैलेंस 50,000 रुपये को पार नहीं करता है। मीडियम रिस्क कैटेगरी में ऐसे निवेशक आते हैं जिनका इनवेस्टमेंट 50,000 रुपये से 10 लाख रुपये के बीच होता है। हाई रिस्क कैटेगरी में ऐसे इनवेस्टर्स आते हैं, जिनके इनवेस्टमेंट की वैल्यू 10 लाख रुपये से ज्यादा होती है।

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