Income Tax Bill 2025: सरकार ने पेश किया संशोधित इनकम टैक्स बिल, 285 से अधिक नई सिफारिशें शामिल

Income Tax Bill 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को संसद में इनकम टैक्स बिल 2025 पेश किया। यह पुराने टैक्स कानून को पूरी तरह बदल देगा। इसमें चयन समिति की 285 से अधिक सिफारिशें शामिल हैं। जानिए पूरी डिटेल।

अपडेटेड Aug 11, 2025 पर 4:20 PM
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सरकार ने 8 अगस्त को पुराने मसौदे को औपचारिक रूप से वापस ले लिया था।

Income Tax Bill 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को संसद में इनकम टैक्स (संख्या 2) विधेयक, 2025 पेश किया। यह संशोधित विधेयक इनकम टैक्स एक्ट, 1961 को पूरी तरह बदल देगा। इसका मकसद टैक्स कानूनों को सरल बनाना है।

सरकार ने 8 अगस्त को पुराने मसौदे को औपचारिक रूप से वापस ले लिया था। यह मसौदा फरवरी में पेश हुआ था, जिसे समीक्षा के लिए चयन समिति को भेजा गया था। नए संस्करण में चयन समिति की 285 से अधिक सिफारिशें और विभिन्न हितधारकों के सुझाव शामिल किए गए हैं।

चयन समिति की प्रमुख सिफारिशें


चार महीने की विस्तृत समीक्षा के बाद समिति ने 4,500 पन्नों की रिपोर्ट में कई अहम बदलाव सुझाए। इनमें से कुछ नीचे दी गई प्रमुख हैं।

  • देर से रिटर्न दाखिल करने वालों को भी टैक्स रिफंड का अधिकार।
  • इंटर-कॉरपोरेट डिविडेंड पर ₹80 लाख की कटौती का प्रावधान बहाल।
  • टैक्स देनदारी न होने पर एडवांस NIL-TDS सर्टिफिकेट की सुविधा।
  • खाली घरों पर ‘नोशनल रेंट’ टैक्स हटाया गया।
  • म्यूनिसिपल टैक्स घटाने के बाद 30% स्टैंडर्ड डिडक्शन और किराए पर दिए मकान पर ब्याज कटौती जारी।
  • पीएफ निकासी पर TDS, एडवांस रूलिंग फीस और पेनाल्टी के नियम स्पष्ट किए गए।
  • MSME की परिभाषा MSME एक्ट के अनुरूप।
  • धाराओं की नंबरिंग और शब्दावली में सुधार।
  • प्रॉपर्टी वर्गीकरण में स्पष्ट शब्दावली।
  • गैर-कर्मचारी व्यक्तियों को भी कम्यूटेड पेंशन डिडक्शन का लाभ।

नया बनाम पुराना बिल

नया बिल 536 धाराओं और 16 शेड्यूल में सुव्यवस्थित रूप से तैयार किया गया है। वहीं, पुराना कानून कई दशकों से लागू था और उसकी भाषा आम करदाता के लिए जटिल मानी जाती थी। इसमें 'प्रीवियस ईयर' और 'असेसमेंट ईयर' की जगह अब 'टैक्स ईयर' का इंटीग्रेटेड कॉन्सेप्ट होगा।

नए बिल में गैर-जरूरी और विरोधाभासी प्रावधानों को हटाकर मुकदमों में कमी लाने की कोशिश की गई है। साथ ही, डिजिटल युग के अनुरूप नियम बनाने के लिए CBDT को अधिक अधिकार दिए गए हैं, जो पहले सीमित थे।

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