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Income Tax Budget 2026: टैक्स स्लैब रेट्स को आसान बनाने और डिडक्शंश बढ़ाने से टैक्सपेयर्स को मिलेगी बड़ी राहत

लोगों के खर्च करने की आदत खासकर मेट्रो शहरों में काफी बदली है। इससे अपर-मिडिल क्लास के टैक्सपेयर्स उम्मीद से पहले ज्यादा टैक्स वाले स्लैब में पहुंच जाते हैं। सरकार हायर टैक्स स्लैब पर पुनर्विचार कर सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 22, 2026 पर 8:46 PM
Income Tax Budget 2026: टैक्स स्लैब रेट्स को आसान बनाने और डिडक्शंश बढ़ाने से टैक्सपेयर्स को मिलेगी बड़ी राहत
एक निश्चित सीमा के बाद रेगुलेर टैक्स चुकाने वाले लोगों के लिए इनसेंटिव शुरू की जा सकती है।

यूनियन बजट पेश होने की तारीख नजदीक आ रही है। सरकार बजट में इनकम टैक्स स्लैब रेट्स को आसान बनाने और डिडक्शंस बढ़ाने का ऐलान कर सकती है। इससे टैक्सपेयर्स को काफी राहत मिलेगी। सरकार ने पिछले कुछ सालों में इनकम टैक्स के नियमों को आसान बनाने की कोशिश की है। लेकिन, इसे और आसान बनाने की जरूरत है।

1. इनकम टैक्स को इनफ्लेशन से लिंक करने की जरूरत

टैक्स स्लैब की सीमा स्थिर बनी हुई है, जबकि इनफ्लेशन की वजह से कॉस्ट लिविंग बढ़ी है। अगर टैक्स स्लैब रेट्स को इनफ्लेशन से लिंक कर दिया जाता है तो इससे सिर्फ रोजाना के बढ़ते खर्च की वजह से टैक्सपेयर्स को ज्यादा टैक्स वाले ब्रैकेट में जाने से रोका जा सकता है। इनफ्लेशन से स्लैब को लिंक करने से परिवारों के लिए अपना बजट बनाना भी आसान होगा।

2. हायर टैक्स स्लैब की लिमिट बढ़ाई जाए

लोगों के खर्च करने की आदत खासकर मेट्रो शहरों में काफी बदली है। इससे अपर-मिडिल क्लास के टैक्सपेयर्स उम्मीद से पहले ज्यादा टैक्स वाले स्लैब में पहुंच जाते हैं। सरकार हायर टैक्स स्लैब पर पुनर्विचार कर सकती है। उदाहरण के लिए 30 फीसदी टैक्स के लिए टैक्स स्लैब को बढ़ाकर 30 लाख किया जा सकता है। इसके अलावा स्लैब के बैंड्स को 7 से घटाकर 5 किया जा सकता है।

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