Check your AIS every Quarter: कई टैक्सपेयर्स साल में सिर्फ एक बार इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) फाइल करने से पहले अपना Annual Information Statement (AIS) चेक करते हैं। फाइनेंस मिनिस्ट्री (Finance Ministry) का कहना है कि टैक्सपेयर्स को हर तिमाही अपना एआईएस चेक करना चाहिए। इससे एआईएस में किसी तरह की गड़बड़ी का पता उन्हें चल जाएगा। फिर, इसे ठीक कराया जा सकता है।
एआईएस में फॉर्म 26एएस के मुकाबले ज्यादा जानकारियां होती हैं। फॉर्म 26एएस (Form 26AS) में एक फाइनेंशियल ईयर में प्रॉपर्टी पर्चेज, ज्यादा वैल्यू के इनवेस्टमेंट और TDS/TCS ट्रांजेक्शन की जानकारियां होती है। एआईएस में सेविंग्स अकाउंट इंटरेस्ट्स, डिविडेंड्स, रेंट इनकम, सिक्योरिटीज की खरीद-बिक्री से जुड़े ट्रांजेक्शन, विदेशी से आए पैसे, जीएसटी टर्नओवर सहित कई अतिरिक्त जानकारियां भी होती हैं।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने पिछले साल नवंबर में अपनी वेबसाइट पर AIS की फैसिलिटी शुरू की थी। इसका मकसद टैक्सपेयर्स को एक फाइनेंशियल ईयर में उससे जुड़े हर तरह के ट्रांजेक्शन की जानकारी देना है। अगर आप हर तिमाही इसे चेक करते हैं तो किसी तरह के गलत डिडक्शन या ट्रांजेक्शन की जानकारी आपको मिल जाएगी। फिर, आप इसे ठीक कराने के लिए प्रोसेस शुरू कर सकते हैं।
फाइनेंस मिनिस्ट्री ने क्या कहा है?
फाइनेंस मिनिस्ट्री में ज्वाइंट सेक्रेटरी कमलेश वार्ष्णेय (Kamlesh Varshney) ने सोमवार को एक कार्यक्रम में टैक्सपेयर्स को हर तिमाही अपना एआईएस चेक करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "आपको न सिर्फ रिटर्न फाइलिंग के समय बल्कि हर तिमाही अपना एआईएस चेक करना चाहिए। इससे किसी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर उसकी रिपोर्ट की जा सकती है। इससे किसी तरह के बेनेफिट का गलत फायदा उठाने वाले व्यक्ति को पकड़ा जा सकता है।"
AIS का कितना असर पड़ा है?
उन्होंने कहा कि AIS की वजह से काफी लोग इनकम टैक्स से जुड़े नियमों का पालन करने लगे हैं। इसकी वजह यह है कि इसके जरिए एसेसी को इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते वक्त उससे जुड़े फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन की सभी जानकारियां मिल जाती हैं। उन्होंने एक उदाहरण देकर बताया कि इसके वजह से किस तरह टैक्स कंप्लायंस बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर कोई एंप्लॉयल एचआरए डिडक्शन क्लेम करने के लिए अपने एंप्लॉयल को फर्जी डेक्लेरेशन सब्मिट करता है तो वह पकड़ा जा सकता है। इसकी वजह यह है कि उसका डेक्लेरेशन उस व्यक्ति के एआईएस पर भी उपलब्ध होगा, जिसके बैंक अकाउंट में रेंट का पैसा क्रेडिट हुआ है। इसलिए उन्होंने हर तिमाही टैक्सपेयर्स को एआआईएस चेक करने की सलाह दी।
एआईएस को चेक करने के लिए टैक्सपेयर को इनकम टैक्स की वेबसाइट पर लॉग-इन करना होगा। फिर ई फाइलिंग पोर्टल पर 'सर्विसेज' टैब में एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट दिखेगा। इस पर आपको क्लिक करना होगा। फिर आपको एआईएस देखने के लिए संबंधित फाइनेंशियल ईयर को सेलेक्ट करना होगा।