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Income Tax: मैं नई रीजीम में स्विच करने के बारे में सोच रहा हूं? क्या मुझे PPF, ELSS में निवेश जारी रखना चाहिए?

Income Tax: पीपीएफ और ईएलएसएस दोनों काफी लोकप्रिय लॉन्ग टर्म इनवेस्टमेंट ऑप्शंस रहे हैं। इनमें निवेश से लंबी अवधि में आसानी से बड़ा फंड तैयार हो जाता है साथ ही टैक्स बेनेफिट भी मिलता है। टैक्स बेनेफिट सिर्फ इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम में मिलता है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Feb 28, 2026 पर 11:55 AM
Income Tax: मैं नई रीजीम में स्विच करने के बारे में सोच रहा हूं? क्या मुझे PPF, ELSS में निवेश जारी रखना चाहिए?
इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम में कई इनवेस्टमेंट ऑप्शंस पर डिडक्शन मिलता है, जो नई रीजीम में नहीं मिलता है।

Income Tax: क्या आप इनकम टैक्स की नई रीजीम में जाने की सोच रहे हैं या आपने पहले से ही इसमें स्विच हो चुके हैं? अगर हां तो आपको अपनी इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी को रिव्यू करना होगा। इसकी वजह यह है कि इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम में कई इनवेस्टमेंट ऑप्शंस पर डिडक्शन मिलता है, जो नई रीजीम में नहीं मिलता है। टैक्सपेयर्स खासकर इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स नई रीजीम में अब ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे है। इसकी वजह यह है कि इसमें टैक्स के रेट्स कम हैं और यह काफी आसान है।

पीपीएफ और ईएलएसएस पर टैक्स बेनेफिट्स

सवाल है कि अगर आप नई रीजीम का इस्तेमाल करने वाले हैं या कर रहे हैं तो आपके पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS) में निवेश का क्या होगा? ये दोनों काफी लोकप्रिय लॉन्ग टर्म इनवेस्टमेंट ऑप्शंस रहे हैं। इनमें निवेश से लंबी अवधि में आसानी से बड़ा फंड तैयार हो जाता है साथ ही टैक्स बेनेफिट भी मिलता है। दोनों इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80सी के तहत आते हैं।

प्लानरूपी इनवेस्टमेंट सर्विसेज के फाउंडर अमोल जोशी ने कहा, "नई टैक्स रीजीम में आपको पीपीएफ और ईएलएसएस जैसे सेक्शन 80सी के तहत आने वाले इनवेस्टमेंट ऑप्शंस पर टैक्स बेनेफिट नहीं मिलेगा। इसका मतलब है कि अगर आप टैक्स बेनेफिट्स के लिए इनमें निवेश कर रहे हैं तो आपको इनमें निवेश जारी रखने की जरूरत नहीं है।" उन्होंने कहा कि लेकिन आपको भविष्य के फाइनेंशियल गोल्स को हासिल करने के लिए सेक्शन 80सी के बाहर के इनवेस्टमेंट ऑप्शंस में निवेश करना होगा।

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