Get App

Income Tax Refund: रिवाइज्ड रिटर्न फाइल नहीं किया तो रिफंड आने में और देर हो सकती है

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा है कि टैक्सपेयर्स को मेल को नोटिस की तरह नहीं लेना चाहिए। इसका मकसद उन्हें सिर्फ यह बताना है कि ऑरिजिनल रिटर्न में उनकी तरफ से क्लेम किए गए डिडक्शंस और एग्जेम्प्शन सही नहीं लग रहे। इसलिए टैक्सपेयर्स को अपने ऑरिजिनल रिटर्न को फिर से चेक कर लेना चाहिए

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Dec 25, 2025 पर 7:22 PM
Income Tax Refund: रिवाइज्ड रिटर्न फाइल नहीं किया तो रिफंड आने में और देर हो सकती है
किसी टैक्सपेयर्स को यह लगता है कि उसने किसी डेटा को बढ़ाकर पेश किया है या गलत डिडक्शन क्लेम किया है तो वह 31 दिसंबर तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकता है।

कई टैक्सपेयर्स का रिटर्न अब तक नहीं आया है। इस बार इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर थी। आम तौर पर रिटर्न फाइल करने के 3-4 हफ्तों में रिफंड टैक्सपेयर्स के बैंक अकाउंट में क्रेडिट हो जाता है। लेकिन, इस बार मामला कुछ अलग है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने खुद इस बारे में बताया है।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने भेजे हैं मेल्स

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा है कि उसने ऐसे टैक्सपेयर्स के लिए NUDGE कैंपेन शुरू किया है, जिनके एग्जेम्प्शन, डिडक्शन और रिफंड के क्लेम में गड़बड़ी पाई गई है। इस बार इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने रिटर्न की जांच के लिए टेक्नोलॉजी का ज्यादा इस्तेमाल किया है। डिपार्टमेंट के सिस्टम ने कई रिटर्न को चिह्नित किया है, जिनके डेटा फॉर्म 16 या फॉर्म 26एएस के डेटा से मैच नहीं करते हैं। कुछ मामलों में गलत एचआरए क्लेम का संदेह है। कुछ रिटर्न में डोनेशन पर क्लेम किए गए डिडक्शन को लेकर डिपार्टमेंट को संदेह है।

टैक्सपेयर्स को मेल को नोटिस नहीं समझना चाहिए

सब समाचार

+ और भी पढ़ें