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Income Tax Return: शेयरों या म्यूचुअल फंड में निवेश से लॉस हुआ तो इसे आईटीआर में बताना नहीं भूलें, यहां जानिए इसके फायदें

कैपिटल लॉस को इनकम टैक्स रिटर्न में बताने के कई फायदें हैं। इस लॉस को आप भविष्य में कैपिटल गेंस के साथ एडजस्ट कर सकते हैं। लेकिन, यह फायदा आपको तभी मिलेगा जब आप अपने आईटीआर में कैपिटल लॉस के बारे में बताएंगे

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jul 25, 2025 पर 12:21 PM
Income Tax Return: शेयरों या म्यूचुअल फंड में निवेश से लॉस हुआ तो इसे आईटीआर में बताना नहीं भूलें, यहां जानिए इसके फायदें
इनकम टैक्स में शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस के नियम अलग-अलग हैं।

क्या आपको फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में शेयर, म्यूचुअल फंड्स की यूनिट्स या प्रॉपर्टी को बेचने पर लॉस हुआ है? क्या आप यह सोच रहे हैं कि इसके बारे में आपको इनकम टैक्स रिटर्न में बताना चाहिए या नहीं? इसका जवाब यह है कि आपको इसकी जानकारी इनकम टैक्स रिटर्न में देनी चाहिए। अगर आपको किसी तरह का प्रॉफिट नहीं हुआ है तो भी रिटर्न में बताना चाहिए। आइए जानते हैं इसकी क्या वजह है।

ITR में कैपिटल लॉस बताने के फायदें

फाइनेंशियल प्लैनर्स का कहना है कि लॉस को इनकम टैक्स रिटर्न में बताने के कई फायदें हैं। टैक्सबडी के फाउंडर सुजीत बांगर ने कहा, "इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के दौरान कैपिटल लॉस के बारे में बताना बहुत जरूरी है। इससे आपको भविष्य में होने वाले प्रॉफिट को सेट-ऑफ करने में मदद मिलेगी।" दरअसल, इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग में सेट-ऑफ का बड़ा रोल होता है। इससे आपकी टैक्सेबल इनकम कम हो जाती है।

लॉस या प्रॉफिट सेट-ऑफ का मतलब

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