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Abhishek Gupta FEBRUARY 01, 2026 / 11:58 PM IST

Income Tax Slab Budget 2026 Highlights: बजट में इनकम टैक्स को लेकर लिए गए बड़े फैसले, जानिए आम जनता के लिए क्या रहा खास?

Income Tax Slab Budget 2026 Highlights: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में विदेश पैसे भेजने वालों को बड़ी राहत देते हुए TCS की दरों को काफी कम कर दिया है। अब विदेशी टूर पैकेज खरीदने पर लगने वाले 5% से 20% के टैक्स को घटाकर मात्र 2% कर दिया गया है, और इसके लिए कोई न्यूनतम सीमा भी नहीं रखी गई है

Income Tax Slab Budget 2026 Highlights: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल के बजट में इनकम टैक्स स्लैब को जस का तस रखा है। इसका सीधा अर्थ यह है कि टैक्स की दरों में कटौती की उम्मीद लगाए बैठे करदाताओं को कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिलेगा। नई कर व्यवस्था के अनुसार, सालाना ₹4 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स देय नहीं होगा, जबकि इसके ऊपर आय बढ़ने पर टैक्स की दरें 5% (₹4-8 लाख), 10% (₹8-12 ल

Income Tax Slab Highlights: बजट में इनकम टैक्स को लेकर लिए गए बड़े फैसले
Income Tax Slab Highlights: बजट में इनकम टैक्स को लेकर लिए गए बड़े फैसले
FEBRUARY 01, 2026 / 11:56 PM IST

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    FEBRUARY 01, 2026 / 11:51 PM IST

    Income Tax Slab Live: टैक्स नियम हुए आसान, जानिए मुख्य बदलाव

    - आयकर रिटर्न में गलती सुधारने की समयसीमा अब 31 मार्च तक

    - TDS और TCS नियम सरल, कागजी झंझट कम और कैश फ्लो बेहतर

    - टैक्स विवादों में अग्रिम जमा राशि घटाई गई

    - कॉरपोरेट टैक्स में MAT कम और STT बढ़ाया गया

    - छोटे करदाताओं को विदेशी संपत्तियों की घोषणा का एकमुश्त मौका विशेष अनुपालन विंडो के तहत होगा।

      FEBRUARY 01, 2026 / 11:42 PM IST

      Income Tax Slab Live: वरिष्ठ नागरिकों के लिए सस्ती होगी हेल्थकेयर, ऑनलाइन कस्टम डिक्लेरेशन में आसानी

      बजट 2026 में वरिष्ठ नागरिकों को राहत देने के लिए सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक किफायती बनाने की घोषणा की है। 17 कैंसर दवाओं और रेयर डिजीज की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी हटा दी गई है, साथ ही ‘बायोफार्मा शक्ति’ कार्यक्रम शुरू किया गया है जो समय के साथ हेल्थकेयर लागत कम करेगा। इसके अलावा विदेश यात्रा करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए ऑनलाइन कस्टम डिक्लेरेशन प्रक्रिया आसान कर दी गई है।

        FEBRUARY 01, 2026 / 11:24 PM IST

        Income Tax Slab Live: हर रुपये में 64 पैसे टैक्स से, आयकर देगा सबसे बड़ा हिस्सा

        बजट दस्तावेजों के अनुसार सरकार के खजाने में आने वाले हर रुपये में सबसे बड़ा हिस्सा यानी 64 पैसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों से मिलेगा। इसमें आयकर से 21 पैसे, कॉरपोरेशन टैक्स से 18 पैसे और जीएसटी से 15 पैसे आएंगे। वहीं 24 पैसे उधारी और अन्य देनदारियों से, 10 पैसे गैर-कर राजस्व जैसे विनिवेश से और 2 पैसे गैर-ऋण पूंजीगत रसीदों से जुटाए जाएंगे।

          FEBRUARY 01, 2026 / 11:17 PM IST

          Income Tax Slab Live: टैक्स नियम होंगे आसान, कारोबार और उद्योगों को मिलेगी राहत

          बजट 2026-27 में सरकार ने टैक्स व्यवस्था को सरल बनाने और कारोबार को सहारा देने पर जोर दिया है। 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम लागू होगा, जिसके तहत टैक्स नियम और फॉर्म आसान किए जाएंगे ताकि आम करदाता आसानी से रिटर्न भर सकें। नौकरीपेशा और छोटे करदाताओं को राहत देते हुए संशोधित रिटर्न की समयसीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। विदेश यात्रा पैकेज, शिक्षा और इलाज पर लगने वाला TCS घटाकर 2% कर दिया गया है, सहकारिता और पशुपालक संस्थाओं को अतिरिक्त लाभ मिलेगा। आईटी सेवाओं के लिए सेफ हार्बर नियम आसान किए गए हैं और डेटा सेंटर आधारित क्लाउड कंपनियों को 2047 तक टैक्स राहत दी गई है। साथ ही बैटरी, सोलर, न्यूक्लियर, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स और जरूरी दवाओं के आयात पर सीमा शुल्क में छूट देकर उद्योगों को मजबूती देने की कोशिश की गई है।

            FEBRUARY 01, 2026 / 11:04 PM IST

            Income Tax Slab Live: एनआरआई के लिए टैक्स नियम आसान, ड्यूटी-फ्री अलाउंस बढ़ा और प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन सरल

            वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को एनआरआई के लिए कई अहम टैक्स बदलावों की घोषणा की है। बजट में एनआरआई यात्रियों के लिए ड्यूटी-फ्री अलाउंस बढ़ाया गया, वहीं प्रॉपर्टी खरीदने पर अब रेजिडेंट खरीदारों को TAN की जगह केवल PAN इस्तेमाल करने की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा ओवरसीज टूर पैकेज और विदेश भेजी जाने वाली रकम पर टैक्स कलेक्शन दरें घटाई गईं, जिससे एनआरआई के लिए लेन-देन और आसान हो जाएगा।

              FEBRUARY 01, 2026 / 10:50 PM IST

              Income Tax Slab Live: NPS में टैक्स-फ्री विदड्रॉअल सीमा 60% पर ही बरकरार, 80% तक राहत नहीं

              NPS सब्सक्राइबर्स को उम्मीद थी कि बजट 2026 में टैक्स-फ्री लंपसम विदड्रॉअल की सीमा 60% से बढ़ाकर 80% कर दी जाएगी, लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी के भाषण में ऐसी कोई घोषणा नहीं की। नतीजतन, 60% हिस्सा ही टैक्स-फ्री रहेगा, जबकि शेष 20% कॉर्पस पर टैक्स लग सकता है।

                FEBRUARY 01, 2026 / 10:28 PM IST

                Income Tax Slab Live: सात रणनीतिक क्षेत्रों में विनिर्माण को बढ़ावा, सेमीकंडक्टर से वस्त्र तक बड़े प्रावधान

                बजट 2026 में सरकार ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विनिर्माण गतिविधियों को मजबूत करने पर खास जोर दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सात रणनीतिक और उभरते क्षेत्रों सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जे, दवाइयां, रेयर एअर्थ मिनरल्स, रसायन, पूंजीगत वस्तुएं और वस्त्र को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके साथ ही बायोफार्मा और कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए 20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स योजनाओं का बजट भी बढ़ाया गया है। कुल मिलाकर, यह बजट भारत को आत्मनिर्भर और ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

                  FEBRUARY 01, 2026 / 10:00 PM IST

                  Income Tax Slab Live: नई टैक्स व्यवस्था में NPS सेल्फ-कॉन्ट्रिब्यूशन पर नहीं मिली कोई राहत

                  कई NPS सब्सक्राइबर्स को उम्मीद थी कि बजट 2026 में व्यक्तिगत योगदान पर अतिरिक्त टैक्स लाभ मिलेगा, लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी के भाषण में ऐसी कोई घोषणा नहीं की। नई टैक्स व्यवस्था में फिलहाल केवल एम्प्लॉयर कॉन्ट्रिब्यूशन पर ही टैक्स छूट जारी है, जबकि स्वयं के योगदान पर कोई राहत नहीं दी गई है।

                    FEBRUARY 01, 2026 / 9:40 PM IST

                    Income Tax Slab Live: एमके स्टालिन ने बजट को बताया निराशाजनक, केंद्र पर भेदभाव का आरोप

                    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने केंद्रीय बजट 2026-27 को राज्य के लिए पूरी तरह निराशाजनक करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कर राजस्व बंटवारे, जीएसटी, जल जीवन मिशन, शिक्षा और ग्रामीण योजनाओं में तमिलनाडु को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। स्टालिन ने कहा कि 41% से 50% टैक्स हिस्सेदारी की मांग को भी अनसुना कर दिया गया है, जिससे राज्य को आने वाले वर्षों में भारी नुकसान होगा। उन्होंने पीएम प्रशिक्षण योजना, ग्रामीण सड़क और आवास योजनाओं में कटौती पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह बजट तमिलनाडु के साथ केंद्र के “सौतेले व्यवहार” को साफ तौर पर दिखाता है।

                      FEBRUARY 01, 2026 / 9:19 PM IST

                      Income Tax Slab Live: उच्च शिक्षा और यूनिवर्सिटी टाउनशिप से मजबूत होगा शिक्षा इकोसिस्टम

                      Elevate Campuses Limited के CEO नरसिम्हा जयकुमार ने कहा कि शिक्षा राष्ट्रीय प्रगति की नींव है और बजट 2026 में उच्च शिक्षा व शिक्षा इन्फ्रास्ट्रक्चर पर दिया गया जोर सही दिशा में कदम है। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी भारत में प्रोफेशनली मैनेज्ड स्टूडेंट हाउसिंग की कमी को दूर करने के लिए समावेशी और उच्च गुणवत्ता वाले लर्निंग व लिविंग इकोसिस्टम बना रही है। बजट में औद्योगिक कॉरिडोर के साथ पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव समयानुकूल है, जो बड़े पैमाने पर परिणाम-उन्मुख शिक्षा इकोसिस्टम को मजबूत करेगा।

                        FEBRUARY 01, 2026 / 9:04 PM IST

                        Income Tax Slab Live: आईटी कंपनियों ने सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का किया स्वागत

                        सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में सेमीकंडक्टर और डाटा सेंटर को बढ़ावा देने के उपायों सराहना की और साथ ही घरेलू डाटा सेंटरों के लिए भी नीतिगत प्रोत्साहन की मांग की। भारत और दक्षिण एशिया के लिए माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष पुनीत चंदोक ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 साफ तौर पर बताता है कि भारत अब विकास के अगले पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। इसमें एआई, डिजिटल ढांचा और सेवाओं को देश की तरक्की का मुख्य आधार माना गया है। बजट में डेटा सेंटर, क्लाउड और एआई से जुड़ी सुविधाओं पर खास ध्यान दिया गया है। इसका मतलब है कि सरकार अब डिजिटल ढांचे को भी सड़क, बिजली और पानी की तरह जरूरी मान रही है।

                          FEBRUARY 01, 2026 / 8:44 PM IST

                          Income Tax Slab Live: महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण के लिए 5 लाख करोड़ का प्रावधान

                          वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में सरकार ने महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए 5 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया है। यह राशि पिछले वर्ष के 4.49 लाख करोड़ की तुलना में 11.36% अधिक है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि इस बार जेंडर-सेंसिटिव बजटिंग को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि महिलाओं के नेतृत्व में विकास को बढ़ावा मिले और बालिकाओं के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों को और मजबूत किया जाए। यह कदम महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को सुदृढ़ करने के साथ-साथ देश के समावेशी विकास की दिशा में अहम साबित होगा।

                            FEBRUARY 01, 2026 / 8:26 PM IST

                            Income Tax Slab Live: युवा शक्ति को केंद्र में रखकर बनाया गया बजट, हर वर्ग को मिला सहारा

                            भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया यह नौवां बजट विकसित भारत की नींव को और मजबूत करता है। उन्होंने बताया कि इसमें हर क्षेत्र और वर्ग का ध्यान रखा गया है। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए मेडिकल हब बनाए जाएंगे, कैंसर की दवाइयां और सस्ती होंगी। स्वराज ने जोर दिया कि यह बजट खासतौर पर युवा शक्ति को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, जिससे आने वाले समय में भारत की प्रगति और तेज होगी।

                              FEBRUARY 01, 2026 / 8:11 PM IST

                              Income Tax Slab Live: पुरानी या नई टैक्स व्यवस्था में कौन सी बचाएगी ज्यादा पैसा?

                              Union Budget 2026-27 में सरकार ने साफ कर दिया है कि पुरानी और नई दोनों टैक्स व्यवस्थाएं जारी रहेंगी। ऐसे में टैक्सपेयर्स के लिए सबसे अहम है यह समझना कि किस व्यवस्था में उनकी जेब में ज्यादा बचत होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके लिए ब्रेक-ईवन पॉइंट जानना जरूरी है यानी वह आय स्तर जहां पुरानी और नई व्यवस्था के बीच टैक्स बोझ बराबर हो जाता है। अगर आपकी आय और उपलब्ध डिडक्शंस पुरानी व्यवस्था में ज्यादा राहत दिलाते हैं तो वही आपके लिए बेहतर है, जबकि कम डिडक्शंस वाले लोगों के लिए नई व्यवस्था फायदेमंद साबित हो सकती है। यह तुलना खासकर Assessment Year 2027-28 की टैक्स प्लानिंग में मददगार होगी और सही चुनाव से टैक्सपेयर्स अपनी बचत को अधिकतम कर पाएंगे।

                                FEBRUARY 01, 2026 / 7:56 PM IST

                                Income Tax Slab Live: क्रिप्टो रिपोर्टिंग के नियम हुए सख्त, गलती पर लगेगा भारी जुर्माना

                                Union Budget 2026-27 में सरकार ने क्रिप्टो लेन-देन की रिपोर्टिंग को लेकर सख्त नियम लागू किए हैं। नए प्रावधानों के तहत अगर कोई क्रिप्टो एक्सचेंज आवश्यक स्टेटमेंट जमा नहीं करता है तो उस पर ₹200 प्रतिदिन का जुर्माना लगेगा। वहीं गलत जानकारी देने या त्रुटि सुधारने में विफल रहने पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया जाएगा। ये नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। सरकार का उद्देश्य है कि क्रिप्टो लेन-देन में पारदर्शिता बढ़े, अनुपालन मजबूत हो और नॉन-रिपोर्टिंग की समस्या कम की जा सके। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और बाजार अधिक सुरक्षित बनेगा।

                                  FEBRUARY 01, 2026 / 7:41 PM IST

                                  Income Tax Slab Live: स्ट्रक्चरल सुधारों से उपभोक्ता उद्योगों को मिलेगी नई मजबूती

                                  Union Budget 2026-27 को लेकर विशेषज्ञ मनीष वर्मा ने कहा कि यह बजट तात्कालिक राहतों से हटकर गहरे स्ट्रक्चरल सुधारों पर ध्यान देता है, जो उपभोक्ता उद्योगों के लिए लंबे समय में बेहतर साबित होगा। उन्होंने बताया कि घरेलू मैन्युफैक्चरिंग, MSME सेक्टर की लिक्विडिटी और सप्लाई चेन की दक्षता पर जोर देना अस्थायी इंसेंटिव से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। वर्मा ने कहा कि भारतीय उपभोक्ता अब खर्च में ज्यादा सोच-समझकर निर्णय लेते हैं, खासकर युवा प्रोफेशनल्स और पहली बार घर बनाने वाले परिवार, जो डिस्काउंट से ज्यादा टिकाऊपन, उपयोगिता और दीर्घकालिक मूल्य को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि बजट का फोकस ऑरेंज इकॉनमी और डिजाइन-आधारित मैन्युफैक्चरिंग पर है, जिससे ब्रांड्स को अतिशयोक्तिपूर्ण दावों से हटकर असली मूल्य देने की प्रेरणा मिलेगी।

                                    FEBRUARY 01, 2026 / 7:27 PM IST

                                    Income Tax Slab Live: F&O ट्रेडिंग हुई महंगी, रिटेल निवेशकों पर पड़ेगा सीधा असर

                                    Union Budget 2026-27 में सरकार ने फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का ऐलान किया है। यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। नए प्रावधानों के तहत ऑप्शंस पर STT में 50% तक की बढ़ोतरी होगी, जबकि फ्यूचर्स पर यह बढ़ोतरी और भी तेज होगा। सरकार का उद्देश्य रिटेल निवेशकों द्वारा बार-बार किए जाने वाले हाई-रिस्क ट्रेडिंग को नियंत्रित करना है। SEBI के हालिया कदमों के साथ मिलकर यह फैसला बाजार में अत्यधिक सट्टेबाज़ी को रोकने और निवेश को अधिक जिम्मेदार बनाने की दिशा में उठाया गया है।

                                      FEBRUARY 01, 2026 / 7:15 PM IST

                                      Income Tax Slab Live: महिलाओं को केंद्र में रखकर समावेशी विकास की ओर कदम

                                      Union Budget 2026-27 को लेकर विशेषज्ञ असमा काहली ने कहा कि यह बजट भारत की आर्थिक रूपरेखा में महिलाओं को प्राथमिकता देकर समावेशी और मजबूत विकास की दिशा में सार्थक पहल है। उन्होंने महिलाओं द्वारा संचालित MSMEs के लिए घोषित ₹5 लाख करोड़ के महिला उद्यम निधि का स्वागत किया और बताया कि सस्ती क्रेडिट सुविधा और डिजिटल स्किलिंग से महिला उद्यमियों को टिकाऊ तरीके से कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी। काहली ने महिलाओं के लिए निवेश पर अतिरिक्त टैक्स इंसेंटिव और शक्ति योजना के विस्तार को भी वित्तीय स्वतंत्रता का अहम साधन बताया।

                                        FEBRUARY 01, 2026 / 7:05 PM IST

                                        Income Tax Slab Live: कैंसर की दवाएं और व्यक्तिगत इंपोर्ट हुआ सस्ता, सीमा शुल्क में बड़ी कटौती

                                        वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में आम जनता और घरेलू उद्योगों को बड़ी राहत देते हुए सीमा शुल्क में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी घोषणा करते हुए कैंसर की 17 जीवन रक्षक दवाओं पर लगने वाले सीमा शुल्क को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, जिससे इनका इलाज काफी सस्ता हो जाएगा। इसके साथ ही, विदेश से व्यक्तिगत उपयोग के लिए सामान मंगवाना अब पहले से किफायती होगा, क्योंकि सरकार ने व्यक्तिगत आयात पर ड्यूटी को 20% से घटाकर मात्र 10% कर दिया है।

                                        घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने लिथियम-आयन बैटरी और महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण में इस्तेमाल होने वाली मशीनों पर भी आयात शुल्क हटा दिया है। विमानन क्षेत्र के लिए भी अच्छी खबर है, जहां नागरिक विमानों के निर्माण और मरम्मत में काम आने वाले पुर्जों पर अब कोई शुल्क नहीं लगेगा। इसके अतिरिक्त, रसोई के जरूरी उपकरण जैसे माइक्रोवेव ओवन के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले विशिष्ट पुर्जों पर भी ड्यूटी हटा दी गई है। ये सभी कदम न केवल आम आदमी की जेब पर बोझ कम करेंगे, बल्कि भारत को तकनीक और विनिर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

                                          FEBRUARY 01, 2026 / 6:54 PM IST

                                          Income Tax Slab Live: रियल एस्टेट का नया केंद्र, टियर-1 और टियर-2 शहरों में बढ़ेगी मांग

                                          पैलेडियन पार्टनर एडवाइजरी के निदेशक चंद्रेश विठलानी के अनुसार, बजट 2026-27 रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए एक संतुलित रोडमैप पेश करता है, जो विशेष रूप से टियर-1 और टियर-2 शहरों के विकास पर केंद्रित है। बुनियादी ढांचे पर निरंतर सरकारी खर्च और शहरी सुधारों से आवासीय और वाणिज्यिक दोनों संपत्तियों में निवेश बढ़ेगा, जिससे नए सूक्ष्म-बाजारों का विकास होगा। विठलानी का मानना है कि 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण से किए गए ये बदलाव न केवल डेवलपर्स का भरोसा बढ़ाएंगे, बल्कि उभरते शहरों में संपत्तियों की बिक्री में भी तेजी लाएंगे।

                                            FEBRUARY 01, 2026 / 6:32 PM IST

                                            Income Tax Slab Live: बजट में नागरिकों को भूल सुधारने का सुनहरा मौका

                                            बजट 2026 में सरकार ने छोटे करदाताओं, जैसे छात्रों, युवा पेशेवरों और वापस लौटे एनआरआई (NRIs) के लिए 'विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना' (FAST-DS) का ऐलान किया है। इसके तहत 6 महीने की विशेष विंडो दी गई है, जिसमें पुरानी अघोषित विदेशी आय या संपत्तियों को बिना किसी कानूनी डर के नियमित किया जा सकता है। योजना को दो श्रेणियों में बांटा गया है: श्रेणी-A में ₹1 करोड़ तक की अघोषित आय/संपत्ति पर 30% टैक्स और पेनल्टी के बदले 30% अतिरिक्त टैक्स देकर माफी मिलेगी, जबकि श्रेणी-B में ₹5 करोड़ तक की संपत्ति (जिसकी आय पहले ही घोषित थी) के लिए मात्र ₹1 लाख की फीस देकर कानूनी कार्यवाही से सुरक्षा मिलेगी। यह उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जिनके पास विदेश में पढ़ाई या नौकरी के दौरान पुराने बैंक खाते या ESOPs रह गए थे।

                                            इसके अलावा, सरकार ने छोटे करदाताओं को राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि ₹20 लाख से कम की गैर-अचल विदेशी संपत्तियों का खुलासा न करने पर अब कोई जुर्माना या कानूनी केस नहीं होगा। यह प्रावधान 1 अक्टूबर 2024 से पुरानी तारीख से लागू किया गया है, ताकि मामूली विदेशी होल्डिंग्स वाले व्यक्तियों को अनजाने में हुई चूक के लिए भारी दंड (जैसे ₹10 लाख का जुर्माना) न भुगतना पड़े। यह पहल जटिल टैक्स नियमों के कारण होने वाली तकनीकी गलतियों को सुधारने और करदाताओं को 'ब्लैक मनी एक्ट' की सख्त कार्यवाही से बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

                                              FEBRUARY 01, 2026 / 6:23 PM IST

                                              Income Tax Slab Live: बजट 2026-27 के प्रमुख ऐलान

                                              वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया वित्त वर्ष 2026-27 का बजट भारत की अर्थव्यवस्था को 2047 तक विकसित बनाने की दिशा में एक बड़ा रोडमैप है। इस बजट में ₹53.5 लाख करोड़ के कुल खर्च का अनुमान लगाया गया है, जिसमें बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया गया है। करदाताओं के लिए सबसे बड़ी खबर 'आयकर अधिनियम 2025' का 1 अप्रैल से लागू होना है, जिसमें फॉर्म और नियमों को बेहद सरल बनाया गया है। इसके अलावा, शेयर बाजार के F&O सेगमेंट में STT में बढ़ोतरी और विदेश यात्रा/पढ़ाई पर TCS घटाकर 2% करना जैसे महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव किए गए है। सरकार ने राजकोषीय घाटे को कम कर 4.3% पर लाने का लक्ष्य रखा है, जो आर्थिक स्थिरता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

                                                FEBRUARY 01, 2026 / 6:04 PM IST

                                                Income Tax Slab Live: शिक्षा में गुणवत्ता और डिजिटल क्रांति, विस्तार से उत्कृष्टता की ओर

                                                विबग्योर ग्रुप ऑफ स्कूल्स के संस्थापक रुस्तम केरावाला के अनुसार, बजट 2026 भारत की शिक्षा रणनीति में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव लाता है, जहां अब ध्यान केवल स्कूलों के विस्तार पर नहीं बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता पर है। इस बजट में डिजिटल लर्निंग, शिक्षकों के कौशल विकास और AI-सक्षम व्यक्तिगत शिक्षा को केंद्र में रखा गया है। केरावाला का मानना है कि तकनीक अब वैकल्पिक नहीं बल्कि अनिवार्य है; यह डिजिटल क्लासरूम और डेटा-आधारित शिक्षण के जरिए छात्रों के सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने का आधार है। उन्होंने जोर दिया कि अब सरकार का ध्यान केवल इरादों पर नहीं, बल्कि डिजिटल बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक वित्त पोषण के प्रभावी क्रियान्वयन पर होना चाहिए ताकि शिक्षा के क्षेत्र में वास्तविक और मापने योग्य सुधार दिख सकें।

                                                  FEBRUARY 01, 2026 / 5:49 PM IST

                                                  Income Tax Slab Live: बजट से हाउसिंग सेक्टर में उछाल! इंफ्रास्ट्रक्चर और छोटे शहरों पर बड़ा दांव

                                                  REA इंडिया (Housing.com) के सीईओ प्रवीण शर्मा के अनुसार, बजट 2026 बुनियादी ढांचे पर आधारित विकास के जरिए टियर-2 और टियर-3 शहरों में घरों की मांग को नई गति देगा। रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय, नए 'सिटी इकोनॉमिक रीजन्स' और बेहतर कनेक्टिविटी से नए हाउसिंग कॉरिडोर खुलेंगे, जिससे शहरी जीवन स्तर में सुधार होगा। इसके अलावा, आयकर ढांचे को सरल और पारदर्शी बनाने से आम आदमी पर वित्तीय बोझ कम होगा और खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा। प्रवीण शर्मा का मानना है कि ये कदम भारत के रियल एस्टेट बाजार में दीर्घकालिक विकास के लिए एक सहायक माहौल तैयार करेंगे, जिससे आने वाले समय में घर खरीदना और अधिक सुलभ हो जाएगा।

                                                    FEBRUARY 01, 2026 / 5:34 PM IST

                                                    Income Tax Slab Live: शेयर बायबैक पर प्रमोटर्स को झटका, छोटे निवेशकों को राहत

                                                    ASA & Associates के टैक्स नेशनल हेड सुनील अरोड़ा के अनुसार, बजट 2026 में शेयर बायबैक को 'डीम्ड डिविडेंड' के बजाय 'कैपिटल गेन्स' के रूप में टैक्स करने का निर्णय छोटे और अल्पसंख्यक निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत है। पहले बायबैक की पूरी राशि पर निवेशक के स्लैब के हिसाब से (जो 30% तक हो सकता था) टैक्स लगता था, लेकिन अब केवल मुनाफे पर 12.5% (LTCG) या 20% (STCG) टैक्स लगेगा। हालांकि, सरकार ने प्रमोटर्स के लिए बायबैक को डिविडेंड के विकल्प के रूप में इस्तेमाल करने से रोकने के लिए उन पर 30% (गैर-कॉर्पोरेट) और 22% (कॉर्पोरेट) की प्रभावी दर से अतिरिक्त टैक्स लगाया है। सुनील अरोड़ा का मानना है कि इस 'एंटी-आर्बिट्राज' कदम के कारण अब कंपनियों और प्रमोटर्स को अपनी एक्जिट रणनीतियों और मुनाफे के वितरण के तरीकों पर फिर से विचार करना होगा।

                                                      FEBRUARY 01, 2026 / 5:20 PM IST

                                                      Income Tax Slab Live: सरकारी कमाई का गणित, टैक्स से आएगा हर रुपये का 64 पैसा

                                                      बजट 2026-27 के दस्तावेजों के अनुसार, सरकार की कुल कमाई में सबसे बड़ा हिस्सा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों का होगा, जो हर एक रुपये में 64 पैसे का योगदान देंगे। इसमें आयकर से 21 पैसे, कॉर्पोरेट टैक्स से 18 पैसे और GST से 15 पैसे आने का अनुमान है। बाकी की आय में 24 पैसे उधारी से, 10 पैसे विनिवेश जैसे गैर-कर राजस्व से और 2 पैसे गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियों से जुटाए जाएंगे। यह डेटा दर्शाता है कि देश की अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए सरकार की निर्भरता टैक्स कलेक्शन, विशेषकर व्यक्तिगत आयकर पर सबसे अधिक बनी हुई है।

                                                        FEBRUARY 01, 2026 / 5:07 PM IST

                                                        Income Tax Slab Live: कैंसर की दवाएं और व्यक्तिगत इंपोर्ट हुआ सस्ता, सीमा शुल्क में बड़ी कटौती

                                                        वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में आम जनता और घरेलू उद्योगों को बड़ी राहत देते हुए सीमा शुल्क में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी घोषणा करते हुए कैंसर की 17 जीवन रक्षक दवाओं पर लगने वाले सीमा शुल्क को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, जिससे इनका इलाज काफी सस्ता हो जाएगा। इसके साथ ही, विदेश से व्यक्तिगत उपयोग के लिए सामान मंगवाना अब पहले से किफायती होगा, क्योंकि सरकार ने व्यक्तिगत आयात पर ड्यूटी को 20% से घटाकर मात्र 10% कर दिया है।

                                                        घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने लिथियम-आयन बैटरी और महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण में इस्तेमाल होने वाली मशीनों पर भी आयात शुल्क हटा दिया है। विमानन क्षेत्र के लिए भी अच्छी खबर है, जहां नागरिक विमानों के निर्माण और मरम्मत में काम आने वाले पुर्जों पर अब कोई शुल्क नहीं लगेगा। इसके अतिरिक्त, रसोई के जरूरी उपकरण जैसे माइक्रोवेव ओवन के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले विशिष्ट पुर्जों पर भी ड्यूटी हटा दी गई है। ये सभी कदम न केवल आम आदमी की जेब पर बोझ कम करेंगे, बल्कि भारत को तकनीक और विनिर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

                                                          FEBRUARY 01, 2026 / 4:51 PM IST

                                                          Income Tax Slab Live: विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना, छोटी गलतियों को सुधारने का 'गोल्डन चांस'

                                                          बजट 2026 में सरकार ने 'फॉरेन एसेट्स ऑफ स्मॉल टैक्सपेयर्स डिस्क्लोजर स्कीम' (FAST-DS) का ऐलान किया है, जो उन छोटे करदाताओं के लिए है जो अनजाने में अपनी विदेशी संपत्ति या आय का खुलासा करना भूल गए थे। इस योजना के तहत 6 महीने की विशेष मोहलत दी गई है, जिसमें छात्र, युवा पेशेवर और विदेश से लौटे एनआरआई अपनी संपत्तियों को नियमित कर सकते हैं। ₹1 करोड़ तक की अघोषित संपत्ति होने पर 30% टैक्स और पेनल्टी के बदले अतिरिक्त 30% टैक्स देकर कानूनी कार्यवाही से बचा जा सकता है। वहीं, जिन्होंने आय तो दिखाई थी लेकिन संपत्ति की जानकारी नहीं दी थी, वे ₹5 करोड़ तक की संपत्ति के लिए मात्र ₹1 लाख की फीस देकर जुर्माना और कानूनी केस से पूरी तरह मुक्ति पा सकते हैं।

                                                            FEBRUARY 01, 2026 / 4:44 PM IST

                                                            Income Tax Slab Live: आम बजट में इनकम टैक्स में सरलीकरण के साथ बड़ी राहतों का ऐलान

                                                            वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में 'आयकर अधिनियम 2025' लागू करने का ऐतिहासिक ऐलान किया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। हालांकि आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन TCS दरों को 5-20% से घटाकर मात्र 2% कर दिया गया है, जिससे विदेश यात्रा और पढ़ाई सस्ती होगी। शेयर बायबैक को अब 'कैपिटल गेन्स' के रूप में टैक्स किया जाएगा, जो छोटे निवेशकों के लिए फायदेमंद है। इसके अलावा, विदेशी संपत्ति के खुलासे के लिए 6 महीने की विशेष मोहलत दी गई है और एक्सीडेंट मुआवजे पर मिलने वाले ब्याज को पूरी तरह टैक्स-फ्री कर दिया गया है।

                                                              FEBRUARY 01, 2026 / 4:30 PM IST

                                                              Income Tax Slab Live: भविष्य की बुनियादी संरचना और डिजिटल शक्ति पर केंद्रित बजट

                                                              Commtel Networks के सीएमडी श्रीप्रकाश पांडे के अनुसार, बजट 2026-27 भारत के बुनियादी ढांचे को आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय में लगातार की जा रही बढ़ोतरी से बिजली, ऊर्जा, परिवहन और दूरसंचार जैसे क्षेत्रों के डिजिटल ढांचे को मजबूती मिलेगी। उन्होंने विशेष रूप से 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0' और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने वाली पहलों की सराहना की, क्योंकि ये सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाले डिजिटल सिस्टम विकसित करने के लिए एक स्थिर माहौल तैयार करती हैं। श्रीप्रकाश पांडे का मानना है कि बुनियादी ढांचे के डेटा-आधारित होने से देश की विश्वसनीयता और सुरक्षा बढ़ेगी, जिससे भारत की विकास संबंधी महत्वाकांक्षाओं को नई गति मिलेगी।

                                                                FEBRUARY 01, 2026 / 4:17 PM IST

                                                                Income Tax Slab Live: 1 अप्रैल से लागू होगा नया आयकर अधिनियम

                                                                वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में घोषणा की है कि छह दशक पुराने कानून की जगह अब 'आयकर अधिनियम 2025' प्रभावी होगा। इस नए कानून का मुख्य उद्देश्य टैक्स की भाषा को सरल बनाना और कानूनी उलझनों को कम करना है, जिसके लिए धाराओं की संख्या 819 से घटाकर 536 कर दी गई है। सबसे बड़ी राहत उन दुर्घटना पीड़ितों के लिए है जिन्हें मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) से मुआवजा मिलता है। अब इस मुआवजे पर मिलने वाले ब्याज को पूरी तरह टैक्स-फ्री कर दिया गया है और इस पर कोई TDS नहीं कटेगा।

                                                                नये कानून में 'असेसमेंट ईयर' और 'प्रीवियस ईयर' के भ्रम को खत्म कर एक सरल 'टैक्स ईयर' की शुरुआत की गई है। इसके साथ ही, आम नागरिकों के लिए आयकर फॉर्म्स को फिर से डिजाइन किया गया है ताकि वे बिना किसी विशेषज्ञ की मदद के आसानी से अपना रिटर्न भर सकें। सरकार का यह कदम 'ईज ऑफ लिविंग' की दिशा में एक बड़ा सुधार है, जो न केवल करदाताओं का समय बचाएगा बल्कि टैक्स विभाग और नागरिकों के बीच भरोसे को भी मजबूत करेगा।

                                                                  FEBRUARY 01, 2026 / 4:03 PM IST

                                                                  Income Tax Slab Live: TCS दरों में भारी कटौती से विदेश यात्रा और पढ़ाई हुई सस्ती

                                                                  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में विदेश पैसे भेजने वालों को बड़ी राहत देते हुए TCS (Tax Collection at Source) की दरों को काफी कम कर दिया है। अब विदेशी टूर पैकेज खरीदने पर लगने वाले 5% से 20% के टैक्स को घटाकर मात्र 2% कर दिया गया है, और इसके लिए कोई न्यूनतम सीमा भी नहीं रखी गई है। इसी तरह, विदेश में शिक्षा और चिकित्सा के लिए भेजे जाने वाले पैसों पर भी अब 5% के बजाय केवल 2% TCS लगेगा। इसके अलावा, मैनपावर सेवाओं को अब स्पष्ट रूप से 'पेमेंट कॉन्ट्रैक्टर्स' के दायरे में लाया गया है, जिससे उन पर TDS की दर अब केवल 1% या 2% ही होगी। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय भुगतान करने वाले आम नागरिकों की नकदी पर दबाव कम होगा और टैक्स नियमों में अधिक स्पष्टता आएगी।

                                                                    FEBRUARY 01, 2026 / 3:51 PM IST

                                                                    Income Tax Slab Live: MSME और छोटे शहरों के विकास पर केंद्रित 'मास्टरस्ट्रोक'

                                                                    AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के एमडी और सीईओ संजय अग्रवाल ने बजट 2026 को 'निरंतरता और भरोसे' का प्रतीक बताया है। उन्होंने विशेष रूप से ₹10,000 करोड़ के SME ग्रोथ फंड की सराहना की है, जो छोटे उद्योगों को केवल टिके रहने के बजाय बड़े 'एंटरप्राइज चैंपियन' बनने में मदद करेगा। साथ ही, टियर-II और टियर-III शहरों के लिए 'कॉरपोरेट मित्र' पहल और एक उच्च-स्तरीय बैंकिंग समिति के गठन को रणनीतिक कदम माना है, जो कर्ज विस्तार और ग्राहकों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाएगा। अग्रवाल के अनुसार, 4.3% का राजकोषीय घाटा लक्ष्य और पूंजीगत व्यय पर जोर भारत को बिना महंगाई बढ़ाए विकास की राह पर ले जाएगा।

                                                                      FEBRUARY 01, 2026 / 3:42 PM IST

                                                                      Income Tax Slab Live: GIFT सिटी के लिए टैक्स हॉलिडे अब 20 साल, वैश्विक निवेशकों के लिए बड़ा आकर्षण

                                                                      GIFT सिटी के एमडी और ग्रुप सीईओ संजय कौल ने बजट 2026 में हुए ऐतिहासिक बदलाव का स्वागत किया है, जिसके तहत GIFT सिटी में काम करने वाली इकाइयों के लिए टैक्स हॉलिडे को बढ़ाकर 20 साल कर दिया गया है। पहले यह छूट 15 में से किन्हीं 10 वर्षों के लिए उपलब्ध थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 25 में से 20 साल कर दिया गया है। इसके बाद भी कंपनियों को केवल 15% की रियायती दर से टैक्स देना होगा। यह कदम वैश्विक निवेशकों को दीर्घकालिक नीतिगत स्पष्टता प्रदान करता है, जिससे GIFT सिटी अब सिंगापुर और दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्रों के मुकाबले और भी प्रतिस्पर्धी बन गया है।

                                                                      संजय कौल के अनुसार, 'डीम्ड डिविडेंड' नियमों के सरलीकरण और लंबी टैक्स छूट से बहुराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं और 'ट्रेजरी ऑपरेशंस' के लिए भारत एक पसंदीदा गंतव्य बनेगा। इसके अतिरिक्त, अप्रैल 2026 से म्यूचुअल फंड्स और ETFs को बिना 'कैपिटल गेन्स टैक्स' चुकाए GIFT सिटी में शिफ्ट होने की अनुमति मिलेगी। यह न केवल विदेशी पूंजी के प्रवाह को बढ़ाएगा, बल्कि भारत के पहले स्मार्ट सिटी को अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग और एसेट मैनेजमेंट का प्रमुख हब बनाने के सरकार के लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करेगा।

                                                                        FEBRUARY 01, 2026 / 3:32 PM IST

                                                                        Income Tax Slab Live: टैक्स सुधारों से बढ़ेगी 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस'

                                                                        जैगल के संस्थापक और कार्यकारी अध्यक्ष राज पी. नारायणम के अनुसार, बजट 2026 में किए गए टैक्स सुधार व्यापार करने की सुगमता को बढ़ावा देने वाले हैं। उन्होंने कहा कि टैक्स प्रक्रियाओं का सरलीकरण और अनुपालन की समय-सीमा में दी गई ढील से एक ऐसा 'टेक-फ्रेंडली' माहौल तैयार होगा, जहाँ कंपनियों के लिए वित्तीय नियंत्रण और बेहतर शासन सुनिश्चित करना आसान हो जाएगा। यह स्थिरता न केवल उद्यमों की परिचालन दक्षता बढ़ाएगी, बल्कि भारत के फिनटेक इकोसिस्टम को भी वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत बनाएगी।

                                                                        जैगल जैसी फिनटेक कंपनियों के लिए यह बजट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ITR सुधारने की अवधि 31 मार्च तक बढ़ना और TCS दरों का 2% पर स्थिर होना उनके डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए खर्च प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी बनाएगा। नारायणम का मानना है कि ये सुधारात्मक कदम मध्यम और बड़े उद्यमों को अपनी विकास रणनीतियों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने और कागजी कार्रवाई के बोझ को कम करने में मदद करेंगे।

                                                                          FEBRUARY 01, 2026 / 3:20 PM IST

                                                                          Income Tax Slab Live: बजट में सड़क दुर्घटना मुआवजे पर बड़ी राहत का हुआ ऐलान

                                                                          वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में घोषणा की है कि मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) द्वारा किसी व्यक्ति को दिए गए मुआवजे पर लगने वाले ब्याज (Interest) को अब आयकर से मुक्त कर दिया गया है। फिलहाल अगर यह ब्याज राशि ₹50,000 से अधिक होती थी, तो बीमा कंपनियां इस पर TDS काट लेती थी, जिससे पीड़ितों को मिलने वाली आर्थिक मदद कम हो जाती थी। अब सरकार ने इस TDS को पूरी तरह खत्म करने का प्रस्ताव दिया है, ताकि दुर्घटना के शिकार लोगों या उनके परिवारों को बिना किसी कटौती के पूरी राहत राशि मिल सके।

                                                                          यह बदलाव विशेष रूप से उन मामलों में मददगार होगा जहां अदालती कार्यवाही लंबी खिंचने के कारण ब्याज की राशि काफी बढ़ जाती है। सरकार का यह कदम 'ईज ऑफ लिविंग' और वित्तीय सुरक्षा को बढ़ावा देने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है। इस छूट के साथ ही, बीमा क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और पीड़ितों को अपनी ही मुआवजा राशि वापस पाने के लिए टैक्स रिफंड जैसी जटिल कानूनी प्रक्रियाओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

                                                                            FEBRUARY 01, 2026 / 3:09 PM IST

                                                                            Income Tax Slab Live: ट्रेडिंग हुई महंगी, STT में 150% की भारी बढ़ोतरी से बाजार में हड़कंप

                                                                            आनंद राठी वेल्थ के जॉइंट सीईओ फिरोज अजीज के अनुसार, बजट 2026 में फ्यूचर्स पर STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस पर 0.1% से बढ़ाकर 0.15% करने से डेरिवेटिव ट्रेडर्स के लिए लेनदेन की लागत काफी बढ़ जाएगी। यह फैसला विशेष रूप से 'हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडर्स', 'आर्बिट्राजर्स' और 'हेजर्स' की रणनीतियों को प्रभावित करेगा, जिससे बाजार में ट्रेडिंग वॉल्यूम कम हो सकता है और अल्पावधि में अस्थिरता बढ़ सकती है। हालांकि यह सरकार के राजस्व के लिए पॉजिटिव है, लेकिन ब्रोकरेज हाउसों की कमाई पर दबाव पड़ सकता है और निवेशकों द्वारा लागत के तालमेल बिठाने तक बाजार में गिरावट देखी जा सकती है।

                                                                              FEBRUARY 01, 2026 / 2:56 PM IST

                                                                              Income Tax Slab Live: बजट में हुए विश्वास पर आधारित टैक्स सुधार

                                                                              लीगल डिफेंस एडवाइजर्स के विशाल शर्मा के अनुसार, बजट 2026 एक संतुलित और विकासोन्मुखी सुधार की कहानी पेश करता है। ₹11.78 लाख करोड़ के मजबूत GST राजस्व का लक्ष्य बेहतर टैक्स अनुपालन का संकेत है। सरकार ने TCS दरों को तर्कसंगत बनाने, अनिवासी भारतीयों (NRI) के लिए टैक्स नियमों को सरल करने और जुर्माने में राहत देने जैसे कदम उठाए हैं, जो करदाताओं और विभाग के बीच के घर्षण को कम करेंगे। इसके अलावा, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सीमा शुल्क में बदलाव और राजकोषीय घाटे को कम करने का रास्ता, एक परिपक्व और भरोसेमंद टैक्स ढांचे को दर्शाता है।

                                                                              NRI के लिए एक बड़ी सुविधा यह दी गई है कि अब भारत में संपत्ति की बिक्री पर TDS काटने के लिए खरीदार को TAN (Tax Deduction and Collection Account Number) की आवश्यकता नहीं होगी। वे अपने सामान्य PAN नंबर से ही यह प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। साथ ही, सीमा शुल्क में कटौती करते हुए व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयात किए जाने वाले सामानों पर ड्यूटी को 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है। ये सभी उपाय व्यापार करने की सुगमता को बढ़ाने और भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के सरकार के लक्ष्य के अनुरूप हैं।

                                                                                FEBRUARY 01, 2026 / 2:42 PM IST

                                                                                Income Tax Slab Live: को-ऑपरेटिव सोसायटी के लिए दोहरे टैक्स से राहत

                                                                                बजट 2026 में सहकारी समितियों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने 'इंटर-को-ऑपरेटिव डिविडेंड' पर टैक्स छूट का प्रस्ताव दिया है। अब एक को-ऑपरेटिव सोसायटी को दूसरी सोसायटी से मिलने वाले लाभांश पर नई टैक्स रिजीम के तहत कटौती मिलेगी, बशर्ते वह पैसा आगे अपने सदस्यों को बांट दिया जाए। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सहकारी ढांचे के भीतर होने वाले दोहरे कराधान को रोकना है, जिससे समितियों के पास अपने सदस्यों के कल्याण और विकास के लिए अधिक धन उपलब्ध रहेगा।

                                                                                  FEBRUARY 01, 2026 / 2:34 PM IST

                                                                                  Income Tax Slab Live: शेयर बायबैक अब 'कैपिटल गेन्स', छोटे निवेशकों के लिए बड़ी जीत

                                                                                  बजट 2026 में शेयर बायबैक के टैक्स नियमों को पूरी तरह बदलते हुए इसे अब 'डिविडेंड' के बजाय 'कैपिटल गेन्स' की श्रेणी में डाल दिया गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा छोटे और अल्पसंख्यक निवेशकों को होगा, क्योंकि अब बायबैक से मिलने वाली राशि पर उनके इनकम टैक्स स्लैब के बजाय 12.5% की रियायती दर (LTCG) से टैक्स लगेगा। पहले बायबैक को 'डीम्ड डिविडेंड' मानकर ऊंची दरों पर टैक्स वसूला जाता था, लेकिन अब इस बदलाव से निवेशकों को न केवल कम टैक्स देना होगा, बल्कि वे अपने शेयरों की खरीद लागत को भी मुनाफे से घटा सकेंगे, जिससे टैक्स का बोझ और कम हो जाएगा।

                                                                                  दूसरी ओर, सरकार ने प्रमोटरों द्वारा टैक्स बचाने के लिए बायबैक के दुरुपयोग को रोकने के लिए उन पर अतिरिक्त बायबैक टैक्स का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत कॉर्पोरेट प्रमोटरों के लिए प्रभावी टैक्स दर 22% और अन्य प्रमोटरों के लिए 30% होगी। यह कदम शेयर बाजार में पारदर्शिता लाएगा और कंपनियों को केवल टैक्स बचाने के बजाय वास्तविक रूप से पूंजी लौटाने के लिए बायबैक का उपयोग करने को प्रोत्साहित करेगा। निवेशकों के लिए अब बायबैक, डिविडेंड और बाजार में सीधे शेयर बेचने के बीच तुलना करना काफी आसान और स्पष्ट हो गया है।

                                                                                    FEBRUARY 01, 2026 / 2:23 PM IST

                                                                                    Income Tax Slab Live: क्या है विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना?

                                                                                    सरकार ने छोटे करदाताओं को राहत देते हुए विदेशी संपत्तियों का विवरण देने के लिए छह महीने की एक विशेष विंडो शुरू की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को सुधार का मौका देना है जिनसे अनजाने में अपनी विदेशी संपत्ति या आय की जानकारी देने में चूक हो गई थी। इसके तहत, छोटे निवेशक बिना किसी भारी जुर्माने या सख्त कानूनी कार्रवाई के डर के अपनी संपत्तियों को घोषित कर सकते हैं। यह कदम सख्त प्रवर्तन नियमों के लागू होने से पहले एक 'क्लीन-अप' अवसर की तरह है, जिससे करदाताओं को अपनी वित्तीय स्थिति पारदर्शी बनाने और भविष्य की जटिलताओं से बचने में मदद मिलेगी।

                                                                                      FEBRUARY 01, 2026 / 2:12 PM IST

                                                                                      Income Tax Slab Live: फ्यूचर्स पर STT बढ़ा, ट्रेडिंग अब होगी ढाई गुना महंगी

                                                                                      शेयर बाजार में बढ़ती सट्टेबाजी को नियंत्रित करने के लिए वित्त मंत्री ने फ्यूचर्स पर लगने वाले STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% करने का ऐलान किया है। यह 150% की भारी बढ़ोतरी है, जिसका सीधा असर उन ट्रेडर्स पर पड़ेगा जो बहुत कम मार्जिन पर काम करते हैं। इसके साथ ही ऑप्शंस पर लगने वाले टैक्स को भी बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य रिटेल निवेशकों को डेरिवेटिव मार्केट के जोखिमों से बचाना और बाजार में स्थिरता लाना है।

                                                                                        FEBRUARY 01, 2026 / 2:06 PM IST

                                                                                        Income Tax Slab Live: नए आयकर अधिनियम से टैक्स व्यवस्था को सरल बनाने की दिशा में बड़ी पहल

                                                                                        ध्रुव एडवाइजर्स के दिनेश कानबर के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाला नया आयकर अधिनियम 2025 करदाताओं के लिए 'सरलीकरण' का एक नया युग लेकर आएगा। इस नए कानून में अब तक लगभग 90 संशोधन किए जा चुके हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य टैक्स प्रक्रिया को आसान बनाना है। सबसे बड़ी राहत TCS की दरों में मिली है, जिसे 5% और 20% के स्लैब से घटाकर एक समान 2% कर दिया गया है। इसके अलावा, अब करदाताओं को कम TDS दर का लाभ लेने के लिए टैक्स अधिकारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, क्योंकि यह प्रक्रिया अब पूरी तरह स्वचालित कर दी गई है।

                                                                                        विदेशी संपत्ति रखने वाले छोटे करदाताओं और टेक प्रोफेशनल्स के लिए भी एक 'क्लीन और सीधा' रास्ता निकाला गया है। अक्सर कर्मचारी विदेश में काम करते समय ESOPs प्राप्त करते हैं और भारत लौटने पर अनजाने में उनका खुलासा करना भूल जाते हैं। नए प्रावधान के तहत, ऐसे करदाता 30% का एकमुश्त टैक्स चुकाकर अपनी विदेशी संपत्तियों को नियमित कर सकते हैं और कानूनी कार्यवाही से पूरी तरह बच सकते हैं। यह कदम न केवल अनुपालन को बढ़ाएगा, बल्कि पुराने विवादों को भी खत्म करने में मदद करेगा।

                                                                                          FEBRUARY 01, 2026 / 1:59 PM IST

                                                                                          Income Tax Slab Live: जांच के दौरान भी सुधार सकेंगे ITR, नोटिस के बाद भी बड़ी राहत

                                                                                          बजट 2026 में सरकार ने विवादों को कम करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब अगर आपके खिलाफ टैक्स विभाग की जांच या रीअसेसमेंट की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, तब भी आपको अपना ITR अपडेट करने की अनुमति होगी। पहले नोटिस मिलने के बाद रिटर्न में सुधार का मौका नहीं मिलता था, लेकिन अब आप 10% अतिरिक्त टैक्स (मूल दर के ऊपर) देकर अपनी गलती सुधार सकेंगे। सबसे अच्छी बात यह है कि एक बार जब आप अपडेटेड रिटर्न फाइल कर देंगे, तो टैक्स अधिकारी को अपनी आगे की जांच केवल आपके उसी नए अपडेटेड रिटर्न के आधार पर ही करनी होगी, पुराने गलत डेटा पर नहीं।

                                                                                            FEBRUARY 01, 2026 / 1:53 PM IST

                                                                                            Income Tax Slab Live: MAT अब बना 'फाइनल टैक्स', कॉर्पोरेट जगत के लिए नया मोड़

                                                                                            नये आयकर अधिनियम 2025 के तहत एक बड़ा बदलाव करते हुए मिनिमम अल्टरनेट टैक्स (MAT) को अब 'फाइनल टैक्स' बना दिया गया है। इसका मतलब है कि अगले साल से कंपनियों को MAT के रूप में चुकाए गए टैक्स पर कोई नया 'क्रेडिट' (MAT Credit) नहीं मिलेगा जिसे भविष्य के सालों में इस्तेमाल किया जा सके। हालांकि, कंपनियों के पास 31 मार्च 2026 तक जो पुराना MAT क्रेडिट जमा है, उसे एडजस्ट करने के लिए सरकार ने एक विशेष फॉर्मूला तय किया है।

                                                                                            इस बदलाव के बाद अब 22% वाली नई टैक्स रिजीम (सेक्शन- 115BAA) कंपनियों के लिए और भी आकर्षक हो गई है, क्योंकि इसमें MAT के प्रावधान लागू नहीं होते। ट्रांजिशन ईयर होने के नाते, कंपनियों को अब अपनी टैक्स प्लानिंग को नए सिरे से देखना होगा क्योंकि अब MAT केवल न्यूनतम देयता नहीं, बल्कि अंतिम देयता होगी। यह कदम टैक्स व्यवस्था को सरल बनाने और क्रेडिट के पुराने बोझ को धीरे-धीरे खत्म करने की दिशा में उठाया गया है।

                                                                                              FEBRUARY 01, 2026 / 1:44 PM IST

                                                                                              Income Tax Slab Live: ITR सुधारने के लिए अब मिलेगा ज्यादा समय, टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत

                                                                                              वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि को 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया है। इसका मतलब है कि अगर आपने 31 जुलाई तक अपना ओरिजिनल रिटर्न (ITR-1 या ITR-2) भर दिया है और उसमें कोई गलती रह गई है, तो अब आप उसे पूरे वित्त वर्ष के अंत तक सुधार सकते हैं। यह बदलाव विशेष रूप से उन वेतनभोगी लोगों के लिए फायदेमंद है जिन्हें निवेश के दस्तावेज या संशोधित फॉर्म-16 देर से मिलते हैं।

                                                                                                FEBRUARY 01, 2026 / 1:40 PM IST

                                                                                                Income Tax Slab Live: चल संपत्ति का खुलासा न करने पर सख्ती, अब लगेगा जुर्माना

                                                                                                बजट 2026 में सरकार ने एक बड़ा कानूनी बदलाव करते हुए गैर-अचल संपत्तियों (जैसे- बैंक खाते, शेयर, और विदेशी निवेश) की जानकारी छिपाने को दंडनीय अपराध बना दिया है। पहले केवल जमीन या घर की जानकारी छिपाने पर कड़े जुर्माने का प्रावधान था, लेकिन अब म्यूचुअल फंड, क्रिप्टो, विदेशी बैंक अकाउंट और स्टॉक जैसी संपत्तियों का खुलासा न करना भी 'ब्लैक मनी एक्ट' के दायरे में आएगा। हालांकि, छोटे करदाताओं को राहत देने के लिए ₹20 लाख से कम की ऐसी विदेशी चल संपत्तियों के अनजाने में हुए गैर-खुलासे पर अभियोजन से छूट दी गई है, लेकिन इससे अधिक मूल्य की छिपाई गई संपत्ति पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्यवाही का सामना करना होगा।

                                                                                                  FEBRUARY 01, 2026 / 1:32 PM IST

                                                                                                  Income Tax Slab Live: शेयर बायबैक पर नया टैक्स, प्रमोटरों के लिए बढ़ी सख्ती

                                                                                                  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में शेयर बायबैक के टैक्स नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब बायबैक से होने वाली कमाई को सभी शेयरधारकों के लिए 'कैपिटल गेन्स' माना जाएगा। हालांकि, टैक्स के अंतर का फायदा उठाने से रोकने के लिए प्रमोटरों पर अतिरिक्त बोझ डाला गया है। अब कॉर्पोरेट प्रमोटरों को 22% और नॉन-कॉर्पोरेट प्रमोटरों को 30% की प्रभावी दर से बायबैक टैक्स देना होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य प्रमोटर ट्रांजैक्शन के जरिए होने वाली टैक्स प्लानिंग को रोकना और सभी श्रेणियों के लिए टैक्स व्यवस्था को एक समान बनाना है।

                                                                                                    FEBRUARY 01, 2026 / 1:27 PM IST

                                                                                                    Income Tax Slab Live: विदेशी संपत्ति खुलासा योजना, छोटे करदाताओं के लिए सुनहरा मौका

                                                                                                    वित्त मंत्री ने उन छात्रों, टेक प्रोफेशनल्स और एनआरआई (NRI) के लिए एक विशेष 6 महीने की विदेशी संपत्ति खुलासा योजना की घोषणा की है, जिनसे अनजाने में विदेशी आय या संपत्ति की जानकारी छूट गई थी। इस योजना के तहत Category A में ₹1 करोड़ तक की संपत्ति पर टैक्स और लेवी देकर कानूनी कार्यवाही से मुक्ति मिलेगी, जबकि Category B में ₹5 करोड़ तक की संपत्ति के लिए एक निश्चित शुल्क देकर सुरक्षा प्राप्त की जा सकती है। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे निवेशकों को 'ब्लैक मनी एक्ट' की भारी पेनल्टी और मुकदमेबाजी से बचाकर पारदर्शिता को बढ़ावा देना है।

                                                                                                      FEBRUARY 01, 2026 / 1:19 PM IST

                                                                                                      Income Tax Slab Live: सड़क दुर्घटना मुआवजे पर बड़ी राहत, ब्याज अब पूरी तरह टैक्स-फ्री

                                                                                                      वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए मुआवजे पर मिलने वाले ब्याज को अब आयकर से मुक्त कर दिया गया है। पहले इस ब्याज राशि पर टीडीएस कट जाता था, जिससे पीड़ितों को मिलने वाली वास्तविक सहायता राशि कम हो जाती थी। इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिवारों को मिलने वाली पूरी राशि बिना किसी कटौती के उनके पास पहुंचे। यह कदम बीमा क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और आम आदमी के लिए सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।

                                                                                                        FEBRUARY 01, 2026 / 1:12 PM IST

                                                                                                        Income Tax Slab Live: विदेशी संपत्ति खुलासा योजना, छोटे करदाताओं के लिए सुनहरा मौका

                                                                                                        वित्त मंत्री ने उन छात्रों, टेक प्रोफेशनल्स और एनआरआई (NRI) के लिए एक विशेष 6 महीने की विदेशी संपत्ति खुलासा योजना की घोषणा की है, जिनसे अनजाने में विदेशी आय या संपत्ति की जानकारी छूट गई थी। इस योजना के तहत Category A में ₹1 करोड़ तक की संपत्ति पर टैक्स और लेवी देकर कानूनी कार्यवाही से मुक्ति मिलेगी, जबकि Category B में ₹5 करोड़ तक की संपत्ति के लिए एक निश्चित शुल्क देकर सुरक्षा प्राप्त की जा सकती है। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे निवेशकों को 'ब्लैक मनी एक्ट' की भारी पेनल्टी और मुकदमेबाजी से बचाकर पारदर्शिता को बढ़ावा देना है।

                                                                                                          FEBRUARY 01, 2026 / 1:09 PM IST

                                                                                                          Income Tax Slab Live: टैक्स ढांचे में स्थिरता बनाए रखना है सरकार का लक्ष्य

                                                                                                          सरकार ने टैक्स ढांचे में स्थिरता बनाए रखने को प्राथमिकता दी है ताकि कर नियमों में बार-बार बदलाव से होने वाली जटिलता से बचा जा सके। करदाता अपनी सुविधा के अनुसार पुरानी या नई रिजीम में से चुनाव करना जारी रख सकते हैं, लेकिन जब तक वेतन में बड़ी वृद्धि न हो, तब तक अधिकांश लोगों की कर देनदारी पिछले वर्ष के समान ही रहेगी। सरकार का फोकस इस बजट में मध्यम वर्ग को सीधे टैक्स छूट देने के बजाय लंबी अवधि की आर्थिक स्थिरता और बुनियादी ढांचे के विकास पर अधिक रहा है।

                                                                                                            FEBRUARY 01, 2026 / 1:01 PM IST

                                                                                                            Income Tax Slab Live: स्टैंडर्ड डिडक्शन में भी नहीं हुई कोई बढ़ोतरी

                                                                                                            नौकरीपेशा लोगों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन को ₹75,000 पर ही स्थिर रखा गया है और इसमें कोई नई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसी तरह, पुरानी टैक्स रिजीम में भी छूट और कटौती के नियमों को यथावत रखा गया है, जिससे करदाताओं को अपनी पुरानी प्लानिंग के हिसाब से ही रिटर्न फाइल करना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की लागत को देखते हुए मध्यम वर्ग को छूट की सीमा बढ़ने की उम्मीद थी, जो इस बार पूरी नहीं हुई।

                                                                                                              FEBRUARY 01, 2026 / 12:56 PM IST

                                                                                                              Income Tax Slab Live: इनकम टैक्स स्लैब में नहीं हुए कोई बदलाव

                                                                                                              वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है, जिससे व्यक्तिगत करदाताओं को कोई नई राहत नहीं मिली है। नई टैक्स रिजीम के तहत ₹4 लाख तक की आय कर-मुक्त रहेगी, जबकि ₹4-8 लाख पर 5%, ₹8-12 लाख पर 10%, और ₹24 लाख से अधिक की आय पर 30% टैक्स देना होगा। हालांकि, धारा 87A के तहत मिलने वाली रिबेट की वजह से ₹12 लाख तक की शुद्ध कर योग्य आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, जो कि पिछले साल की तरह ही बरकरार है।

                                                                                                                FEBRUARY 01, 2026 / 12:55 PM IST

                                                                                                                Income Tax Slab Live: क्लाउड 'टैक्स हॉलिडे 2047' से भारत बनेगा दुनिया का डेटा हब

                                                                                                                वित्त मंत्री ने विदेशी क्लाउड कंपनियों के लिए 2047 तक 'टैक्स हॉलिडे' का ऐतिहासिक ऐलान किया है, ताकि भारत को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का ग्लोबल सेंटर बनाया जा सके। इस छूट का लाभ उन कंपनियों को मिलेगा जो भारत में अपने डेटा सेंटर स्थापित करेंगी और वैश्विक स्तर पर सेवाएं देंगी। हालांकि, इसमें एक मुख्य शर्त यह है कि इन कंपनियों को भारतीय ग्राहकों को अपनी सेवाएं एक भारतीय रीसेलर इकाई के माध्यम से ही देनी होंगी। यह कदम गूगल क्लाउड, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसे बड़े दिग्गजों को भारत में निवेश के लिए आकर्षित करेगा, जिससे देश में बड़े पैमाने पर 'टेक जॉब्स' पैदा होंगी।

                                                                                                                  FEBRUARY 01, 2026 / 12:51 PM IST

                                                                                                                  Income Tax Slab Live: टैक्स विवादों में बड़ी राहत, अब एक ही आदेश में होगा फैसला

                                                                                                                  बजट 2026 में टैक्स विवादों को कम करने के लिए सरकार ने असेसमेंट और पेनल्टी की कार्यवाही को आपस में जोड़ने का बड़ा फैसला लिया है। अब इन दोनों के लिए अलग-अलग आदेशों के बजाय एक ही 'कॉमन ऑर्डर' जारी किया जाएगा, जिससे कानूनी प्रक्रिया तेज होगी। इसके साथ ही, अपील करने के लिए जमा की जाने वाली अनिवार्य राशि को 20% से घटाकर मात्र 10% कर दिया गया है, जिससे करदाताओं पर वित्तीय बोझ कम होगा और वे बिना भारी नकदी फंसाए अपनी बात कोर्ट या अथॉरिटी के सामने रख सकेंगे।

                                                                                                                    FEBRUARY 01, 2026 / 12:46 PM IST

                                                                                                                    Income Tax Slab Live: शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए बड़ी राहत, TCS अब 5% से घटकर 2%

                                                                                                                    वित्त मंत्री ने विदेशी खर्चों के मामले में छात्रों और उनके परिवारों को राहत देते हुए लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत शिक्षा और चिकित्सा के लिए विदेश भेजे जाने वाले पैसे पर TCS की दर को 5% से घटाकर 2% कर दिया है। सिरिल अमरचंद मंगलदास के पार्टनर कुणाल सवानी के अनुसार, यह कदम न केवल परिवारों पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम करेगा, बल्कि उनके 'कैश-फ्लो' में भी सुधार लाएगा। खास बात यह है कि विदेशी टूर पैकेज पर भी अब बिना किसी सीमा के केवल 2% TCS ही लगेगा, जिससे विदेश यात्रा और पढ़ाई दोनों अब मध्यम वर्ग के लिए अधिक किफायती हो गए हैं।

                                                                                                                      FEBRUARY 01, 2026 / 12:33 PM IST

                                                                                                                      Income Tax Slab Live: ITR में गलती सुधारना अब हुआ आसान

                                                                                                                      वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स नियमों में लचीलापन लाते हुए रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि को 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च करने का प्रस्ताव दिया है। इसका मतलब है कि यदि आपसे ओरिजिनल रिटर्न भरते समय कोई चूक या डेटा छूट गया है, तो अब आपके पास उसे सुधारने के लिए 3 महीने का अतिरिक्त समय होगा। हालांकि, 31 दिसंबर के बाद रिटर्न रिवाइज करने पर एक मामूली शुल्क देना होगा, लेकिन इससे आप भारी जुर्माने और इनकम टैक्स के नोटिस से बच सकेंगे।

                                                                                                                        FEBRUARY 01, 2026 / 12:27 PM IST

                                                                                                                        Income Tax Slab Live: विदेशी भुगतान और TDS में बड़ी राहत, TCS अब केवल 2%

                                                                                                                        वित्त मंत्री ने विदेशी लेन-देन करने वालों को बड़ी राहत देते हुए विदेशी टूर पैकेज, पढ़ाई और इलाज के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर TCS की दर को घटाकर सीधा 2% कर दिया है। पहले यह दर 5% से 20% के बीच हुआ करती थी, जिससे लोगों का काफी पैसा टैक्स के रूप में फंस जाता था। इसके अलावा, मैनपावर सेवाओं को अब स्पष्ट रूप से 'पेमेंट टू कॉन्ट्रैक्टर' के दायरे में लाया गया है, जिससे इन सेवाओं पर TDS की दर मात्र 1% या 2% ही रहेगी।

                                                                                                                          FEBRUARY 01, 2026 / 12:21 PM IST

                                                                                                                          Income Tax Slab Live: फ्यूचर्स पर STT बढ़ा, ट्रेडिंग करना अब होगा थोड़ा महंगा

                                                                                                                          शेयर बाजार में सट्टेबाजी को कम करने और राजस्व बढ़ाने के लिए वित्त मंत्री ने फ्यूचर्स पर लगने वाले सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को बढ़ाकर 0.05% करने का ऐलान किया है। इससे पहले यह दर 0.02% थी, जिसका मतलब है कि अब फ्यूचर्स सेगमेंट में ट्रेड करने वाले निवेशकों की लागत ढाई गुना बढ़ जाएगी।

                                                                                                                            FEBRUARY 01, 2026 / 12:18 PM IST

                                                                                                                            Income Tax Slab Budget 2026 Live: 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया इनकम टैक्स कानून

                                                                                                                            वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि 60 साल पुराने 1961 के कानून की जगह अब 'आयकर अधिनियम 2025' पूरी तरह से 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो जाएगा। इस नए कानून में जटिल कानूनी भाषा को हटाकर इसे बहुत सरल बनाया गया है और धाराओं की संख्या 800 से घटाकर 536 कर दी गई है।

                                                                                                                              FEBRUARY 01, 2026 / 12:15 PM IST

                                                                                                                              Income Tax Slab Budget 2026 Live: वित्त मंत्री ने किया क्लाउड टैक्स हॉलिडे का ऐलान

                                                                                                                              वित्त मंत्री ने विदेशी क्लाउड कंपनियों के लिए 2047 तक 'टैक्स हॉलिडे' का बड़ा ऐलान किया है, बशर्ते वे भारत में अपने डेटा सेंटर स्थापित करें। इस छूट का लाभ उठाने के लिए एक शर्त यह है कि इन कंपनियों को भारतीय ग्राहकों को अपनी सेवाएं एक भारतीय रीसेलर इकाई के माध्यम से देनी होंगी। इसके साथ ही, आईटी कंपनियों के लिए टैक्स संबंधी विवादों को कम करने के लिए 'एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट' (APA) की समयसीमा को घटाकर मात्र 2 वर्ष कर दिया गया है।

                                                                                                                                FEBRUARY 01, 2026 / 12:11 PM IST

                                                                                                                                Income Tax Slab Live: विदेशी यात्रा और पढ़ाई सस्ती, TCS अब घटकर सिर्फ 2%

                                                                                                                                वित्त मंत्री ने आज के बजट में उन लोगों को बड़ी राहत दी है जो विदेश घूमने जाने का मन बना रहे हैं या जिनके बच्चे बाहर पढ़ रहे हैं। अब विदेशी टूर पैकेज पर लगने वाले TCS (Tax Collected at Source) को 5-20% की ऊंची दरों से घटाकर सीधा 2% कर दिया गया है। साथ ही, विदेश में पढ़ाई के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर भी राहत दी गई है; अगर आप पढ़ाई के लिए ₹10 लाख से ज्यादा भेजते हैं, तो उस पर भी अब सिर्फ 2% TCS लगेगा, जिससे अभिभावकों का शुरुआती खर्च और कैश-फ्लो काफी सुधर जाएगा।

                                                                                                                                  FEBRUARY 01, 2026 / 12:09 PM IST

                                                                                                                                  Income Tax Slab Budget 2026 Live: शिक्षा पर TCS को घटाकर 2% किया गया

                                                                                                                                  शिक्षा पर TCS को घटाकर 2% कर दिया गया है।

                                                                                                                                    FEBRUARY 01, 2026 / 12:07 PM IST

                                                                                                                                    Income Tax Slab Live: पर्यटन और विरासत स्थलों के विकास पर होगा फोकस

                                                                                                                                    पर्यटन को रोजगार का इंजन बनाने के लिए सरकार 20 प्रमुख स्थलों पर 10,000 गाइड्स को प्रशिक्षित करेगी और 15 पुरातात्विक स्थलों को विश्वस्तरीय सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। विज्ञान और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए चार नई टेलिस्कोप सुविधाएं स्थापित होंगी, जिनमें नेशनल लार्ज सोलर टेलिस्कोप और हिमालयन चंद्रा टेलिस्कोप का अपग्रेडेशन शामिल है। इसके अलावा, एक 'नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड' बनाया जाएगा, जो स्थानीय शोधकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए पर्यटन से जुड़े रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।

                                                                                                                                      FEBRUARY 01, 2026 / 11:59 AM IST

                                                                                                                                      Income Tax Slab Live: युवाओं और किसानों के लिए बड़ा लक्ष्य

                                                                                                                                      वित्त मंत्री ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए 'खेलो इंडिया मिशन' को अगले 10 वर्षों तक चलाने का ऐतिहासिक ऐलान किया है, जिससे जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को लंबी अवधि तक मदद मिलेगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पशुपालन के क्षेत्र में 'क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी' योजना शुरू होगी, जिससे डेयरी और पोल्ट्री व्यवसाय के लिए सस्ता कर्ज मिलेगा। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से खेती और पशुपालन से जुड़े स्टार्टअप्स को भी विशेष वित्तीय सहायता दी जाएगी, ताकि गांवों में ही रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।

                                                                                                                                        FEBRUARY 01, 2026 / 11:55 AM IST

                                                                                                                                        Income Tax Slab Live: She-Marts और मानसिक स्वास्थ्य, महिलाओं के सेहत को लेकर बजट में बड़े ऐलान

                                                                                                                                        महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए सरकार 'She-Marts' लॉन्च करेगी, जहां उन्हें आसानी से कर्ज और आधुनिक वित्तीय सुविधाएं मिल सकेंगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में मानसिक सेहत पर जोर देते हुए NIMHANS 2 (बेंगलुरु के पास) और रांची व तेजपुर में नए मानसिक स्वास्थ्य संस्थान स्थापित करने का ऐलान किया गया है। इन कदमों का उद्देश्य महिलाओं के लिए व्यापार को आसान बनाना और देश के हर कोने में विश्वस्तरीय मानसिक स्वास्थ्य उपचार उपलब्ध कराना है।

                                                                                                                                          FEBRUARY 01, 2026 / 11:51 AM IST

                                                                                                                                          Income Tax Slab Live: पूर्वोत्तर में बनेगा नया NID, डिजाइन शिक्षा का होगा विस्तार

                                                                                                                                          बजट 2026 में वित्त मंत्री ने पूर्वोत्तर भारत के लिए एक नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) की स्थापना का प्रस्ताव दिया है। इसका उद्देश्य क्षेत्र के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की डिजाइन शिक्षा प्रदान करना और स्थानीय हस्तशिल्प व संस्कृति को आधुनिक पहचान दिलाना है। यह संस्थान पूर्वोत्तर में रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देगा और स्थानीय प्रतिभाओं को अपने ही क्षेत्र में रहकर वैश्विक स्तर पर करियर बनाने के अवसर प्रदान करेगा।

                                                                                                                                            FEBRUARY 01, 2026 / 11:49 AM IST

                                                                                                                                            Income Tax Slab Live: इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के पास यूनिवर्सिटी टाउनशिप से होगी नई शिक्षा क्रांति

                                                                                                                                            वित्त मंत्री ने औद्योगिक गलियारों के पास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाने की घोषणा की है। ये टाउनशिप आधुनिक शैक्षणिक केंद्रों, कौशल प्रशिक्षण संस्थानों और आवासीय क्षेत्रों से लैस होंगी ताकि छात्रों को उद्योगों के करीब ट्रेनिंग मिल सके। इस कदम से विनिर्माण और शिक्षा के बीच की दूरी कम होगी, जिससे युवाओं को पढ़ाई के तुरंत बाद सीधे औद्योगिक क्षेत्रों में रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।

                                                                                                                                              FEBRUARY 01, 2026 / 11:46 AM IST
                                                                                                                                              Income Tax Slab Live: बजट में सबका साथ सबका विकास पर फोकस
                                                                                                                                              • किसानों की इनकम बढ़ाई जाएगी
                                                                                                                                              • फोकस छोटे किसानों पर होगा
                                                                                                                                              • दिव्यांग लोगों की इनकम बढ़ाने के उपाय
                                                                                                                                              • पूर्वोदय राज्यों पर विकास के लिए फोकस होगा
                                                                                                                                                FEBRUARY 01, 2026 / 11:43 AM IST

                                                                                                                                                Income Tax Slab Live: बजट में चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल के लिए बड़े सौगात

                                                                                                                                                चुनावों की दहलीज पर खड़े पश्चिम बंगाल के लिए बजट 2026 में बुनियादी ढांचे को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। पहली बड़ी घोषणा डांकुनी (पूर्व) को सूरत (पश्चिम) से जोड़ने वाले एक नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर(DFC) की स्थापना है। यह कॉरिडोर औद्योगिक केंद्र सूरत और लॉजिस्टिक्स हब डांकुनी के बीच माल ढुलाई को तेज और सस्ता बनाएगा, जिससे बंगाल के जूट, टेक्सटाइल और एमएसएमई उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा।

                                                                                                                                                  FEBRUARY 01, 2026 / 11:41 AM IST

                                                                                                                                                  Income Tax Slab Live: शहरों का होगा कायाकल्प, ₹5,000 करोड़ का 'सिटी इकोनॉमिक रीजंस' फंड

                                                                                                                                                  बजट 2026 में वित्त मंत्री ने शहरी विकास और वैश्विक निवेश को लेकर दो बड़े ऐलान किए हैं। पहला, चुनिंदा शहरों को 'ग्रोथ हब' बनाने के लिए ₹5,000 करोड़ का 'सिटी इकोनॉमिक रीजंस' फंड आवंटित किया गया है, जिसका लक्ष्य टियर-2 और टियर-3 शहरों में मेट्रो जैसी सुविधाएं और रोजगार के अवसर पैदा करना है। दूसरा बड़ा बदलाव विदेशी निवेशकों (PROIs) के लिए है; अब भारत के बाहर रहने वाले लोग 'पोर्टफोलियो रूट' के जरिए भारतीय शेयर बाजार में अधिक निवेश कर सकेंगे। सरकार ने व्यक्तिगत निवेश की सीमा को 5% से बढ़ाकर 10% और कुल निवेश सीमा को 10% से बढ़ाकर 24% करने का प्रस्ताव दिया है। ये दोनों कदम मिलकर भारतीय शहरों को आधुनिक बनाएंगे और शेयर बाजार में विदेशी पूंजी के प्रवाह को बढ़ाकर देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

                                                                                                                                                    FEBRUARY 01, 2026 / 11:36 AM IST

                                                                                                                                                    Income Tax Slab Live: ₹12.2 लाख करोड़ के कैपेक्स से बुनियादी ढांचे से 'विकसित भारत' की ओर

                                                                                                                                                    वित्त मंत्री ने आज भारत के विकास की गति को बनाए रखने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिसके तहत अगले वित्त वर्ष (FY27) के लिए सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया गया है। 2014-15 में यह आंकड़ा महज ₹2 लाख करोड़ था, जो अब 6 गुना से भी ज्यादा बढ़ चुका है। इस भारी-भरकम निवेश का सीधा असर आपके जीवन पर पड़ेगा। इसका एक बड़ा हिस्सा सड़क, रेलवे, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और अक्षय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में जाएगा। जब सरकार पुलों, हाईवे और पावर ग्रिड पर खर्च करती है, तो यह न केवल यात्रा को आसान बनाता है, बल्कि सीमेंट, स्टील और लॉजिस्टिक्स जैसे उद्योगों में लाखों नए रोजगार भी पैदा करता है।

                                                                                                                                                      FEBRUARY 01, 2026 / 11:32 AM IST

                                                                                                                                                      Income Tax Slab Live: MSME को चैंपियन बनाने के लिए ₹10,000 करोड़ का ऐलान

                                                                                                                                                      बजट 2026 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) की ताकत बढ़ाने के लिए वित्त मंत्री ने एक त्रि-आयामी दृष्टिकोण पेश किया है, जिसका मुख्य केंद्र ₹10,000 करोड़ का 'MSME ग्रोथ फंड' है। यह फंड उन छोटे उद्योगों को 'इक्विटी सपोर्ट' देगा जिनमें देश और दुनिया के स्तर पर चैंपियन बनने की क्षमता है। इसके अलावा, सरकार ने 'सेल्फ रिलायंट इंडिया (SRI) फंड' में भी ₹2,000 करोड़ की अतिरिक्त राशि डालने की घोषणा की है, ताकि उभरते हुए व्यवसायों को वित्तीय मजबूती मिल सके। इस पहल का उद्देश्य MSMEs को केवल कर्ज के भरोसे रखने के बजाय उन्हें निवेश के जरिए बड़े पैमाने पर उत्पादन करने, आधुनिक तकनीक अपनाने और वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने के योग्य बनाना है।

                                                                                                                                                        FEBRUARY 01, 2026 / 11:27 AM IST

                                                                                                                                                        Income Tax Slab Live: बजट 2026 में युवा शक्ति और विकसित भारत का रोडमैप

                                                                                                                                                        वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अपने भाषण में बजट 2026 को 'युवा शक्ति' से प्रेरित बताते हुए तीन मुख्य 'कर्तव्यों' की घोषणा की है, जो सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं। पहला कर्तव्य है- आर्थिक विकास को गति देना और उत्पादकता बढ़ाकर भारत को वैश्विक अस्थिरता के बीच सुरक्षित रखना। दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उन्हें देश की समृद्धि में सक्रिय भागीदार बनाना है, जिसके लिए शिक्षा और कौशल विकास पर जोर दिया जा रहा है। तीसरा कर्तव्य 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र के साथ यह सुनिश्चित करना है कि देश के हर परिवार, क्षेत्र और समुदाय तक संसाधनों और अवसरों की समान पहुंच हो। ये तीन कर्तव्य मिलकर एक ऐसे समावेशी और मजबूत भारत की नींव रख रहे हैं, जो बाहरी चुनौतियों का सामना करते हुए भी 7.4% की अनुमानित विकास दर के साथ आगे बढ़ने का माद्दा रखता है।

                                                                                                                                                          FEBRUARY 01, 2026 / 11:21 AM IST

                                                                                                                                                          Income Tax Slab Live: बजट 2026 में 'सस्टेनेबल' विकास पर जोर

                                                                                                                                                          वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अपने भाषण में एक महत्वपूर्ण चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि नई तकनीकें (जैसे AI और डेटा सेंटर्स) उत्पादन तो बढ़ा रही हैं, लेकिन वे बिजली और पानी की मांग को भी तेजी से बढ़ा रही हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने बजट 2026 में 'ऊर्जा सुरक्षा' को प्राथमिकता दी है, ताकि विदेशों से तेल और गैस के आयात पर निर्भरता कम की जा सके। वित्त मंत्री ने बताया कि भारत लगभग 7% की ऊंची विकास दर के साथ आगे बढ़ रहा है और इसे बनाए रखने के लिए सरकार भारी निवेश कर रही है। 'विकसित भारत' के सपने को पूरा करने के लिए भारत अब केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक बाजारों से और गहराई से जुड़कर निर्यात (Exports) बढ़ाएगा और विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करेगा।

                                                                                                                                                            FEBRUARY 01, 2026 / 11:17 AM IST

                                                                                                                                                            Income Tax Slab Live: 'रिफॉर्म ओवर रेटोरिक' नारा नहीं, सुधारों पर है जोर

                                                                                                                                                            वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने रिकॉर्ड नौवें बजट भाषण की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के 'रिफॉर्म ओवर रेटोरिक' (नारेबाजी से ऊपर सुधार) के विजन को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने वित्तीय अनुशासन, स्थिर विकास और नियंत्रित महंगाई के दम पर एक मजबूत आर्थिक आधार तैयार किया है। इस बजट का मुख्य उद्देश्य केवल लोक-लुभावन घोषणाएं करना नहीं, बल्कि 'विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़े संरचनात्मक सुधारों को जारी रखना है। इसी दिशा में सरकार 1 अप्रैल 2026 से नए 'आयकर अधिनियम 2025' को लागू करने और जीएसटी के ढांचे को सरल बनाकर 'GST 2.0' (5% और 18% के दो मुख्य स्लैब) की ओर बढ़ने की तैयारी कर रही है, ताकि देश में व्यापार करना और टैक्स भरना दोनों और भी आसान हो सकें।

                                                                                                                                                              FEBRUARY 01, 2026 / 11:15 AM IST

                                                                                                                                                              Income Tax Slab Live: 30% टैक्स स्लैब में बदलाव की उम्मीद, हाई सैलरी वालों की बढ़ेगी बचत!

                                                                                                                                                              नई टैक्स रिजीम में फिलहाल ₹24 लाख से अधिक की आय पर सीधा 30% टैक्स लगता है। जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में जिस तेजी से निजी क्षेत्र की सैलरी और महंगाई बढ़ी है, उस हिसाब से यह ₹24 लाख की सीमा अब कम पड़ने लगी है। बजट 2026 में सीनियर प्रोफेशनल्स और मध्यम-उच्च आय वर्ग की सबसे बड़ी मांग इस 30% वाले स्लैब की शुरुआत को ₹24 लाख से बढ़ाकर ₹30 लाख या ₹40 लाख करने की है। यदि सरकार इस सीमा को बढ़ाती है, तो भले ही टैक्स की दर न घटे, लेकिन आपकी आय का एक बड़ा हिस्सा 30% के बजाय 25% के निचले स्लैब में आ जाएगा। इससे हाई वेतन वाले कर्मचारियों की 'इन-हैंड सैलरी' में सालाना हजारों रुपयों का इजाफा होगा, जिसे वे निवेश या अपने बच्चों की उच्च शिक्षा में इस्तेमाल कर सकेंगे।

                                                                                                                                                                FEBRUARY 01, 2026 / 11:11 AM IST

                                                                                                                                                                Income Tax Slab Live: बजट 2026 में क्या कम होगा आपका इनकम टैक्स?

                                                                                                                                                                वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का नौवां बजट मुख्य रूप से स्थिरता और सरलता पर केंद्रित होने वाला है। इस साल इनकम टैक्स स्लैब में किसी बड़े बदलाव के बजाय, सरकार का जोर नई टैक्स रिजीम को और अधिक आकर्षक बनाने पर है। नौकरीपेशा लोगों के लिए राहत का सबसे बड़ा रास्ता स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी हो सकता है, जिसे ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख करने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा, ₹12 लाख तक की आय पर 'जीरो टैक्स' की सुविधा को बरकरार रखते हुए, मध्यम वर्ग को महंगाई से लड़ने के लिए अधिक 'डिस्पोजेबल इनकम' देने का लक्ष्य रखा गया है। यह बजट 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए आयकर अधिनियम 2025 की नींव रख रहा है, जिसका उद्देश्य टैक्स स्लैब घटाने से ज्यादा, टैक्स भरने की प्रक्रिया को नोटिस-मुक्त और आसान बनाना है।

                                                                                                                                                                  FEBRUARY 01, 2026 / 11:06 AM IST

                                                                                                                                                                  Income Tax Slab Live: NPS और रिटायरमेंट प्लानिंग, नई टैक्स व्यवस्था में 'भविष्य' की सुरक्षा

                                                                                                                                                                  नई टैक्स रिजीम को अपनाने वालों के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) बचत का एक बेहतरीन जरिया बना हुआ है, क्योंकि इसमें धारा 80CCD(2) के तहत नियोक्ता द्वारा आपके बेसिक वेतन का 14% तक का योगदान पूरी तरह टैक्स-फ्री है। बजट 2026 में विशेषज्ञों को उम्मीद है कि सरकार स्वयं के योगदान पर मिलने वाली ₹50,000 की अतिरिक्त छूट (धारा 80CCD(1B)) को भी नई रिजीम में शामिल कर सकती है, जो फिलहाल केवल पुरानी व्यवस्था में उपलब्ध है। इसके अलावा, रिटायरमेंट के समय 60% के बजाय 80% फंड एकमुश्त निकालने की नई सुविधा को भी पूरी तरह टैक्स-फ्री करने की मांग जोरों पर है।

                                                                                                                                                                    FEBRUARY 01, 2026 / 10:58 AM IST

                                                                                                                                                                    Income Tax Slab Live: कैपिटल गेन्स टैक्स में बदलाव पर है निवेशकों की नजर

                                                                                                                                                                    शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और प्रॉपर्टी से होने वाली कमाई पर लगने वाला 'कैपिटल गेन्स टैक्स' निवेशकों के लिए बजट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। वर्तमान में, अगर आप एक साल से ज्यादा समय तक शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड रखते हैं, तो ₹1.25 लाख से अधिक के मुनाफे पर 12.5% का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स लगता है, जबकि एक साल से कम समय में बेचने पर 20% शॉर्ट-टर्म टैक्स (STCG) देना होता है। बजट 2026 में निवेशकों की सबसे बड़ी मांग इस ₹1.25 लाख की छूट सीमा को बढ़ाकर ₹2 लाख करने की है, ताकि छोटे निवेशकों को राहत मिल सके।

                                                                                                                                                                      FEBRUARY 01, 2026 / 10:54 AM IST

                                                                                                                                                                      Income Tax Slab Live: बजट 2026 में 'सुपर-फास्ट' रिफंड की तैयारी

                                                                                                                                                                      बजट 2026 में टैक्स स्लैब से परे हटकर सरकार का असली फोकस टैक्स प्रक्रिया को 'सिरदर्द-मुक्त' बनाने पर है। इस साल TDS दरों को युक्तिसंगत बनाने के लिए बड़े प्रस्ताव हैं, जिनमें दरों की संख्या को घटाकर केवल दो (शायद 1% और 5%) करने की बात चल रही है, ताकि व्यापारियों और पेशेवरों का वर्किंग कैपिटल अनावश्यक रूप से न फंसा रहे। सबसे बड़ी खुशखबरी रिफंड को लेकर आ सकती है। तकनीक के इस्तेमाल से सरकार का लक्ष्य 'इंस्टेंट रिफंड' और एआईएस डेटा में होने वाली गलतियों को बिना नोटिस भेजे स्वतः ठीक करने का है। 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले 'आयकर अधिनियम 2025' के साथ मिलकर ये बदलाव यह सुनिश्चित करेंगे कि करदाताओं को रिफंड के लिए महीनों इंतज़ार न करना पड़े और अनुपालन इतना सरल हो जाए कि आपको किसी भी छोटी गलती के लिए कानूनी नोटिस का सामना न करना पड़े।

                                                                                                                                                                        FEBRUARY 01, 2026 / 10:50 AM IST

                                                                                                                                                                        Income Tax Slab Live: बजट के 'भाग-बी' में क्या होता है?

                                                                                                                                                                        आज जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना नौवां बजट पेश करेंगी। नौकरीपेशा और निवेशकों की नजरें मुख्य भाषण (Part A) से कहीं ज्यादा 'भाग-बी' पर टिकी हैं। बजट भाषण का पहला हिस्सा जहां सरकार की बड़ी योजनाओं और विज़न के बारे में होता है, वहीं 'भाग-बी' वह असली जगह है जहां आपके आयकर स्लैब, स्टैंडर्ड डिडक्शन, टीडीएस नियमों और कैपिटल गेन्स टैक्स का फैसला लिखा होता है। इस साल यह हिस्सा और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 1 अप्रैल 2026 से नया 'आयकर अधिनियम 2025' लागू होना है।

                                                                                                                                                                          FEBRUARY 01, 2026 / 10:43 AM IST

                                                                                                                                                                          Income Tax Slab Live: आयकर और जीएसटी, सरकार ने कैसे दिया 'दोहरी राहत' का तोहफा?

                                                                                                                                                                          पिछले एक साल में सरकार ने मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों पर से टैक्स का बोझ कम करने के लिए 'डायरेक्ट' (आयकर) और 'इनडायरेक्ट' (जीएसीटी) दोनों मोर्चों पर बड़े बदलाव किए है। आयकर के मोर्चे पर, बजट 2025 ने ₹12 लाख तक की आय को पूरी तरह टैक्स-फ्री कर दिया (स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ प्रभावी सीमा ₹12.75 लाख), जिससे करीब 90% करदाताओं को राहत मिली। वहीं दूसरी ओर, सितंबर 2025 से लागू 'GST 2.0' के तहत टैक्स ढांचा सरल कर दिया गया है; अब मुख्य रूप से केवल 5% और 18% के दो ही स्लैब रह गए हैं। रोजमर्रा की चीजें जैसे साबुन, टूथपेस्ट, और दवाइयां सस्ती हुई हैं, साथ ही सीमेंट, छोटे वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स (AC, TV) पर टैक्स 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है। आयकर में 'बचत' और जीएसटी में 'सस्ती खरीदारी' के इस मेल ने आम आदमी की क्रय शक्ति को काफी बढ़ा दिया है।

                                                                                                                                                                            FEBRUARY 01, 2026 / 10:39 AM IST

                                                                                                                                                                            Income Tax Slab Live: टैक्स चार्ट और ₹4 लाख के बाद टैक्स का गणित

                                                                                                                                                                            अक्सर टैक्स चार्ट्स में पहला स्लैब '₹0 से ₹4 लाख: शून्य' और दूसरा '₹4 से ₹8 लाख: 5%' लिखा होता है, जिसे देखकर कई लोग घबरा जाते हैं कि ₹4 लाख के ऊपर कमाते ही जेब ढीली होगी। असलियत में ये चार्ट सिर्फ एक ढांचा हैं, अंतिम फैसला नहीं। नई टैक्स रिजीम में सरकार 'सेक्शन 87A' के तहत ₹60,000 तक की भारी टैबेट देती है। इसका मतलब है कि भले ही स्लैब के हिसाब से ₹4 लाख से ₹12 लाख के बीच आपका टैक्स बनता दिख रहा हो, लेकिन अगर आपकी कुल टैक्सेबल इनकम ₹12 लाख तक है, तो यह रिबेट उस पूरे टैक्स को जीरो कर देती है। सीधे शब्दों में कहें तो, ₹4 लाख की लिमिट केवल उन लोगों के लिए टैक्स की शुरुआत है जो बहुत ज्यादा (जैसे ₹15-20 लाख से अधिक) कमाते हैं; मध्यम वर्ग के लिए तो ₹12 लाख (और नौकरीपेशा के लिए ₹12.75 लाख) ही असली 'नो-टैक्स' लक्ष्मण रेखा है।

                                                                                                                                                                              FEBRUARY 01, 2026 / 10:34 AM IST

                                                                                                                                                                              Income Tax Slab Live: ₹12 लाख की सीमा पार करते ही क्या होता है? समझिए 'टैक्स क्लिफ' और 'मार्जिनल रिलीफ'

                                                                                                                                                                              नई टैक्स रिजीम में ₹12 लाख की कमाई तक कोई टैक्स नहीं देना पड़ता, लेकिन जैसे ही आपकी आय इस सीमा को एक रुपये भी पार करती है, आप पर भारी टैक्स का खतरा मंडराने लगता है। उदाहरण के लिए, अगर आपकी आय ₹12,10,000 है, तो स्लैब के हिसाब से आपका टैक्स ₹60,000 से ऊपर निकल सकता है, जो कि आपकी बढ़ी हुई ₹10,000 की कमाई से कहीं ज्यादा है। इसे ही 'टैक्स क्लिफ' कहा जाता है, जहाँ थोड़ी सी ज्यादा कमाई आपकी जेब पर भारी पड़ती है। इसी झटके से बचाने के लिए सरकार 'मार्जिनल रिलीफ' का प्रावधान लाई है। यह नियम सुनिश्चित करता है कि आपको अपनी बढ़ी हुई आय (₹12 लाख के ऊपर का हिस्सा) से ज्यादा टैक्स न देना पड़े। यानी अगर आपने ₹10,000 ज्यादा कमाए हैं, तो आपका टैक्स भी ₹10,000 से अधिक नहीं बढ़ेगा। यह राहत मुख्य रूप से ₹12.75 लाख तक की आय वालों को मिलती है, ताकि उनकी मेहनत की कमाई टैक्स की भेंट न चढ़ जाए।

                                                                                                                                                                                FEBRUARY 01, 2026 / 10:28 AM IST

                                                                                                                                                                                Income Tax Slab Live: बजट 2026 में क्या करदाताओं को मिलेगी असली राहत?

                                                                                                                                                                                बजट 2026 में करदाताओं के लिए असली 'जीत' केवल टैक्स दरों में भारी कटौती नहीं, बल्कि नियमों की सरलता और स्थिरता में छिपी है। मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी राहत तब मानी जाएगी जब सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख कर दे और सेक्शन 87A की 'जीरो टैक्स' सीमा को ₹12 लाख से बढ़ाकर ₹15 लाख तक ले जाए। इसके साथ ही, ऊंचे वेतन वाले पेशेवरों के लिए 30% वाले टैक्स स्लैब की शुरुआत ₹24 लाख के बजाय ₹30 लाख से होना एक बड़ी उपलब्धि होगी, जिससे उनकी वास्तविक क्रय शक्ति बनी रहेगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि टैक्स पोर्टल पर होने वाली तकनीकी गलतियों और 'मिसमैच' का तेजी से समाधान हो, ताकि ईमानदारी से टैक्स भरने वालों को नोटिस और अंतहीन कागजी कार्रवाई के डर से मुक्ति मिल सके।

                                                                                                                                                                                  FEBRUARY 01, 2026 / 10:17 AM IST

                                                                                                                                                                                  Income Tax Slab Live: टैक्स रिलीफ बनाम टैक्स रिबेट, अपनी बचत का सही गणित समझना है जरूरी

                                                                                                                                                                                  इनकम टैक्स की दुनिया में 'टैक्स रिलीफ' और 'टैक्स रिबेट' सुनने में एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन आपकी जेब पर इनका असर बिल्कुल अलग होता है। आसान शब्दों में कहें तो, टैक्स रिलीफ या डिडक्शन (जैसे 80C या स्टैंडर्ड डिडक्शन) आपकी उस कुल कमाई को कम कर देता है जिस पर टैक्स लगना है, जिससे आपकी 'टैक्सेबल इनकम' घट जाती है। वहीं दूसरी ओर, टैक्स रिबेट (जैसे सेक्शन 87A) आपके द्वारा गिने गए अंतिम टैक्स बिल में से सीधे पैसे घटा देता है। बजट 2026 में सबकी नजरें सेक्शन 87A पर इसलिए टिकी हैं क्योंकि नई टैक्स रिजीम में इसी रिबेट की वजह से ₹12 लाख तक की आय पर टैक्स 'जीरो' हो जाता है। सरकार इसे एक ऐसे औजार के रूप में इस्तेमाल करती है जिससे बिना टैक्स स्लैब छेड़े सीधे मध्यम वर्ग को नकद राहत पहुंचाई जा सके।

                                                                                                                                                                                    FEBRUARY 01, 2026 / 10:11 AM IST

                                                                                                                                                                                    Income Tax Slab Live: पहली बार टैक्स भरने वालों के लिए बजट 2026 में कम कागजी कार्रवाई और ज्यादा बचत की उम्मीद

                                                                                                                                                                                    अपना करियर शुरू करने वाले युवाओं और पहली बार टैक्स भरने वालों के लिए 'नई टैक्स रिजीम' अपनी सरलता और कम टैक्स दरों की वजह से सबसे बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी है। इस बजट में युवाओं की नजर खास तौर पर स्टैंडर्ड डिडक्शन में होने वाली बढ़ोतरी पर है, जिससे उनके हाथ में खर्च करने के लिए अधिक सैलरी बचेगी, साथ ही वे टैक्स पोर्टल पर डेटा की गलतियों (AIS/Form 26AS mismatch) को सुधारने के लिए और अधिक पारदर्शी सिस्टम की उम्मीद कर रहे हैं। कम उम्र के करदाताओं के लिए निवेश के सबूत जुटाने के बजाय सीधे कम टैक्स देना ज्यादा सुविधाजनक है, इसलिए सरकार का पूरा जोर टैक्स अनुपालन को इतना आसान बनाने पर है कि किसी भी नए करदाता को रिटर्न फाइल करते समय तनाव न हो। अगर आज के बजट में डिजिटल सुधारों और स्लैब में मामूली राहत की घोषणा होती है, तो यह देश के करोड़ों नए प्रोफेशनल्स के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन साबित होगा।

                                                                                                                                                                                      FEBRUARY 01, 2026 / 10:05 AM IST

                                                                                                                                                                                      Income Tax Slab Live: क्या धीरे-धीरे खत्म होने वाली है आपकी पसंदीदा पुरानी टैक्स रिजीम?

                                                                                                                                                                                      सरकार ने भले ही पुरानी टैक्स व्यवस्था को खत्म करने की कोई तारीख तय न की हो, लेकिन बजट के हालिया रुझान बताते हैं कि इसे धीरे-धीरे अप्रासंगिक बनाने की तैयारी है। विशेषज्ञ इसे 'सॉफ्ट फेज-आउट' कह रहे हैं, क्योंकि पिछले कई सालों से पुरानी रिजीम के स्लैब और छूट की सीमाओं (जैसे ₹1.5 लाख की 80C लिमिट) में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जबकि नई रिजीम को लगातार आकर्षक बनाया जा रहा है। सरकार का मकसद साफ है। एक ऐसी सरल व्यवस्था लाना जहां न निवेश के सबूत देने का झंझट हो और न ही टैक्स गणना की पेचीदगी। हालांकि, होम लोन और बीमा जैसी लंबी अवधि की योजनाओं में निवेश करने वाले करोड़ों भारतीयों के हितों को देखते हुए, बजट 2026 में इसे पूरी तरह खत्म करने के बजाय 'डिफॉल्ट' विकल्प से हटाकर केवल एक 'वैकल्पिक' रास्ते के रूप में सीमित रखने की अधिक संभावना है।

                                                                                                                                                                                        FEBRUARY 01, 2026 / 9:58 AM IST

                                                                                                                                                                                        Income Tax Slab Live: क्या बड़े टैक्स कट की उम्मीदें पूरी होंगी? समझिए राजकोषीय हकीकत

                                                                                                                                                                                        वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार के बजट में आयकर में किसी बड़ी या नाटकीय कटौती की गुंजाइश काफी कम है, क्योंकि सरकार को विकास की रफ्तार और राजकोषीय घाटे के बीच एक कठिन संतुलन बनाना है। सरकार का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2026 के लिए घाटे को जीडीपी के 4.4% तक सीमित रखने का है, जबकि बुनियादी ढांचे, रक्षा और सामाजिक कल्याण पर खर्च की प्राथमिकताएं पहले से तय हैं। ऐसे में विशेषज्ञों को 'हेडलाइन' बटोरने वाले बड़े बदलावों के बजाय 'स्मार्ट और छोटे सुधार' जैसे कि स्टैंडर्ड डिडक्शन में मामूली बढ़ोतरी या कुछ खास आय वर्ग के लिए स्लैब में मामूली बदलाव की अधिक संभावना दिखती है। पिछले कुछ वर्षों में पहले ही बड़े टैक्स सुधार किए जा चुके हैं, इसलिए इस बार सरकार का पूरा जोर टैक्स सिस्टम में स्थिरता और पारदर्शिता बनाए रखने पर रहेगा ताकि निवेशकों और आम करदाताओं का भरोसा बना रहे।

                                                                                                                                                                                          FEBRUARY 01, 2026 / 9:56 AM IST

                                                                                                                                                                                          Income Tax Slab Live: आखिर क्यों रिटायरमेंट के बाद भी पुरानी टैक्स व्यवस्था है बुजुर्गों की पहली पसंद?

                                                                                                                                                                                          सीनियर सिटीजन (60-80 वर्ष) और सुपर सीनियर सिटीजन (80 वर्ष से ऊपर) के लिए पुरानी टैक्स व्यवस्था आज भी सुरक्षा कवच की तरह है, क्योंकि इसमें उन्हें उम्र के आधार पर अधिक 'बेसिक छूट' मिलती है। जहां सामान्य नागरिकों के लिए यह सीमा ₹2.5 लाख है, वहीं बुजुर्गों के लिए ₹3 लाख और अति-बुजुर्गों के लिए ₹5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता। इसके अलावा, रिटायरमेंट के बाद वे अपनी बचत पर मिलने वाले ब्याज (Section 80TTB के तहत ₹50,000 तक) और स्वास्थ्य बीमा (Section 80D के तहत ₹50,000 तक) पर मिलने वाली भारी-भरकम छूटों का लाभ उठा पाते हैं, जो नई व्यवस्था में उपलब्ध नहीं हैं। चूंकि अधिकांश बुजुर्गों ने अपनी वित्तीय योजनाएं इन्हीं फायदों को ध्यान में रखकर बनाई हैं, इसलिए बजट 2026 में पुरानी व्यवस्था के कमजोर होने का कोई भी संकेत न केवल उनके घरेलू बजट को बिगाड़ सकता है, बल्कि राजनीतिक रूप से भी एक संवेदनशील मुद्दा बन सकता है।

                                                                                                                                                                                            FEBRUARY 01, 2026 / 9:52 AM IST

                                                                                                                                                                                            Income Tax Slab Live: 80C की सीमा और महंगाई का बोझ, क्या खत्म होगा बचत पर लगा 'फ्रीज'?

                                                                                                                                                                                            धारा 80C के तहत मिलने वाली ₹1.5 लाख की निवेश छूट पिछले कई सालों से एक ही जगह थमी हुई है, जबकि इस दौरान महंगाई और आम आदमी की कमाई दोनों में भारी बढ़ोतरी हुई है। पीएफ, पीपीएफ और म्यूचुअल फंड जैसे लोकप्रिय बचत विकल्पों को समेटने वाली इस लिमिट की वास्तविक वैल्यू वक्त के साथ काफी कम हो गई है, जिससे करदाताओं को अब निवेश पर उतना फायदा नहीं मिलता जितना पहले मिलता था। यही वजह है कि बजट 2026 में करदाता या तो पुरानी रिजीम में इस सीमा को बढ़ाकर कम से कम ₹2.5 लाख करने की उम्मीद कर रहे हैं, या फिर नई रिजीम में भी बचत को बढ़ावा देने के लिए 80C जैसा कोई नया प्रोत्साहन चाहते हैं। अगर सरकार बचत को इनाम देने वाली ऐसी कोई घोषणा करती है, तो इससे न केवल लोगों की निवेश करने की आदत बढ़ेगी, बल्कि लंबी अवधि के लिए उनकी वित्तीय सुरक्षा भी मजबूत होगी।

                                                                                                                                                                                              FEBRUARY 01, 2026 / 9:47 AM IST

                                                                                                                                                                                              Income Tax Slab Live: नई टैक्स व्यवस्था में घर खरीदारों की होम लोन ब्याज पर छूट की 'बड़ी मांग'

                                                                                                                                                                                              होम लोन लेने वाले करदाताओं के लिए सबसे बड़ी कसक यह है कि पुरानी टैक्स व्यवस्था में मिलने वाली ₹2 लाख की ब्याज छूट (Section 24b) नई टैक्स व्यवस्था में उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञों और रियल एस्टेट सेक्टर का मानना है कि घर की बढ़ती कीमतों और ऊंची ईएमआई के बोझ को देखते हुए, नई टैक्स रिजीम को 'सजा जैसा' महसूस होने से बचाने के लिए इस लाभ को वहां भी विस्तार देना चाहिए। आज के बजट से उम्मीद है कि वित्त मंत्री या तो इस छूट को नई व्यवस्था में शामिल करेंगी या फिर पुरानी व्यवस्था में इसकी सीमा को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख तक कर सकती हैं। ऐसा होने पर न केवल मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदना सस्ता होगा, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर में भी नई जान आएगी, जिससे पहली बार घर खरीदने वालों को एक बड़ा वित्तीय संबल मिलेगा।

                                                                                                                                                                                                FEBRUARY 01, 2026 / 9:40 AM IST

                                                                                                                                                                                                Income Tax Slab Live: पुरानी बनाम नई टैक्स रिजीम, आखिर क्यों अब भी 'ओल्ड को गोल्ड' मान रहे हैं कई करदाता?

                                                                                                                                                                                                नई टैक्स रिजीम के डिफॉल्ट होने और इसमें टैक्स की दरें कम होने के बावजूद, करदाताओं का एक बड़ा हिस्सा आज भी पुरानी व्यवस्था को ही बेहतर मानता है। इसका मुख्य कारण वे तमाम कटौतियां हैं जो पुरानी रिजीम में तो मिलती हैं, लेकिन नई में गायब है। जैसे धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख का निवेश, घर का किराया, होम लोन का ब्याज (Section 24), और हेल्थ इंश्योरेंस (80D)। विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग अनुशासित बचत करते हैं और जिनके पास होम लोन जैसी वित्तीय देनदारियां हैं, उनके लिए पुरानी रिजीम आज भी ज्यादा फायदेमंद है। ऐसे में आज बजट के दिन यह सवाल बड़ा है कि क्या सरकार पुरानी रिजीम को एक विकल्प के रूप में बनाए रखेगी या धीरे-धीरे इसके लाभ कम कर इसे इतिहास का हिस्सा बना देगी, ताकि सभी को सरल और बिना छूट वाली नई व्यवस्था की ओर मोड़ा जा सके।

                                                                                                                                                                                                  FEBRUARY 01, 2026 / 9:34 AM IST

                                                                                                                                                                                                  Income Tax Slab Live: सेक्शन 87A में बदलाव की सुगबुगाहट, क्या ₹15 लाख तक की आय होगी टैक्स-फ्री?

                                                                                                                                                                                                  बजट 2026 में मध्यम वर्ग के लिए सबसे बड़ी राहत 'धारा 87A' के तहत मिल सकती है, जिसे टैक्स विशेषज्ञ एक सटीक और प्रभावी हथियार मान रहे हैं। फिलहाल नई टैक्स रिजीम के तहत ₹12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता (स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ यह सीमा ₹12.75 लाख है), लेकिन चर्चा है कि सरकार इसे बढ़ाकर ₹15 लाख कर सकती है। इस बदलाव की खासियत यह है कि इसके लिए पूरे टैक्स स्लैब को बदलने की जरूरत नहीं पड़ती; बल्कि यह गणना के बाद सीधे आपके कुल टैक्स को शून्य कर देता है। अगर ऐसा होता है, तो ₹1 लाख से सवा लाख रुपये महीना कमाने वाले पेशेवरों को बड़ी राहत मिलेगी, जिससे वे महंगाई के दौर में अपनी बचत और निवेश को बेहतर तरीके से मैनेज कर पाएंगे।

                                                                                                                                                                                                    FEBRUARY 01, 2026 / 9:25 AM IST

                                                                                                                                                                                                    Income Tax Slab Live: डिजिटल टैक्स फाइलिंग से अब फॉर्म भरने की सिरदर्दी होगी खत्म

                                                                                                                                                                                                    आज का करदाता चाहता है कि टैक्स भरने की प्रक्रिया इतनी आसान हो कि वह बस कुछ क्लिक में पूरी हो जाए। सरकार ने पहले ही पहले से भरे हुए फॉर्म और बेहतर डैशबोर्ड के जरिए इस काम को काफी सरल बना दिया है, लेकिन अब उम्मीदें और बढ़ गई हैं। लोग चाहते हैं कि शेयर बाजार से होने वाली कमाई, बैंक का ब्याज और डिविडेंड जैसी जानकारियां भी अपने आप फॉर्म में आ जाएं। अगर ऐसा होता है, तो न केवल फॉर्म भरने में लगने वाला समय बचेगा, बल्कि गलतियों की गुंजाइश भी खत्म हो जाएगी। कुल मिलाकर, डिजिटल सुधारों का मकसद यही है कि टैक्स फाइलिंग अब तनाव का कारण न बने, बल्कि एक सहज अनुभव बन जाए।

                                                                                                                                                                                                      FEBRUARY 01, 2026 / 9:19 AM IST

                                                                                                                                                                                                      Income Tax Slab Live: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज पेश करेंगी अपना नौवां बजट

                                                                                                                                                                                                      वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अपना लगातार नौवां बजट पेश करेंगी, जो भारतीय संसदीय इतिहास में एक बड़ा रिकॉर्ड है। वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के 10 बजटों के कुल रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गई हैं, लेकिन लगातार 9वीं बार बजट पेश करने वाली वह पहली वित्त मंत्री बन जाएंगी। इस निरंतरता का महत्व इसलिए है क्योंकि करदाता और बाजार अब 'अचानक मिलने वाले झटकों' के बजाय नीतियों में स्थिरता और स्पष्टता चाहते हैं। पिछले साल ₹12.75 लाख तक की आय को टैक्स-फ्री करने के बाद, इस बार का असली इम्तिहान यह है कि क्या वह पुरानी उलझनों को खत्म कर टैक्स नियमों को और अधिक सरल और अनुमान लगाने योग्य बनाएंगी। लोगों को उम्मीद है कि वह छोटे-छोटे लेकिन प्रभावी बदलावों जैसे 30% स्लैब की सीमा बढ़ाना या स्टैंडर्ड डिडक्शन में वृद्धि के जरिए मिडिल क्लास की जेब में अधिक पैसा डालेंगी, ताकि विकास की रफ्तार बिना किसी बड़े वित्तीय जोखिम के बनी रहे।

                                                                                                                                                                                                        FEBRUARY 01, 2026 / 9:13 AM IST

                                                                                                                                                                                                        Income Tax Slab Live: 30% टैक्स स्लैब को ₹30 लाख करने की मांग, 'ब्रैकेट क्रीप' से राहत की उम्मीद

                                                                                                                                                                                                        इस बजट में करदाताओं की सबसे बड़ी और पुरानी मांग यह है कि उच्चतम 30 प्रतिशत टैक्स स्लैब की सीमा को ₹24 लाख से बढ़ाकर ₹30 लाख किया जाए। यह बदलाव खासकर उन वरिष्ठ पेशेवरों और मध्यम-उच्च आय वाले परिवारों के लिए जरूरी माना जा रहा है जो 'ब्रैकेट क्रीप' की समस्या से जूझ रहे हैं। यानी ऐसी स्थिति जहां महंगाई के कारण वेतन तो बढ़ता है, लेकिन ऊंचे टैक्स रेट की वजह से हाथ में आने वाला पैसा कम हो जाता है। अगर सरकार इस सीमा को बढ़ाती है, तो इससे न केवल लाखों लोगों के घर का बजट सुधरेगा, बल्कि उनके पास भविष्य के लिए निवेश और खर्च करने की अधिक क्षमता होगी, जो अंततः देश की अर्थव्यवस्था को ही रफ्तार देगी।