नौकरी करने वाले लोगों को अपने टैक्स-सेविंग्स प्लान के बार में अपने एंप्लॉयर को बताना पड़ता है। उन्हें यह भी बताना पड़ता है कि नए फाइनेंशियल ईयर में वे इनकम टैक्स की नई और पुरानी रीजीम में से किसका इस्तेमाल करना चाहते हैं। यह इसलिए काफी अहम हो गया है कि इस साल 1 फरवरी को पेश यूनियन बजट में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स की नई रीजीम में टैक्सपेयर्स के लिए जिस राहत का ऐलान किया था, वह 1 अप्रैल से लागू हो गया है।
