सरकारी सूत्रों ने 10 मार्च को बताया कि देश में LPG (Liquefied Petroleum Gas) का प्रोडक्शन 10 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। इसका मकसद सप्लाई को मजबूत करना है।
सरकारी सूत्रों ने 10 मार्च को बताया कि देश में LPG (Liquefied Petroleum Gas) का प्रोडक्शन 10 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। इसका मकसद सप्लाई को मजबूत करना है।
सूत्रों के मुताबिक फिलहाल देश में रोजाना करीब 60 लाख LPG सिलेंडर डिस्ट्रीब्यूट किए जा रहे हैं। यह पहले के स्तर के बराबर है। उन्होंने कहा कि किसी भी LPG डिस्ट्रीब्यूटर के पास सप्लाई खत्म नहीं हुई है।
सूत्रों ने यह भी बताया कि Strait of Hormuz बंद होने से जो ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हुई थी, उसे अब बहाल कर दिया गया है।
कमर्शियल LPG सप्लाई पर बनी कमेटी
सरकार ने एक कमेटी बनाई है, जिसमें ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) रेस्टोरेंट और अन्य कमर्शियल LPG उपभोक्ताओं के साथ बातचीत करेंगी। यह कमेटी जरूरत के आधार पर गैस सप्लाई की प्राथमिकता तय करेगी।
सूत्रों के मुताबिक यह मुख्य रूप से सप्लाई मैनेजमेंट का मामला है। कमेटी अब अलग-अलग कमर्शियल सेक्टरों के बीच LPG सप्लाई को दोबारा प्राथमिकता के आधार पर तय करेगी।
विदेशों से बढ़ने लगी LPG की सप्लाई
सरकारी सूत्रों ने कहा कि अब दूसरे देशों से LPG और LNG के ज्यादा कार्गो भारत पहुंचने लगे हैं। पहले करीब 40 बहुत बड़े क्रूड टैंकर (VLCC) की कमी थी, लेकिन अब इनमें से लगभग आधे जहाज आना शुरू हो गए हैं।
गैस की सप्लाई में LPG को प्राथमिकता
पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण आयात प्रभावित होने के बीच सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर घरेलू प्राकृतिक गैस की सप्लाई को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।
अब घरेलू नेचुरल गैस सबसे पहले उन इकाइयों को दी जाएगी जो LPG का उत्पादन करती हैं। इससे पहले CNG और पाइप से मिलने वाली कुकिंग गैस (PNG) को प्राथमिकता मिलती थी। नई अधिसूचना के बाद LPG को भी प्राथमिकता वाले सेक्टरों की सूची में शामिल कर लिया गया है।
LPG कैसे बनता है
LPG मुख्य रूप से नेचुरल गैस की प्रोसेसिंग से बनता है और यह कच्चे तेल की रिफाइनिंग का बाय-प्रोडक्ट भी होता है। इसे प्रोपेन और ब्यूटेन गैस को अलग करके और शुद्ध करके बनाया जाता है। इसके बाद इन गैसों को दबाव देकर तरल रूप में बदला जाता है। इससे इन्हें स्टील सिलेंडरों में आसानी से स्टोर और ट्रांसपोर्ट किया जा सके। यही सिलेंडर घरों और रेस्टोरेंट में खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होते हैं।
नई गैस आवंटन व्यवस्था के तहत सबसे पहले LPG, CNG और पाइप गैस बनाने वाली इकाइयों की जरूरत पूरी की जाएगी। इसके बाद ही अन्य सेक्टरों को प्राकृतिक गैस की सप्लाई दी जाएगी।
पीएम मोदी ने की समीक्षा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक की। इस बैठक में LPG सप्लाई की स्थिति और ईरान युद्ध के कारण संभावित व्यवधानों की समीक्षा की गई।
पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर बढ़ते दबाव के बीच केंद्र सरकार ने मंगलवार को Essential Commodities Act (EC Act) लागू किया, ताकि देश के घरेलू ईंधन बाजार को संभावित संकट से बचाया जा सके।
OMC कंपनियों का संयुक्त बयान
Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum Corporation और Hindustan Petroleum Corporation ने एक संयुक्त बयान में कहा कि मंत्रालय ने LPG उत्पादन बढ़ाने और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने के कदम उठाए हैं।
बयान में कहा गया कि मौजूदा भू राजनीतिक स्थिति और LPG सप्लाई पर दबाव को देखते हुए घरेलू उपभोक्ताओं के साथ साथ जरूरी कमर्शियल सेक्टर जैसे अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों को भी जरूरत के अनुसार LPG सप्लाई दी जाएगी।
अन्य कमर्शियल सेक्टरों के लिए LPG सप्लाई तय करने के लिए OMCs के तीन कार्यकारी निदेशकों की एक कमेटी बनाई गई है। यह अलग-अलग पक्षों की मांगों की समीक्षा करके प्राथमिकता तय करेगी।
कच्चे तेल की स्थिति बेहतर
सरकारी सूत्रों ने कहा कि देश में कच्चे तेल की स्थिति फिलहाल स्थिर है और धीरे धीरे बेहतर हो रही है। उन्होंने बताया कि भारत के पास पर्याप्त सप्लाई है और देश रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात को नहीं रोकेगा। अन्य देशों से भी भारत को बड़ी मात्रा में मांग मिल रही है।
सूत्रों के मुताबिक अब Strait of Hormuz के अलावा दूसरे स्रोतों से आयात बढ़कर 70 प्रतिशत हो गया है। 10 दिन पहले यह 55 प्रतिशत था। भारतीय रिफाइनरियां तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाने के बावजूद पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं।
भारत में LPG की खपत
भारत में हर साल करीब 31.3 मिलियन टन LPG की खपत होती है। इसमें से करीब 87 प्रतिशत खपत घरेलू सेक्टर यानी घरों में होती है, जबकि बाकी हिस्सा होटल और रेस्टोरेंट जैसे कमर्शियल सेक्टर में इस्तेमाल होता है। इस कुल जरूरत का करीब 62 प्रतिशत हिस्सा आयात से पूरा किया जाता है।
अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले और ईरान की जवाबी कार्रवाई के कारण Strait of Hormuz बंद हो गया है। यही वह समुद्री रास्ता है जिसके जरिए भारत को 85 से 90 प्रतिशत LPG आयात सऊदी अरब जैसे देशों से मिलता था।
(पीटीआई से इनपुट के साथ)
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