इंडियन बैंक के ग्राहकों को लगेगा झटका! लोन किया महंगा, जानिये ग्राहकों की जेब पर क्या पड़ेगा असर

Indian Bank: अगर आपका होम लोन, कार लोन या अन्य कर्ज इंडियन बैंक से जुड़ा है, तो आने वाले दिनों में आपकी जेब पर थोड़ा अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। इंडियन बैंक ने लोन की ब्याज दरों से जुड़े कुछ प्रमुख बेंचमार्क रेट्स में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है

अपडेटेड Jun 02, 2026 पर 4:17 PM
अगर आपका होम लोन, कार लोन या अन्य कर्ज इंडियन बैंक से जुड़ा है, तो आने वाले दिनों में आपकी जेब पर थोड़ा अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।

Indian Bank: अगर आपका होम लोन, कार लोन या अन्य कर्ज इंडियन बैंक से जुड़ा है, तो आने वाले दिनों में आपकी जेब पर थोड़ा अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। इंडियन बैंक ने लोन की ब्याज दरों से जुड़े कुछ प्रमुख बेंचमार्क रेट्स में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। नई दरें 3 जून 2026 से लागू होंगी। ऐसे में जिन ग्राहकों के लोन MCLR या TBLR से जुड़े हैं, उनकी EMI बढ़ सकती है या लोन चुकाने का पीरियड लंबा हो सकता है। हालांकि, कुछ प्रमुख दरों को बैंक ने फिलहाल बिना बदलाव के रखा है।

सरकारी बैंक इंडियन बैंक ने अपने कुछ प्रमुख लेंडिंग रेट्स ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। बैंक की एसेट लाइबिलिटी मैनेजमेंट कमेटी (ALCO) की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया है। नई दरें 3 जून 2026 से लागू होंगी। बैंक ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि MCLR और TBLR यानी ट्रेजरी बिल लिंक्ड लैंडिंग रेट में बदलाव किया गया है, जबकि अन्य प्रमुख दरों को पहले की तरह ही रखा गया है।

MCLR में कितनी बढ़ोतरी हुई?


इंडियन बैंक ने 3 महीने की MCLR दर को 8.40% से बढ़ाकर 8.50% कर दिया है। वहीं 6 महीने की MCLR 8.65% से बढ़कर 8.75% और 1 साल की MCLR 8.75% से बढ़कर 8.85% हो गई है। हालांकि ओवरनाइट MCLR 7.90% और 1 महीने की MCLR 8.20% पर बिना किसी बदलाव के बरकरार रखी गई है।

TBLR दरों में भी इजाफा

बैंक ने TBLR दरों में भी बढ़ोतरी की है। 3 महीने तक की पीरियड के लिए यह दर 5.25% से बढ़कर 5.35% हो गई है। 3 से 6 महीने की पीरियड के लिए दर 5.45% से बढ़कर 5.55% कर दी गई है। इसी तरह 6 महीने से 1 साल और 1 साल से 3 साल तक की पीरियड के लिए TBLR को 5.60% से बढ़ाकर 5.75% कर दिया गया है।

इन दरों में कोई बदलाव नहीं

बैंक ने बेस रेट को 9.55 फीसदी, बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट (BPLR) को 13.80 फीसदी, पॉलिसी रेपो रेट को 5.25 फीसदी और रेपो लिंक्ड बेंचमार्क लेंडिंग रेट (RBLR) को 7.95 फीसदी पर बिना किसी बदलाव के पहले की तरह बरकरार रखा है।

क्या होगा असर?

MCLR और TBLR बढ़ने से इन दरों से जुड़े कुछ लोन महंगे हो सकते हैं। ऐसे ग्राहकों की EMI में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिनके लोन इन बेंचमार्क दरों से जुड़े हुए हैं।

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