जाने-माने निवेशक और HELIOS CAPITAL के फाउंडर समीर अरोरा (SAMIR ARORA) का कहना है कि उन्होंने पिछले महीने बाजार में आई गिरावट का इस्तेमाल खरीदारी के मौके के रुप में किया। निफ्टी के 15000 के आसपास आने पर उन्होंने मौके का फायदा उठाया।

जाने-माने निवेशक और HELIOS CAPITAL के फाउंडर समीर अरोरा (SAMIR ARORA) का कहना है कि उन्होंने पिछले महीने बाजार में आई गिरावट का इस्तेमाल खरीदारी के मौके के रुप में किया। निफ्टी के 15000 के आसपास आने पर उन्होंने मौके का फायदा उठाया।
उन्होंने यह भी बताया कि इस मौके पर उन्होंने फाइनेंशियल शेयरों में निवेश किया। इसके अलावा खपत वाले शेयरों में भी उन्होंने दांव लगाया। CNBC TV18 से हुई बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि उनको इस समय आईटी शेयरों में वैल्यू नजर आ रही है लेकिन आईटी सेक्टर के सामने वर्तमान चुनौतियों को देखते हुए उनकी तरफ से आईटी सेक्टर में हाल में कोई खरीद नहीं की गई है।
उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि फाइनेंशियल खास कर प्राइवेट बैंक इस समय इन्वेस्टरों और एनालिस्ट को सबसे ज्यादा पसंद आ रहे हैं । इस समय निफ्टी बैंक भी काफी अच्छे स्तरों पर नजर आ रहा है। जुलाई के शुरुआत से बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयर जोश में हैं और इन्होंने तुलनात्मक रुप से काफी बेहतर प्रदर्शन किया हैं।
आईटी सेक्टर पर बात करते हुए समीर अरोरा ने कहा कि अमेरिका और यूरोप में मंदी की संभावना के चलते आईटी सेक्टर का ग्रोथ, आउटलुक कमजोर नजर आ रहा हैं। हाल में आया टीसीएस का रिजल्ट भी निराशा जनक रहा है।
अपनी इस बातचीत में समीर अरोरा ने इस बात का खंडन किया कि महीनों से पेंडिंग पड़े ऑर्डरों और सेमी कंडक्टर की सप्लाई की समस्या सुलझने के साथ ही घरेलू ऑटो कंपनियां एकाएक आकर्षक हो गई हैं।
ऑटो सेक्टर पर तेजी का नजरिया रखने वाले लोगों के तर्कों का खंडन करते हुए उन्होंने अमेरिका के ऑटो स्टॉक्स Feneral Motors, Volkswagen और Tesla का उदारहण दिया और कहा कि यह स्टॉक सुधरती स्थितियों के बाद भी गिर रहे हैं। इस बात को ध्यान में रखना चाहिए।
भारत में कब होगी FIIs की वापसी? इस सवाल का जवाब देते हुए समीर अरोरा ने कहा कि पिछले 10 महीनों के दौरान भारतीय बाजारों में FIIs की भारी बिकवाली बहुत बड़ा मुद्दा रही है। समीर अरोरा का मानना है कि FIIs अगले 5-6 महीनों में फिर से भारतीय बाजारों में खरीदारी करते नजर आएंगे। उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि विदेशी निवेशको का भारतीय बाजारों में लगातार बिकवाली करते रहना अपने में आम बात नहीं है। जल्द ही हमें यह स्थित बदलती नजर आएगी और विदेशी निवेशक एक बार फिर भारतीय बाजारों का रुख करेंगे।
समीर अरोरा का मानना है कि FIIs की भारी बिकवाली के बावजूद भारतीय बाजारों ने अपने दूसरे पीयर्स की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। इस मजबूती में घरेलू फंडों की तरफ से हुई खरीदारी का अहम योगदान रहा है। यह भारतीय बाजारों के आकर्षण बने रहने का एक बड़ा कारण रहा है।
समीर अरोरा ने आगे कहा कि मैं यह नहीं मानता कि हाल के गिरावट के बाद बाजार एकतरफा ऊपर की तरफ भागता नजर आएगा। लेकिन अब बाजार में हर दिन गिरावट होगी यह स्थित नजर नहीं आ रही है। अब हमें बाजार में कंसोलिडेशन देखने को मिलेगा। हालांकि उन्होंने चेतावनी के लहजे में यह भी कहा कि गहरी मंदी बाजार के लिए एक बहुत बड़ा जोखिम है जिसको कोई भी बर्दाश्त नहीं कर सकता।
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