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FY23 में 7.4% पर रह सकती है भारत की GDP ग्रोथ, RBI दरों में कर सकता है 0.50-0.75% की बढ़ोतरी: FICCI survey

आरबीआई इकोनॉमिक रिकवरी को सपोर्ट देने की नीति पर कायम रहेगा और अपने अप्रैल के ऐलान में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा.

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 04, 2022 पर 9:52 AM
FY23 में 7.4% पर रह सकती है भारत की GDP ग्रोथ, RBI दरों में कर सकता है 0.50-0.75% की बढ़ोतरी: FICCI survey
नए वित्त वर्ष के अंत तक आरबीआई की दरों में 0.50-0.75 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.

3 अप्रैल को जारी फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) के सर्वे के मुताबिक 2022-23 में भारत की वार्षिक औसत GDP विकास दर 7.6 फीसदी रहने का अनुमान है। इस इकोनॉमिक आउटलुक सर्वे में निम्नतम 6 फीसदी और अधिकतम 7.8 फीसदी ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है। इस सर्वे के मुताबिक वित्त वर्ष 2022-23 में कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों की वार्षिक औसत विकास दर 3.3 फीसदी के आसपास रह सकती है। जबकि इसी अवधि में इंडस्ट्री और सर्विस सेक्टर की वार्षिक औसत विकास दर क्रमश: 5.9 फीसदी और 8.5 फीसदी रह सकती है।

फिक्की के इस सर्वे के मुताबिक रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष और कोविड-19 महामारी के चलते जोखिम बना हुआ है और यह ग्लोबल रिकवरी के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इस सर्वे में यह भी कहा गया है कि कमोडिटी की कीमतों में बढ़त से वर्तमान संकट आगे और बढ़ सकता है। और 2021-22 की चौथी तिमाही में इंडेक्स आधारित महंगाई 12.6 फीसदी के आसपास रह सकती है। इस सर्वे में देश के तमाम बड़े इकोनॉमिस्ट इंडस्ट्री लीडर बैकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर से जुड़े लोगों की राय ली गई है।

फिक्की के इस सर्वे में ये भी कहा गया है कि वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में CPI आधारित महंगाई 6 फीसदी पर रह सकती है। जबकि वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में यह 5.5 फीसदी पर रह सकती है। इसमें आगे कहा गया है कि पूरे वित्त वर्ष 2022-23 में खुदरा महंगाई औसतन 5.3 फीसदी रह सकती है और यह 5 फीसदी से 5.7 फीसदी के बीच घूमती नजर आ सकती है।

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