इंश्योरेंस कंपनियों (Insurance Companies) के म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds) की स्कीमें बेचने से इनवेस्टर्स को इनवेस्टमेंट के ज्यादा ऑप्शंस उपलब्ध होंगे। साथ ही इससे डिस्ट्रिब्यूटर्स पर कंप्लॉयंस का बोझ बढ़ जाएगा। हाल में एक इंटरव्यू में इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) के चेयरमैन देबाशीष पांडा ने इश्योंरेस कंपनियों के म्यूचुअल फंड्स बेचने के प्रस्ताव का समर्थन किया था। इससे पहले फाइनेंस मिनिस्ट्री एक प्रस्ताव तैयार किया था, जिसमें बीमा कंपनियों को म्यूचुअल फंड सहित कई तरह के फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स बेचने की इजाजत देने की बात कही गई थी।
