लोग इलाज पर बढ़ते खर्च को देखते हुए हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते हैं। लेकिन, जरूरत पड़ने पर कई बार इंश्योरेंस पॉलिसी क्लेम रिजेक्ट कर देती है। इससे बहुत निराशा होती है। बीमा कंपनी पॉलिसी में शामिल शर्तों और गाइडलाइंस का हवाला देते हुए क्लेम रिजेक्ट कर देती है। पॉलिसीबाजार की एक स्टडी में क्लेम रिजेक्ट होने की वजहों का विश्लेषण किया गया है। इसके नतीजे बताते हैं कि 18 फीसदी क्लेम इसलिए रिजेक्ट कर दिए जाते हैं, क्योंकि उन्हें वेटिंग पीरियड खत्म होने से पहले किया जाता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ हेल्थ पॉलिसी खरीद लेना पर्याप्त नहीं है बल्कि उसके नियम एवं शर्तों को ठीक तरह से समझना जरूरी है। अगर आपने अब तक अपनी पॉलिसी के नियम एवं शर्तों पर ध्यान नहीं दिया है तो आपको इसकी मुख्य बातें एक बार समझ लेना ठीक रहेगा।
