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हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम इन वजहों से रिजेक्ट कर देती हैं बीमा कंपनियां, पॉलिसी बाजार की स्टडी के नतीजे

पॉलिसीबाजार की एक स्टडी बताती है कि 18 फीसदी क्लेम इसलिए रिजेक्ट कर दिए जाते हैं, क्योंकि उन्हें वेटिंग पीरियड खत्म होने से पहले किया जाता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ हेल्थ पॉलिसी खरीद लेना पर्याप्त नहीं है बल्कि उसके नियम एवं शर्तों को ठीक तरह से समझना जरूरी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 25, 2023 पर 5:46 PM
हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम इन वजहों से रिजेक्ट कर देती हैं बीमा कंपनियां, पॉलिसी बाजार की स्टडी के नतीजे
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर पॉलिसीहोल्डर को लगता है कि बीमा कंपनी का क्लेम रिजेक्ट करने का फैसला गलत है तो इसके खिलाफ वह शिकायत कर सकता है।

लोग इलाज पर बढ़ते खर्च को देखते हुए हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते हैं। लेकिन, जरूरत पड़ने पर कई बार इंश्योरेंस पॉलिसी क्लेम रिजेक्ट कर देती है। इससे बहुत निराशा होती है। बीमा कंपनी पॉलिसी में शामिल शर्तों और गाइडलाइंस का हवाला देते हुए क्लेम रिजेक्ट कर देती है। पॉलिसीबाजार की एक स्टडी में क्लेम रिजेक्ट होने की वजहों का विश्लेषण किया गया है। इसके नतीजे बताते हैं कि 18 फीसदी क्लेम इसलिए रिजेक्ट कर दिए जाते हैं, क्योंकि उन्हें वेटिंग पीरियड खत्म होने से पहले किया जाता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ हेल्थ पॉलिसी खरीद लेना पर्याप्त नहीं है बल्कि उसके नियम एवं शर्तों को ठीक तरह से समझना जरूरी है। अगर आपने अब तक अपनी पॉलिसी के नियम एवं शर्तों पर ध्यान नहीं दिया है तो आपको इसकी मुख्य बातें एक बार समझ लेना ठीक रहेगा।

वेटिंग पीरियड के बारे में जानना है जरूरी

सबसे पहले वेटिंग पीरियड के बारे में जान लेना जरूरी है। पॉलिसी खरीदने के बाद ग्राहक को उसके फायदे उठाने के लिए कुछ दिन इंतजार करना पड़ता है। इसे वेटिंग पीरियड कहा जाता है। पॉलिसी खरीदने के दिन से वेटिंग पीरियड शुरू हो जाता है। वेटिंग पीरियड के दौरान ग्राहक किसी तरह का क्लेम नहीं कर सकता। इसका मतलब है कि अगर आपने पॉलिसी खरीदी और वेटिंग पीरियड के दौरान आपको इलाज की जरूरत पड़ गई तो आपको पॉलिसी का फायदा नहीं मिलेगा।

लिमिट खत्म होने से रिजेक्ट हो जाती है पॉलिसी

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