आईआरडीए ने यूलिप को बतौर प्योर इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट बेचने की कुछ इंश्योरेंस कंपनियों की कोशिश पर रोक लगा दी है। इंश्योरेंस रेगुलेटर ने इस बारे में निर्देश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि इंश्योरेंस कंपनियां लाइफ कवर का फीचर बताए बगैर यूलिप का विज्ञापन नहीं दे सकतीं। दरअसल, फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के दौरान कुछ इंश्योरेंस कंपनियों ने मौजूदा यूलिप्स के तहत नए फंड ऑप्शंस लॉन्च किए। खासकर स्मॉलकैप और मिडकैप फंड की स्ट्रॉन्ग मांग का फायदा उठाने के लिए उन्होंने ऐसा किया। ऐसे प्रोडक्ट्स के एडवर्टाइजमेंट में 'इंश्योरेंस' शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया। इससे कई इनवेस्टर्स ने इन्हें म्यूचु्अल फंड की स्कीम समझा।
