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‘आजादी सिर्फ मनमानी नहीं, जिम्मेदारी भी है’ लोकमान्य तिलक पुरस्कार समारोह में अजीत डोभाल का युवाओं को संदेश

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने शनिवार को पुणे में आयोजित लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 समारोह में युवाओं से कहा कि वे आजादी को सिर्फ बिना किसी रोक-टोक के कुछ भी करने की क्षमता के तौर पर न देखें, बल्कि इसे एक जिम्मेदारी समझें।

Edited By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Aug 01, 2026 पर 9:46 PM
‘आजादी सिर्फ मनमानी नहीं, जिम्मेदारी भी है’ लोकमान्य तिलक पुरस्कार समारोह में अजीत डोभाल का युवाओं को संदेश
लोकमान्य तिलक पुरस्कार समारोह में अजीत डोभाल का युवाओं को संदेश

शनिवार, 1 अगस्त को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को पुणे में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तिलक स्मारक ट्रस्ट की ओर से दिए जाने वाले इस पुरस्कार को डोभाल को प्रदान किया। वहीं, सम्मान समारोह के बाद डोभाल ने युवाओं से कहा कि वे आजादी को सिर्फ बिना किसी रोक-टोक के कुछ भी करने की क्षमता के तौर पर न देखें, बल्कि इसे एक जिम्मेदारी समझें। उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं से आजादी की लड़ाई लड़ने वाले लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के राष्ट्र-निर्माण के आदर्शों को अपनाने की अपील की।

डोभाल ने कहा, तिलक की विरासत को समझने के लिए उस दौर की कठोर सच्चाइयों को जानना जरूरी है जिसमें वे रहते थे। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी आज़ाद भारत में पली-बढ़ी है और शायद उन मुश्किलों, दमन और पाबंदियों की कल्पना भी न कर पाए जो आजादी की लड़ाई लड़ने वाले नेताओं को झेलनी पड़ी थीं।

उन्होंने कहा कि देश के लिए तिलक का विजन आज भी प्रासंगिक है। डोभाल ने युवाओं से उनके विचारों को समझने और देश के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से प्रेरणा लेने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, "लोकमान्य तिलक के जीवन और उनके व्यक्तित्व की गहराई को सही मायने में समझने के लिए उस दौर की परिस्थितियों, चुनौतियों और कठिनाइयों को समझना जरूरी है। उस समय की परेशानियों और हालात की कल्पना करना आज हमारे लिए, खासकर युवाओं के लिए, काफी मुश्किल हो सकता है।"

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