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भारत ने चीन-पाकिस्तान 'ज्वाइंट बाउंड्री कमीशन' को बताया अवैध, ये क्या नया बवाल है इसे पूरा समझिए

भारत ने एक अहम फैसला लेते हुए चीन-पाकिस्तान जॉइंट बाउंड्री कमीशन को खारिज कर दिया है। यह कमीशन इसी हफ्ते से लागू भी हो गया है। भारत का कहना है कि इस्लामाबाद के पास उन इलाकों से जुड़े क्षेत्रीय समझौते करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।

Edited By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Sep 16, 2026 पर 10:20 PM
भारत ने चीन-पाकिस्तान 'ज्वाइंट बाउंड्री कमीशन' को बताया अवैध, ये क्या नया बवाल है इसे पूरा समझिए
भारत ने चीन-पाकिस्तान 'ज्वाइंट बाउंड्री कमीशन' को बताया अवैध

भारत ने एक अहम फैसला लेते हुए चीन-पाकिस्तान जॉइंट बाउंड्री कमीशन को खारिज कर दिया है। यह कमीशन इसी हफ्ते से लागू भी हो गया है। भारत का कहना है कि इस्लामाबाद के पास उन इलाकों से जुड़े क्षेत्रीय समझौते करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है, जिन्हें नई दिल्ली अवैध और जबरदस्ती कब्जे वाला इलाका मानती है।

बता दें कि विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक बार फिर से कहा कि भारत 1963 के तथाकथित चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते को मान्यता नहीं देता है। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि विवादित इलाके पर सहयोग को औपचारिक रूप देने की बीजिंग और इस्लामाबाद की किसी भी कोशिश का भारत की संप्रभुता या क्षेत्रीय दावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान में कहा, "इस मामले पर हमारा रुख साफ और एक जैसा है। पाकिस्तान और चीन के बीच कोई सीमा नहीं है। हम तथाकथित 'जॉइंट कमीशन' को खारिज करते हैं, जिसका कोई कानूनी आधार नहीं है।"

इस कमीशन के काम शुरू करने से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के कुछ हिस्सों को लेकर लंबे समय से चल रहा क्षेत्रीय विवाद फिर से उभर आया है। इन हिस्सों में वे इलाके भी शामिल हैं जिन्हें भारत जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों का अभिन्न अंग मानता है।

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