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क्या सड़क हादसे के शिकार व्यक्ति को इंश्योरेंस कंपनी मुआवजा देती है?

अगर कोई व्यक्ति सड़क हादसे का शिकार हो जाता है तो उसे इंश्योरेंस कंपनी की तरफ से मुआवजा मिलता है। ऐसे मामलों में व्यक्ति को मोटर व्हीकल्स एक्ट, 1988 के तहत मदद मिलती है। इस कानून में इस बारे में मुख्य रूप से दो सेक्शंस हैं। पहला सेक्शन 163ए और दूसरा सेक्शन 166 है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 03, 2025 पर 6:09 PM
क्या सड़क हादसे के शिकार व्यक्ति को इंश्योरेंस कंपनी मुआवजा देती है?
हिट एंड रन मामले में भी मुआवजा मिलता है

किसी व्यक्ति के साथ सड़क हादसा होने पर उसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है। अगर व्यक्ति आर्थिक रूप से कमजोर है तो यह असर और गहरा होता है। कई लोगों की सड़क हादसे में मौत हो जाती है तो कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। अच्छी बात यह है कि अगर हादसे के शिकार व्यक्ति ने अपने लिए लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी नहीं खरीदी है तो भी उसे इंश्योरेंस कंपनी की तरफ से मुआवजा मिलेगा।

दो सेक्शन में शामिल है मुआवजे का प्रावधान

मोटर व्हीकल्स एक्ट, 1988 में सड़क हादसे के शिकार व्यक्ति के लिए मुआवजे का प्रावधान है। इस एक्ट में कहा गया है कि अगर कोई सड़क हादसे का शिकार हो जाता है तो उसे या उसके परिवार को इंश्योरेंस कंपनी मुआवजा देगी। इस कानून में इस बारे में मुख्य रूप से दो सेक्शंस हैं। पहला सेक्शन 163ए और दूसरा सेक्शन 166 है। पहले सेक्शन में कहा गया है कि अगर किसी व्यक्ति की सड़क हादसे में मौत हो जाती है तो उसके परिवार का सदस्य मुआवजे का दावा कर सकता है।

लापरवाली से हुए हादसे में लागू होता है सेक्शन 166

सेक्शन 166 ऐसे सड़क हादसे के मामलों के लिए है, जिसमें यह साफ होता है कि हादसा किसी दूसरे व्यक्ति की लापरवाही के चलते हुई है। ऐसी स्थिति में हादसे के शिकार व्यक्ति के परिवार का सदस्य व्हीकल के मालिक या व्हीकल का इंश्योरेंस करने वाली कंपनी से मुआवजे का दावा कर सकता है। लेकिन, उसे यह साबित करना होगा कि हादसा किसी दूसरे व्यक्ति की गलती की वजह से हुआ। उदाहरण के लिए अगर ट्रक का ड्रावइर लापरवाही से गाड़ी चला रहा है इससे कोई दुर्घटना हो जाती है तो हादसे के शिकार व्यक्ति का परिवार कोर्ट में ड्राइवर की लापरवाली को साबित कर मुआवजा मांग सकता है।

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