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आपके पास कैशलेस मेडीक्लेम पॉलिसी है तो भी हॉस्पिटल एडवान्स पेमेंट के लिए कह सकता है, जानिए क्यों

आम तौर पर लोग यह समझते हैं कि बीमा कंपनी से कैशलेस कार्ड मिल जाने के बाद आपको इमर्जेंसी के मामले में भी नेटवर्क के तहत आने वाले हॉस्पिटल को कोई पेमेंट नहीं करना पड़ता है। लेकिन, यह सच नहीं है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 09, 2022 पर 1:37 PM
आपके पास कैशलेस मेडीक्लेम पॉलिसी है तो भी हॉस्पिटल एडवान्स पेमेंट के लिए कह सकता है, जानिए क्यों
बीमा कंपनियों को फर्स्ट एप्रूवल (प्री-अथॉराइजेशन) देने में आम तौर पर 6 से 24 घंटे का समय लगता है। लेकिन, इमर्जेंसी की स्थिति में आपके पास इंतजार करने के लिए वक्त नहीं होता है।

पहले अगर परिवार में कोई बीमार पड़ता था तो हमें हॉस्पिटल में उसके इलाज का खर्च अपनी जेब से देना पड़ता था। फिर, बीमा कंपनी से खर्च का क्लेम करना पड़ता था। इस प्रोसेस को Reimbursement Claim कहा जाता है। इसके लिए आपके बैंक अकाउंट में थोड़ा इमर्जेंसी फंड होना जरूरी है। लेकिन, यह Cashless Facility शुरू होने के पहले की बात थी।

अब बीमा कंपनियों के पास नेटवर्क हॉस्पिटल्स की लिस्ट होती है। इन हॉस्पिटल्स में इलाज कराने पर आपको तुरंत बीमा कंपनी का एप्रूवल मिल जाता है। बीमा कंपनी आपका क्लेम जल्द एप्रूव कर देती है और इलाज का खर्च सीधे हॉस्पिटल के बैंक अकाउंट में आ जाता है। इस प्रोसेस को Cashless Claim कहा जाता है।

आम तौर पर लोग यह समझते हैं कि बीमा कंपनी से कैशलेस कार्ड मिल जाने के बाद आपको इमर्जेंसी के मामले में भी नेटवर्क के तहत आने वाले हॉस्पिटल को कोई पेमेंट नहीं करना पड़ता है। लेकिन, यह सच नहीं है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

कैशलेस क्लेम प्रोसेस में क्लेम का सेटलमेंट जल्द और आसानी से हो जाता है। आपको बहुत पेपरवर्क की जरूरत नहीं पड़ती है। बीमा कंपनी और हॉस्पिटल आपस में सीधे संपर्क कर लेते हैं। अस्पताल जरूरी डॉक्युमेंट बीमा कंपनी को भेज देता है।

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