बीते दो साल बहुत मुश्किल भरे रहे हैं। कोविड-19 की महामारी ने यह दिखाया कि कैसे एक खतरनाक वायरस पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले सकता है। देश की 1 अरब से ज्यादा आबादी में सिर्फ 12 फीसदी लोगों के पास हेल्थ इंश्योरेंस है, जिसे उनकी कंपनी की तरफ से उपलब्ध कराया गया है।
आबादी के बड़े हिस्से के पास हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है। इलाज पर आने वाला खर्च और दिन-ब-दिन महंगी हो रही मेडिकल सर्विसेज लोगों को आर्थिक मुश्किल में डाल सकती हैं। खासकर तब जब कंपनी से मिला आपका बीमा कवर खत्म हो जाता है या आप नई कंपनी ज्वाइन करते हैं जो इंश्योरेंस कवर नहीं देती है।
पर्सलन हेल्थ इंश्योरेंस कवर बहुत जरूरी है। लेकिन, मार्केट में कई हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी मौजूद होने से अपने लिए सही हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का चुनाव करना मुश्किल हो सकता है। इस काम में मनीकंट्रोल-सेक्योरनाउ हेल्थ इंश्योरेंस रेटिंग्स आपकी मदद कर सकता है।
Moneycontrol-SecureNow Health Insurance Ratings एक नया टूल है, जो अपने लिए बेस्ट हेल्थ पॉलिसी चुनने में आपकी मदद करता है। क्या आप जानते हैं कि आपको क्यों कम प्रीमियम वाली हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी नहीं चुननी चाहिए?
सस्ते प्रीमियम वाली हेल्थ पॉलिसी नहीं चुनने की तीन वजहे हैं। कम प्रीमियम का संबंध कम कवर से है। कम कवर की वजह से इलाज की स्थिति में आपको काफी पैसा अपनी जेब से खर्च करना पड़ सकता है। शुरुआत में प्रीमियम कम हो सकता है, लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं कि भविष्य में प्रीमियम में इजाफा हो सकता है।
अगर आप अपनी हेल्थ पॉलिसी का पूरा इस्तेमाल कर लेते हैं या आप किसी बीमारी की चपेट में आ जाते हैं तो आपको भविष्य में अपनी हेल्थ पॉलिसी को पोर्ट कराने में दिक्कत आ सकती है। एक अच्छी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी वह है, जिसके फीचर्स अच्छे हों।
हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम मायने रखता है लेकिन कवेज, रिस्ट्रिक्शंस, क्लेम एक्सपीरियंस और कंप्लेंट्स जैसी चीजों की अनदेखी नहीं की जा सकती। मनीकंट्रोल-सेक्योरनाउ हेल्थ इंश्योरेंस रेटिंग्स ने 27 इंश्योरेंस कंपनियों की 130 से ज्यादा हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसीज की जांच की। इसम कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड और क्लेम एक्सपीरियंस को भी ध्यान में रख गया। हेल्थ पॉलिसी की रेटिंग में पूर्व पर्सनल फाइनेंस जर्नलिस्ट दीप्ति भास्करन की सलाह ली गई।