क्या आप भी PPF में पैसा जमा करते हैं? अगर हां, तो एक छोटी-सी गलती आपको हर साल ब्याज का नुकसान करा सकती है। हैरानी की बात यह है कि लाखों निवेशकों को इस नियम की जानकारी ही नहीं होती। सिर्फ एक तारीख का ध्यान रखकर आप अपने निवेश पर ज्यादा ब्याज कमा सकते हैं, जबकि चूक होने पर पूरे महीने का ब्याज हाथ से निकल सकता है। अगर आप जून में PPF में पैसा डालने की योजना बना रहे हैं, तो पहले यह नियम जरूर जान लें।
क्या है PPF का यह खास नियम?
PPF खाते में ब्याज की कैलकुलेशन हर महीने की 5 तारीख और महीने के आखिरी दिन के बीच मौजूद सबसे कम बैलेंस के आधार पर की जाती है। इसका मतलब है कि अगर आप किसी भी महीने की 5 तारीख तक पैसा जमा कर देते हैं, तो उस रकम पर उसी महीने से ब्याज मिलना शुरू हो जाता है। लेकिन अगर पैसा 5 तारीख के बाद जमा किया जाता है, तो उस पर ब्याज अगले महीने से गिना जाएगा।
मान लीजिए आप अपने PPF खाते में 1 लाख रुपये जमा करना चाहते हैं। अगर आपने यह अमाउंट 4 जून को जमा कर दी, तो आपको जून महीने का भी ब्याज मिलेगा। वहीं अगर यही 1 लाख रुपये 6 जून को जमा किए जाते हैं, तो उस रकम पर ब्याज का कैलकुलेशन जुलाई से शुरू होगा। यानी आपको एक महीने के ब्याज का नुकसान हो जाएगा।
छोटा नुकसान, लेकिन लंबे समय में बड़ा फर्क
पहली नजर में एक महीने का ब्याज ज्यादा नहीं लगता, लेकिन PPF की 15 साल के पीरियड में यह अंतर काफी बड़ा हो सकता है। अगर आप हर साल या नियमित रूप से 5 तारीख से पहले निवेश करते हैं, तो चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding) का फायदा ज्यादा मिलता है और आपका फंड तेजी से बढ़ता है। यही वजह है कि फाइनेंशियल एडवाइजर महीने की शुरुआत में ही निवेश करने की सलाह देते हैं।
PPF निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
जो निवेशक PPF में नियमित निवेश करते हैं या एकमुश्त बड़ी रकम जमा करते हैं, उन्हें कोशिश करनी चाहिए कि हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा कर दें। वहीं जो लोग सालाना 1.5 लाख रुपये की अधिकतम सीमा तक निवेश करते हैं, उनके लिए भी फाइनेंशियल ईयर के अंत तक इंतजार करने के बजाय जल्दी निवेश करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। फिलहाल PPF पर 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है। ऐसे में सही समय पर निवेश करके आप अपने टैक्स-फ्री रिटर्न को और बेहतर बना सकते हैं।