रियल एस्टेट कंसल्टेंट एनारॉक (Anarock) ने महिलाओं के पसंदीदा निवेश विकल्प को लेकर एक सर्वे किया है। इस सर्वे के मुताबिक 65 फीसदी महिलाएं रियल एस्टेट में, 20 फीसदी शेयरों में और केवल 8 फीसदी सोने में निवेश करना पसंद करती हैं। इस कंज्यूमर सर्वे के दौरान करीब 5,500 लोगों से सवाल किए गए, जिनमें से 50 फीसदी महिलाएं थीं। इसके आधार पर तैयार रिपोर्ट के अनुसार, कम-से-कम 65 फीसदी महिलाएं रियल एस्टेट में निवेश करना चाहती हैं जबकि 20 फीसदी महिलाओं ने शेयर बाजार में निवेश को तरजीह दी।
रिपोर्ट के अनुसार, सिर्फ 8 फीसदी महिलाओं ने सोना खरीदने और 7 फीसदी ने फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में निवेश करने को अपनी पहली पसंद बताया।
मकान खरीदने को लेकर ये है महिलाओं की पसंद
इस सर्वे का एक दिलचस्प नतीजा यह भी रहा कि 83 फीसदी महिलाएं ऐसी हैं जो 45 लाख रुपये से अधिक कीमत का मकान तलाश रही हैं। करीब 36 फीसदी महिलाओं ने 45-90 लाख रुपये कीमत वाले मकान को अपनी पसंद बताया जबकि 27 प्रतिशत ने 90 लाख रुपये से 1.5 करोड़ रुपये के बीच के मकान को तरजीह दी। वहीं 45 लाख रुपये से कम कीमत के मकान खरीदने की इच्छा जताने वाली महिलाओं की संख्या कम थी।
एनारॉक ग्रुप ने क्या कहा?
एनारॉक ग्रुप के वाइस चेयरमैन संतोष कुमार ने कहा, "पिछले एक दशक में महिलाएं एक प्रमुख रेसिडेंशयल रियल एस्टेट खरीदार के रूप में उभरी हैं, खासकर शहरी केंद्रों में।" कई महिलाएं अप प्रॉपर्टी में भी निवेश कर रही हैं।
एनारॉक ने कहा कि भारतीय महिलाएं अपने नाम पर संपत्ति खरीदने और रजिस्टर कराने के कई फायदे उठा सकती हैं। कई सरकारी नीतियां भारत में महिलाओं के होम ओनरशिप को सपोर्ट और बढ़ावा देती हैं।
बता दें कि 2015 में शुरू की गई सरकार की प्रमुख योजना प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत घरों का लाभ उठाने के लिए घरों को अनिवार्य रूप से या तो एक महिला के नाम पर या एक महिला के साथ सह-मालिक के रूप में रजिस्टर होना चाहिए।
एनारॉक ने कहा, "महिला घर खरीदारों को मिलने वाले फायदों में कम स्टांप ड्यूटी भी शामिल है।" अगर प्रॉपर्टी किसी महिला के नाम पर रजिस्टर है तो कई राज्यों में स्टांप ड्यूटी कम है।