CoinSwitch Kuber ने अस्थायी रूप से बंद की रुपी डिपॉजिट सर्विस, क्या अब भारतीय करेंसी से नहीं खरीद सकेंगे क्रिप्टोकरेंसी?

इससे कंपनी के मोबाइल एप्लीकेशन पर यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के साथ-साथ एनईएफटी/ आरटीजीएस/ आईएमपीएस के जरिये बैंक ट्रांसफर रूट से रुपये में होने वाले डिपॉजिट बंद हो गए हैं

अपडेटेड Apr 12, 2022 पर 11:53 AM
नए क्रिप्टो नियमों के कारण वजीरएक्स (WazirX), जेबपे (ZebPay) और जिओटस (Giottus) जैसे क्रिप्टो एक्सचेंजेस पर 10 अप्रैल को ट्रेडिंग वॉल्यूम घटकर छह महीने के निचले स्तर पर आ गया था

CoinSwitch Kuber :  भारत में अब क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) की खरीद-फरोख्त खासी मुश्किल होती दिख रही है। क्रिप्टो एग्रीगेटर कॉइनस्विच कुबेर ने मंगलवार की सुबह अपने एप्लीकेशन पर रुपये से जुड़ी अपनी सभी डिपॉजिट सेवाओं को अस्थायी रूप से निष्क्रिय कर दिया है। इससे कंपनी के मोबाइल एप्लीकेशन पर यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के साथ-साथ एनईएफटी/ आरटीजीएस/ आईएमपीएस के जरिये बैंक ट्रांसफर रूट से रुपये में होने वाले डिपॉजिट बंद हो गए हैं।

इस घटनाक्रम के बारे में कॉइनस्विच कुबेर की तरफ से अभी तक कोई टिप्पणी नहीं मिल सकी है।

ट्रेडिंग वॉल्यूम 6 महीने के निचले स्तर पर


इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वजीरएक्स (WazirX), जेबपे (ZebPay) और जिओटस (Giottus) जैसे क्रिप्टो एक्सचेंजेस पर 10 अप्रैल को ट्रेडिंग वॉल्यूम घटकर छह महीने के निचले स्तर पर आ गया था। इसके लिए देश में क्रिप्टो रेगुलेशंस को लेकर अनिश्चितता को जिम्मेदार माना जा रहा है।

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क्रिप्टो के लिए टैक्स नियम लागू होने का दिख रहा असर

ई-वालेट मोबिक्विक (MobiKwik) के पिछले कुछ दिनों में वजीरएक्स (WazirX) के प्लेटफॉर्म पर अपनी सेवाएं बंद किए जाने के बाद क्रिप्टो एग्रीगेटर का बिजनेस अनुमानित रूप से 65-90 फीसदी कम हो गया है। वहीं, फाइनेंस बिल के तहत 1 अप्रैल से क्रिप्टो के लिए टैक्स नियम लागू होने के बाद क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स के ट्रेडिंग वॉल्यूम में लगातार कमी आ रही है।

Coinbase ने भी यूपीआई पेमेंट पर लगाई रोक

अमेरिका बेस्ड कॉइनबेस (Coinbase) ने भारत में अपनी ट्रेडिंग सर्विसेज लॉन्च होने के महज तीन दिन के बाद ही यूपीआई पेमेंट पर रोक लगा दी थी। दुनिया के सबसे बड़े एक्सचेंज ने 7 अप्रैल को बेंगलुरु में एक भव्य कार्यक्रम के जरिए भारत में परिचालन शुरू करने का ऐलान किया था। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के रडार पर आने के बाद कंपनी ने कहा था कि वह यूजर्स को UPI के इस्तेमाल से क्रिप्टोकरेंसीज खरीदने की अनुमति देगी। UPI से होने वाले पेमेंट्स NPCI के दायरे में आते हैं।

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उद्योग जगत से जुड़े सूत्रों ने कहा कि NPCI ने बयान जारी किया था, “उसे नहीं मालूम कि कोई क्रिप्टो एक्सचेंज UPI का इस्तेमाल कर रहा है।” इसके बाद कॉइनबेस ने एनपीसीआई से संपर्क किया है।

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