EPF Rate : वित्त वर्ष 2022-23 के लिए प्रॉविडेंट फंड (provident fund) का इंटरेस्ट रेट तय करने के लिए एम्प्लॉइज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक 25-26 मार्च को होगी। ईपीएफओ (EPFO) की अपनी अर्निंग्स की गणना के आधार पर इसकी ब्याज दर 8 फीसदी के आसपास बनी रहने का अनुमान है। इकोनॉमिक टाइम्स ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड से संबंधित विदड्रॉल में खासी कमी के बाद इस साल निवेश पर ईपीएफओ (EPFO) को शानदार रिटर्न मिला है। हालांकि, मनीकंट्रोल इस रिपोर्ट की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है।
कितनी रह सकती है ब्याज दर
रिपोर्ट के मुताबिक, आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ईपीएफओ मौजूदा 8.1 फीसदी की ब्याज दर को बरकरार रख सकता है या इसे मामूली घटाकर 8 फीसदी कर सकता है। इक्विटी इनवेस्टमेंट्स पर ऊंचे रिटर्न की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए ऐसा किया जा सकता है।
इसके अलावा, इलिजिबल मेंबर्स अब रिटायरमेंट फंड बॉडी ईपीएफओ के यूनिफाइड मेंबर्स के पोर्टल के जरिये 3 मई तक तक ज्यादा पेंशन के लिए अपने एम्प्लॉयर्स के साथ संयुक्त रूप से आवेदन कर सकते हैं। इससे पहले, ऐसी चिंताएं थीं कि 3 मार्च, 2023 ज्यादा पेंशन चुनने के लिए एक फाइनल डेडलाइन होगी।
ज्यादा पेंशन के लिए मिली मोहलत
हाल में ईपीएफओ यूनिफाइड मेंबर्स के पोर्टल पर यूआरएल के सक्रिय होने से स्पष्ट रूप से जाहिर होता है कि ज्यादा पेंशन का ऑप्शन 3 मई, 2023 तक उपलब्ध है।
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने 4 नवंबर, 2022 के अपने एक फैसले में ईपीएफओ को सभी इलिजिबल मेंबर्स को ज्यादा पेंशन अपनाने के लिए चार महीने का समय देने का आदेश दिया था।