विदेशी संस्थागत निवेशकों (Foreign Institutional Investors (FII) द्वारा पैसा लगाना भारत सहित अन्य उभरते बाजारों के लिए हमेशा अहम होता है। लेकिन इस वित्तीय वर्ष में रिटेल निवेशकों सहित घरेलू संस्थागत निवेशकों (Domestic Institutional Investors) ने हर गिरावट पर बाजार में पैसा लगाकर करके एक बड़ी भूमिका निभाई है, हालांकि वे FII flow को मैच नहीं कर सके हैं।
