सोने में तेजी से बढ़ रहा निवेशकों का भरोसा, एक साल में तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ा गोल्ड ETF में निवेश

ऐसे समय में जब शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और आउटलुक अनिश्चित है, निवेशक फिर से सुरक्षित निवेश के तौर पर गोल्ड की शरण में लौट रहे हैं। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स के आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2023 से नवंबर 2024 के दौरान गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) में निवेश तकरीबन तीन गुना बढ़ा और यह 333.37 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,256 करोड़ रुपये पर पहुंच गया

अपडेटेड Dec 11, 2024 पर 7:49 PM
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गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों की दिलचस्पी काफी तेजी से बढ़ी है।

ऐसे समय में जब शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और आउटलुक अनिश्चित है, निवेशक फिर से सुरक्षित निवेश के तौर पर गोल्ड की शरण में लौट रहे हैं। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स के आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2023 से नवंबर 2024 के दौरान गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) में निवेश तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ा और यह 333.37 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,256 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

मॉर्निंगस्टार इनवेस्टमेंट रिसर्च इंडिया (Morningstar Investment Research) के एसोसिएट डायरेक्टर, मैनेजर रिसर्च हिमांशु श्रीवास्तव ने भी इस ट्रेंड की पुष्टि की है। उनका कहना था कि गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों की दिलचस्पी काफी तेजी से बढ़ी है। उन्होंने बताया, ' जनवरी 2020 से अब तक इस कैटेगरी में 25,409 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो देखने को मिला है, जो इस सेगमेंट में निवेशकों की दिलचस्पी को दिखाता है। नवंबर में अक्टूबर के मुकाबले कम निवेश कम रहा, जबकि रिडेम्प्शन ज्यादा देखने को मिला। इसका मतलब है कि निवेशकों ने उच्च स्तर पर गोल्ड में प्रॉफिट बुकिंग की। शादियों के सीजन की वजह से भी गोल्ड को बढ़ावा मिल रहा है।'

जारी है गोल्ड ईटीएफ की मांग

गोल्ड ईटीएफ के मामले में निप्पॉन इंडिया गोल्ड ईटीएफ (Nippon India Gold ETF) का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) सबसे ज्यादा यानी 15,247.92 करोड़ रुपये है। इसके बाद एसबीआई गोल्ड ईटीएफ (2,468.54 करोड़ रुपये) और एचडीएफसी गोल्ड ईटीएफ ( 2,287.29 करोड़ रुपये) का नंबर है। पिछले एक साल से भी ज्यादा से ज्यादा फंडों ने 21-22% का रिटर्न दिया है और कोटक गोल्ड ईटीएफ फंड, एलआईसी गोल्ड ईटीएफ, एचडीएफसी गोल्ड ईटीएफ और मिरेई एसेट गोल्ड ईटीएफ इस मामले में अव्वल हैं।


निवेश का सुरक्षित ठिकाना

डीएसपी म्यूचुअल फंड (DSP Mutual Fund) में पैसिव फंड्स एंड प्रोडक्ट्स के हेड अनिल घेलानी का मानना है कि गोल्ड को लेकर निवेशकों का रवैया बदला है। उन्होंने कहा, ' पिछले 6-7 महीनों में फंड हाउस गोल्ड और सिल्वर जैसे रियल एसेट्स में डायवर्सिफिकेशन की वकालत कर रहे हैं। मल्टी-एसेट फंड्स आम तौर पर गोल्ड में 10-20 पर्सेंट फंड आवंटित करते हैं और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए इस एसेट क्लास में निवेश बढ़ाना आसान हो गया है।'

आनंद राठी वेल्थ में म्यूचुअल फंड्स की हेड श्वेता रजनी ने बताया, ' इक्विटी मार्केट्स में कुछ महीने पहले तक शानदार रिटर्न था। हालांकि, कुछ हालिया घटनाक्रम की वजह से शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है। ऐसे स्थिति में लोग गोल्ड और ईटीएफ जैसे निवेश के सुरक्षित ठिकानों की तरफ बढ़ रहे हैं।' इसके अलावा, टैक्स मोर्चे पर सुधार की वजह से गोल्ड ईटीएफ के लिए पॉजिटिव माहौल बना है।

जोखिम और आउटुलक

गोल्ड की मजबूत मांग के बावजूद जोखिम बना हुआ है। 2024 गोल्ड के लिए काफी बेहतर रहा और यह 2,801.8 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया है। कोटक सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में कहा गया है, '2025 में गोल्ड और सिल्वर की मजबूती बनी रहने का अनुमान है।'

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