7 Rule of Investing: मार्केट में निवेश के कई तरीके हैं और कई इंस्ट्रूमेंट्स। इक्विटी से लेकर डेट तक विकल्पों की भरमार है जिसमें अपने रिस्क लेने की क्षमता से लेकर पैसों की जरूरत के हिसाब से पैसे लगा सकते हैं। निवेश का एक सिद्धांत और भी है कि सारा पैसा निवेश ही नहीं कर लेना चाहिए बल्कि कुछ पैसे इमरजेंसी के लिए भी रखने चाहिए, लेकिन कितना इसे लेकर भी निवेश सलाहकारों ने खास नियम बनाए हुए हैं। यहां ऐसे ही सात रूल्स दिए जा रहे हैं, जिसमें कितने समय में पैसे दोगुना से चार गुना तक बढ़ सकता है, इसका पता लगा सकते हैं तो यह भी है कि कितना पैसा लगाना चाहिए और कितना पैसा इमरजेंसी फंड में रखना चाहिए।
इस रूल से वह समय पता चलता है, जिसमें निवेश डबल हो जाएगा। इस फॉर्मूला के इस्तेमाल के लिए 72 को रेट ऑफ रिटर्न से डिवाइड करना होता है, जिसमें उतने वर्षों की संख्या निकलती है, जिसमें पैसे डबल हो जाएंगे। उदाहरण के लिए अगर किसी जगह सालाना 12% की रफ्तार से रिटर्न मिल रहा है तो उसमें 72/12 यानी करीब 6 साल में पैसा डबल हो जाएगा। इससे यह भी पता चल जाएगा कि किसी तय समय में पैसा डबल करने के लिए कितना रिटर्न मिलना चाहिए जैसे कि अगर 4 ही साल में पैसे डबल करने हैं तो 72/4 यानी सालाना करीब 18% रिटर्न हासिल करना होगा।
इस रूल के तहत निवेश को तीन गुना करने में लगने वाला समय निकाला जाता है। उदाहरण के लिए सालाना 12% की रिटर्न देने वाले एसेट में पैसे लगाने पर यह 114/12 यानी करीब साढ़े नौ साल में पैसा तीन गुना हो जाएगा।
यह रूल ऑफ 72 और रूल ऑफ 114 की ही तरह है लेकिन इससे यह समझने में मदद मिलती है कि कितने समय में पैसा चार गुना हो जाएगा। इस नियम का इस्तेमाल करने के लिए 144 को अपने निवेश पर अनुमानित रेट ऑफ रिटर्न से डिवाइड करना होता है जिसके बाद जो रिजल्ट आता है, उतने ही समय में पैसा चार गुना हो जाएगा। उदाहरण के लिए अगर किसी इंस्ट्रूमेंट में सालाना 12% की दर से रिटर्न मिल रहा है तो उसमें निवेश पर 144/12 यानी 12 साल में पैसा चार गुना हो जाएगा।
इस नियम के तहत अपनी कमाई का 50% हिस्सा अपनी जरूरतों, 30% अपने शौक और बाकी 20% सेविंग्स पर खर्च करने का जिक्र है।
इस नियम के निकाला जाता है कि कितना पैसा इक्विटी और कितना पैसा डेट में लगाना चाहिए। इसमें निवेशक की उम्र को 100 में से घटाया जाता है तो जितना निकलता है, उतने फीसदी पैसा इक्विटी में लगाना चाहिए। यह इसलिए किया जाता है क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ निवेशकों की रिस्क लेने की क्षमता कम होती जाती है। इसे उदाहरण से समझें जैसे कि निवेशक की उम्र 30 वर्ष है तो उसे 70% (100-30) इक्विटी में लगाना चाहिए और बाकी 30% डेट में।
Minimum 10% Investment Rule
इस रूल के तहत अपनी कमाई का कम से कम 10% लॉन्ग टर्म के लिए निवेश करना चाहिए और इसे हर साल 10% की रफ्तार से बढ़ाना भी चाहिए।
निवेश का एक नियम यह भी है कि कम से कम कुछ फंड इतना भी होना चाहिए, जो किसी इमरजेंसी की स्थिति में सहारा दे सके। यह फंड कितना होना चाहिए, इसका कोई फिक्स्ड रूल नहीं है लेकिन इतना तो जरूर होना चाहिए कि यह कम से कम छह महीने के खर्चों को कवर कर सके।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।