LIC IPO लेने से न जाएं चूक...ऐसे शुरू हो गई Demat Accounts बनवाने की होड़
LIC IPO में भागीदारी करने के लिए लगभग 10 से 30 लाख Demat Accounts खुलने का अनुमान लगाया जा रहा है
MoneyControl News
अपडेटेड Jan 20, 2022 पर 1:50 PM
एलआईसी के आईपीओ को लेकर उसके पॉलिसीहोल्डर्स भी खासे जोश में हैं
LIC IPO : भारत की सबसे बड़ी बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस (Life Insurance Corporation of India) के जल्द ही अपना आईपीओ प्रॉस्पेक्टस फाइल करने का अनुमान है। जहां एलआईसी मेगा आईपीओ (जिसके 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का होने का अनुमान है) से जुड़े अहम बिंदुओं पर काम कर रही है, वहीं ब्रोकर्स एलआईसी पॉलिसीहोल्डर्स (LIC policyholders) की भारी दिलचस्पी को भुनाने के लिए तैयार हो रहे हैं।
10 फीसदी पॉलिसीहोल्डर्स के कोटे से शुरू हुई होड़
सरकार का आईपीओ में 10 फीसदी पॉलिसीहोल्डर्स का कोटा बनाने का फैसला अनूठा है और आईपीओ की कीमत पर डिस्काउंट की संभावना से कई पॉलिसीहोल्डर्स अपने डीमैट अकाउंट खोलने के लिए प्रोत्साहित हुए हैं। किसी आईपीओ में निवेश के लिए एक डीमैट अकाउंट का होना जरूरी है।
ब्रोकरेज को लगता है कि एलआईसी आईपीओ से उन्हें कई नए कस्टमर्स हासिल करने में मदद मिल सकती है, जो आईपीओ में निवेश के लिए डीमैट अकाउंट खुलवाने वाले नए कैपिटल मार्केट इनवेस्टर्स होंगे।
10-30 लाख नए डीमैट खाते खुलने का अनुमान
आईआईएफएल की सब्सिडियरी डिस्काउंट ब्रोकर 5Paisa.com के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर प्रकाश गगडानी कहते हैं, “हमें एलआईसी के आईपीओ में भाग लेने के लिए 10-30 लाख नए डीमैट खाते खुलने का अनुमान है।”
हालांकि, अंतिम आंकड़ा अनुमान से ज्यादा हो सकता है। गगडानी ने माना कि यदि पॉलिसीहोल्डर्स को डिस्काउंट मिलता है तो उनमें से कई आईपीओ के लिए आवेदन करना चाहेंगे।
एलआसी की पहुंच बनाम ब्रोकर्स की पहुंच
एलआईसी के 25 करोड़ से ज्यादा पॉलिसीहोल्डर्स हैं, जबकि डीमैट खातों की संख्या 8 करोड़ है। इनमें से कई स्टॉक मार्केट्स में नए इनवेस्टर होंगे, इसलिए ब्रोकर्स उनके लिए निवेश का प्रोसेस सरल बनाना चाहते हैं।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंसियल सर्विसेज (एमओएफएसएल) के एमडी और सीईओ (ब्रोकिंग-डिस्ट्रीब्यूशन) अजय मेनन कहते हैं, “हम अपना यूजर इंटरफेस सरल बना रहे हैं, जिससे इनवेस्टर्स आसानी से अपने अकाउंट खुलवा सकते हैं।”
मेनन ने कहा, “एलआईसी की पहुंच ब्रोकिंग इंडस्ट्री से काफी ज्यादा है। इसलिए, इससे हमें नए कस्टमर हासिल करने में मदद मिलेगी। हम पॉलिसीहोल्डर्स के साथ ही एलआईसी एजेंट के संपर्क में भी हैं।”
एलआईसी घर-घर में जाना पहचाना नाम है। इंश्योरेंस कंपनी का लाइफ इंश्योरेंस स्पेस में 31 दिसंबर, 2021 तक नए बिजनेस प्रीमियम में मार्केट शेयर 61.4 फीसदी (इरडा का डाटा) है। दूसरी बड़ी इंश्योरेंस कंपनी एसबीआई लाइफ की तुलना में एलआईसी का मार्केट शेयर 6-7 गुना है।
एलआईसी एजेंट कहते हैं कि पॉलिसीहोल्डर्स निवेश के इस मौके से वंचित नहीं रहना चाहते और सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वे सभी शर्तें पूरी कर लें।
मुंबई के एक एलआईसी एजेंट भारत पारेख कहते हैं, “रोजाना, हमारे क्लाइंट डाटाबेस में 200-300 पैन अपडेट हो रहे हैं। हम वर्तमान में 45,000 से ज्यादा पॉलिसीज को सर्विस देते हैं। पिछले दो महीनों में, हमारे महाराष्ट्र स्थित कार्यालय में ऐसे लोगों की औसतन 30 कॉल आ रही हैं और विजिट कर रहे हैं, जो आईपीओ में भाग लेना चाहते हैं।”
एलआईसी ने पॉलिसीहोल्डर्स से अपने पैन और डीमैट डिटेल्स को अपडेट करने के लिए कह दिया है।
कुछ लोग तो सिर्फ इसलिए नई पॉलिसी ले रहे हैं, क्योंकि वे आईपीओ के लिए इलिजिबिल होना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “हम मुख्य रूप से हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स के साथ डील करते हैं। उनमें से कई अपने फैमिली मेंबर्स के लिए एलआईसी पॉलिसी खरीदने को आगे आ रहे हैं, जिससे पूरी फैमिली फ्रिफरेंशियल अलॉटमेंट के लिए इलिजिबिल हो जाएं।”
नागपुर के एक बिजनेसपर्सन 51 वर्षीय किरीट जोशी कहते हैं, “हमारी पूरी फैमिली एलआईसी के आईपीओ में निवेश करेगी। वास्तव में, मेरी 78 साल की सास पब्लिक ऑफर में निवेश के लिए एक डीमैट खाता खुलवाएंगी। यह बेहद भरोसेमंद ब्रांड है और वर्षों से एलआईसी का पॉलिसीहोल्डर होने के कारण हम इस आईपीओ का भी हिस्सा बनना चाहते हैं।”