Get App

NSE IPO: अभी एनएसई के आईपीओ का टाइम तय नहीं है: विक्रम लिमये

कोलोकेशन मामले के बारे में लिमये ने कहा कि उन्होंने जब एक्सचेंज के बॉस की जिम्मेदारी संभाली तब कोलोकेशन मामले की जांच शुरू हुई थी। यह बहुत मुश्किल समय था। उन्होंने कहा कि तब उनकी प्राथमिकता एक्सचेंज से जुड़े सभी पक्षों का भरोसा हासिल करना था

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 09, 2022 पर 12:51 AM
NSE IPO: अभी एनएसई के आईपीओ का टाइम तय नहीं है: विक्रम लिमये
विक्रम लिमये ने एनएसई की शेयर बाजार में लिस्टिंग के प्लान के बारे में कहा कि एनएसई पैसे के लिए इश्यू नहीं ला रहा था। आईपीओ का मकसद शेयरहोल्डर्स को लिक्विडिटी देना था।

NSE पिछले कुछ हफ्तों से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। वॉल्यूम के लिहाज से यह देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange) है। एक पूर्व एमडी के कार्यकाल में एक्सचेंज के कामकाज को लेकर कई तरह के सवाल उठे हैं। इनमें कोलोकेशन (NSE Colocation Issue) का भी मामला शामिल है।

मनीकंट्रोल ने इन सभी मसलों और एनएसई के फ्यूचर प्लान के बारे में उसके एमडी और सीईओ विक्रम लिमये (Vikram Limaye) से बातचीत की। लिमये ने आईपीओ की योजना सहित कई अहम बातें बताई।

कोलोकेशन मामले के बारे में लिमये ने कहा कि उन्होंने जब एक्सचेंज के बॉस की जिम्मेदारी संभाली तब कोलोकेशन मामले की जांच शुरू हुई थी। यह बहुत मुश्किल समय था। उन्होंने कहा कि तब उनकी प्राथमिकता एक्सचेंज से जुड़े सभी पक्षों का भरोसा हासिल करना था। इनमें रेगुलेटर, मेंबर्स, मीडिया और शेयरहोल्डर्स शामिल थे। सबके अलग-अलग मसले थे। एनएसई में गवर्नेंस, टेक्नोलॉजी, प्रोसेस और बिजनेस से जुड़े मसलों को भी देखना था। अब ये सब चीजें इतिहास का हिस्सा हैं।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें