PPF Deposit : पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (Public Provident Fund) यानी PPF में निवेश को लेकर लोगों में क्रेज बढ़ता जा रहा है। यही वजह है कि 2013-14 से 2021-22 के बीच पीपीएफ डिपॉजिट्स मे 134 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष, 2013-14 में पोस्ट ऑफिस की इस लोकप्रिय स्मॉल सेविंग स्कीम के तहत कुल जमा धनराशि 5,487.43 करोड़ रुपये थी, जो 2021-22 में बढ़कर 12,846 करोड़ रुपये हो गई है।
स्मॉल सेविंग स्कीम्स अपने डिपॉजिटर्स को आकर्षक ब्याज दर उपलब्ध कराती हैं। इनकी ब्याज दरों में हर तिमाही में बदलाव का प्रावधान है। पिछली कुछ तिमाहियों से इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार, 25 जुलाई को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में कहा, “स्मॉल सेविंग स्कीम्स पर ब्याज दर की समय-समय पर सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर समीक्षा की जाती है और उसके अनुसार ब्याज दरें तय की जाती हैं।”
ये 5 फीचर्स पीपीए को बनाते हैं खास
PPF सबसे लोकप्रिय निवेश और टैक्स सेविंग स्कीम्स में से एक है। इसमें इनवेस्टर्स को कई तरह के लाभ होते हैं...
PPF की ब्याज दर आम तौर पर बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट की तुलना में ज्यादा रहती है। वर्तमान में पीपीएफ डिपॉजिट पर ब्याज 7.1% है, जो कंपाउंडेड यानी सालाना चक्रवृद्धि है। कंपाउंडिंग के चलते डिपॉजिटर्स को लंबी अवधि में एक बड़ा फंड तैयार करने में मदद मिलती है।
PPF स्कीम में जमा पैसे पर सेक्शन 80 सी के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता है। पीपीएफ खाते में एक साल में अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। पीपीएफ जमा पर वर्षों से अर्जित ब्याज और मैच्योरिटी पर प्राप्त राशि भी टैक्स-फ्री है।
PPF अकाउंट होल्डर जिस वित्त वर्ष से अकाउंट खोलते हैं उसके एक वर्ष की समाप्ति के बाद अपनी जमा राशि के अगेंस्ट लोन ले सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आप वित्त वर्ष 2022-23 में पीपीएफ खाता खोलते हैं, तो वित्त वर्ष 2024-25 में अपनी जमा राशि पर लोन ले सकते हैं।
पीपीएफ जमा पर सॉवरेन गारंटी है। यानी अगर कोई बैंक या डाकघर जिसमें आपने पीपीएफ खाता खोला है और वह बंद हो जाता है तो भी आपका पैसा सुरक्षित रहेगा क्योंकि इसकी गारंटी सरकार लेती है।
5. जमा रकम नहीं हो सकती जब्त
नियम के तहत अगर पीपीएफ का खाताधारक कोई कर्ज डिफॉल्ट करता है तो उसके पीपीएफ अकाउंट में जमा रकम को किसी कोर्ट के आदेश या डिक्री के तहत कुर्क नहीं किया जा सकता है। यानी पीपीएफ अकाउंट हमेशा सुरक्षित रहता है और अदालत के आदेश से खाते की शेष राशि को कुर्क नहीं किया जा सकता है।