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बाबा रामदेव की रुचि सोया के FPO में हो सकती है देर, जानिए क्या है वजह

योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि ने 2019 में रुचि सोया का अधिग्रहण किया था। अभी कंपनी की पब्लिक शेयरहोल्डिंग सिर्फ 1.1 फीसदी है। सेबी (SEBI) के नियम के मुताबिक, दोबारा लिस्टिंग के 18 महीने के अंदर कंपनी के लिए अपनी शेयरहोल्डिंग बढ़ाकर 10 फीसदी करना अनिवार्य है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 10, 2022 पर 4:17 PM
बाबा रामदेव की रुचि सोया के FPO में हो सकती है देर, जानिए क्या है वजह
सितंबर में बाबा रामदेव का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें एक योग सेशन के दौरान बाबा रामदेव अपने शिष्यों को रुचि सोया के शेयरों इन्वेस्ट करने के लिए कहते दिख रहे हैं। वीडियो में उन्होंने कहा था कि रुचि सोया के शेयर में जिसने भी इन्वेस्ट किया है, वह करोड़पति बन जाएगा। यह सेबी के नियम का उल्लंघन था।

रुचि सोया (Ruchi Soya) के फॉलो ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) में देर हो सकती है। अभी कंपनी की पब्लिक शेयरहोल्डिंग सिर्फ 1.1 फीसदी है। सेबी (SEBI) के नियम के मुताबिक, दोबारा लिस्टिंग के 18 महीने के अंदर कंपनी के लिए अपनी शेयरहोल्डिंग बढ़ाकर 10 फीसदी करना अनिवार्य है। हालांकि, यह डेडलाइन पिछले साल जुलाई में खत्म हो चुकी है। योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि ने 2019 में रुचि सोया का अधिग्रहण किया था।

अंग्रेजी बिजनेस न्यूज वेबासाइट मिंट ने खबर दी है कि रुचि सोया को एफपीओ में देर हो सकती है। उसने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इश्यू में देर की वजह रुचि सोया के शेयरों की कमजोर डिमांड है। कंपनी ने पिछले साल जून में एफपीओ के लिए सेबी के ड्राफ्ट पेपर फाइल किया था।

पतंजलि ने बैंकरप्सी प्रोसेस के तहत 4,350 करोड़ रुपये में रुचि सोया का अधिग्रहण किया था। खास बात यह है कि जिन बैंकों ने इस अधिग्रहण के लिए रुचि सोया को लोन दिया, वे इससे पहले रुचि सोया को भी लोन दे चुके थे। पतंजलि की रुचि सोया में करीब 99 फीसदी हिस्सेदारी वाले शेयर बैंकों के पास गिरवी रखे हुए हैं।

रुचि सोया का एफपीओ के जरिए हासिल रकम से बैंकों का पैसा लौटाने का प्लान है। लेकिन, एफपीओ में देरी से पैसे लौटाने में भी देर हो रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि रुचि सोया के शेयरों का पब्लिक फ्लोट बहुत कम है। इसलिए इनकी वैल्यूएशन बहुत ज्यादा रही है। इसलिए शेयरों की बिक्री के लिए खरीदार तलाश करने में दिककत आ रही है। अभी रुचि सोया की वैल्यूशन 24,114 करोड़ रुपये है। कंपनी ने जब एफपीओ पेश करने का प्लान बनाया था तब वैल्यूएशन 33,255 करोड़ रुपये थी।

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