Sukanya Samriddhi Yojana: केंद्र सरकार ने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान शुरुआत की है। इसके तहत बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) शुरू की गई। कोई भी भारतीय नागरिक अपनी 10 साल के कम उम्र की बेटी के लिए इसमें निवेश कर सकते हैं। सरकार ने हाल ही में जनवरी-मार्च 2023 तिमाही के लिए कुछ स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में इजाफा किया है। हालांकि PPF और सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दरों में इस तिमाही के लिए बढ़ोतरी नहीं की गई है। सुकन्या योजना पर अब तक 7.6 फीसदी ब्याज दिया जा रहा है। इस योजना में टैक्स में छूट का भी फायदा मिलता है।
इस योजना के तहत एक ही परिवार की सिर्फ दो बेटियों का ही अकाउंट खोला जा सकता है। लेकिन अगर किसी परिवार में जुड़वां बेटियां पैदा हुई हैं तो इस योजना के तहत दो के बजाय बेटियों के लिए तीन अकाउंट खोले जा सकते हैं।
इस योजना में कम से कम 250 रुपये और अधिक से अधिक 1.50 लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं। अगर किसी फाइनेंशियल ईयर में कुछ भी पैसे जमा नहीं किया तो 50 रुपये का जुर्माना लग जाएगा। बेटी की 21 साल की उम्र होने पर यह योजना मैच्योर हो जाएगी। हालांकि, इस योजना में आपका निवेश कम से कम तब तक लॉक हो जाएगा जबतक की बेटी 18 साल की नहीं हो जाती। 18 साल के बाद भी कुल पैसों का 50 फीसदी निकाल सकते हैं। जिसका इस्तेमाल वो ग्रेजुएशन या आगे की पढ़ाई के लिए कर सकती है। इसके बाद सारा पैसा तभी निकाला जा सकता है जब वो 21 साल की उम्र की होगी।
इस सरकारी योजना में शानदार रिटर्न कमाने के साथ टैक्स की बचत भी कर सकते हैं। इसमें इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये का इनकम टैक्स लाभ मिलता है। यही नहीं, रिटर्न और मैच्योरिटी अमाउंट को टैक्स से छूट दी जाती है। इसका मतलब यह हुआ कि आपको टैक्स फ्री रिटर्न मिलता है। ऐसे में निवेश के लिहाज से यह योजना काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।
5 तारीख का गणित, होगा फायदा
सुकन्या समृद्धि योजना के नियमों के मुताबिक, हर महीने की 5 और अंतिम तारीख के बीच उपलब्ध मिनिमम बैलेंस पर ही ब्याज मिलता है। इसका मतलब यह है कि अगर आप महीने की 5 तारीख से पहले या 5 तारीख तक इसमें निवेश नहीं करते हैं तो आपको उस महीने के लिए ब्याज नहीं मिलेगा। इस पर ब्याज की गणना मासिक आधार पर की जाती है, लेकिन पूरा ब्याज वित्त वर्ष के अंतिम दिन यानी 31 मार्च को क्रेडिट होता है। इन दोनों योजनाओं में ब्याज की कंपाउंडिंग सालाना आधार पर होती है। यही कारण है कि हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करना फायदा करा सकता है।