Govt Policy: देश में हर साल 24 जनवरी को भारत में नेशनल गर्ल चाइल्ड डे मनाया जाता है। इसके जरिए लड़कियों के प्रति लोगों की धारणा को बदलना है। ऐसे में बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए निवेश करना भी जरूरी है। सरकारी की ओर से बेटियों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं लॉन्च की गई हैं। जिनकी मदद से आप अपनी बेटी का भविष्य संवार सकते हैं। बेटियों के भविष्य के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिनमें निवेश करके बेटी को शानदार गिफ्ट दे सकते हैं।
इन योजनाओं में सुकन्या समृद्धि योजना, बालिका समृद्धि योजना जैसी तमाम योजनाएं हैं। आज हम आपको बेटियों के बारे में चलाई जा रही योजनाओं के बारे में बता रहे हैं।
बेटियों के भविष्य के लिए भी केंद्र सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। इसमें एक सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) भी है। इसे साल 2015 में मोदी सरकार ने शुरू की थी। यह एक ऐसी लंबी अवधि की योजना है। जिसमें निवेश करके आप अपनी बेटी की पढ़ाई और भविष्य को लेकर निश्चिंत हो सकते हैं। इसके लिए आपको बहुत ज्यादा रकम भी निवेश करने की जरूरत भी नहीं होती। इसमें कम से कम 250 रुपये और अधिक से अधिक 1.50 लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं। बेटी की 21 साल की उम्र होने पर यह योजना मैच्योर हो जाएगी। इस योजना पर सरकार 7.6 फीसदी सालाना दर से ब्याज दे रही है। अकाउंट ओपन होने के बाद अगर किसी भी फाइनेंशियल ईयर में कम से कम 250 का निवेश नहीं किया जाता है, तो 50 रुपये का जुर्माना लग जाएगा। अगर आपकी बेटी की उम्र 10 साल से कम है, तो उसके नाम पर SSY Account खुलवाया जा सकता है।
बालिका समृद्धि योजना (BSY)
बालिका समृद्धि योजना का लाभ गरीबी रेखा के नीचे जीवन निर्वाह करने वाले परिवार की बेटियों को दिया जाता है। ये भी केंद्र सरकार की योजना है। इस योजना का फायदा परिवार की दो बेटियों के नाम से लिया जा सकता है। इसमें 2 तरीके से आर्थिक सहायता मिलती है। इसके तहत बेटी के जन्म के बाद 500 रुपये की उपहार राशि दी जाती है। इसके बाद पढ़ाई की लिए पहली कक्षा से ही बच्ची को स्कॉलरशिप दी जाती है।
उड़ान CBSE स्कॉलरशिप प्रोग्राम
उड़ान केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education -CBSE) और मानव संसाधन मंत्रालय (Ministry of Human Resource and Development -MHRD) की ओर से शुरू किया गया है। इस योजना के तहत 12वीं पास करने वाली बालिकाओं को इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लेने के लिए स्कॉलरशिप मुहैया कराई जाती है। साथ ही बालिकाओं को महंगी किताबें ना खरीदना पड़े, इसके लिए बोर्ड की वेबसाइट पर ही संबंधित विषयों की किताबों को ऑनलाइन किया गया है। साथ ही छात्राओं के लिए वीकेंड पर ऑनलाइन क्लास की भी सुविधा है ताकि उन्हें किसी टॉपिक को लेकर समस्या है तो वह उसे ऑनलाइन क्लास में समझ सकती हैं।