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IPO: क्या हर कंपनी के आईपीओ में पैसे लगाने की स्ट्रेटेजी फायदेमंद है?

पिछले कई महीनों से आईपीओ में निवेशकों की जबर्दस्त दिलचस्पी देखने को मिली रही है। ज्यादातर कंपनियों के आईपीओ ओवरसब्सक्राइब हो रहे हैं। इस वजह से शेयरों का ऐलॉटमेंट लॉटरी से हो रहा है। इनवेस्टर्स शेयर एलॉट होते ही मुनाफा बुक कर रहे हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 30, 2024 पर 12:34 PM
IPO: क्या हर कंपनी के आईपीओ में पैसे लगाने की स्ट्रेटेजी फायदेमंद है?
कंसल्टेंसी और ऑडिट फर्म EY के मुताबिक, 2024 की पहली छमाही में रिकॉर्ड संख्या में कंपनियों ने आईपीओ बाजार में दस्तक दी हैं।

आईपीओ में निवेश पर सेबी की एक स्टडी से दिलचस्प जानकारी मिली है। पता चला है कि ज्यादातर इनवेस्टर्स फटाफट मुनाफा कमाने के लिए आईपीओ में निवेश कर रहे हैं। स्टडी के मुताबिक, निवेशक एलॉटमेंट के एक हफ्ते के अंदर 54 फीसदी शेयर बेच देते हैं। वे एक साल के अंदर 74 फीसदी शेयर बेच देते हैं। इससे यह पता चलता है कि आईपीओ में निवेशकों के पैसे लगाने की सबसे बड़ी वजह लिस्टिंग गेंस है। मार्केट में जब तक तेजी जारी रहेगी यह ट्रेंड जारी रहेगा। इस ट्रेंड में तभी बदलाव आएगा, जब लंबे समय तक निवेशकों को लॉस का सामना करना पड़ेगा। ऐसा पहले भी देखा जा चुका है।

2024 की दूसरी तिमाही में भी आईपीओ मार्केट में रहेगी रौनक

कंसल्टेंसी और ऑडिट फर्म EY के मुताबिक, 2024 की पहली छमाही में रिकॉर्ड संख्या में कंपनियों ने आईपीओ (IPO) बाजार में दस्तक दी हैं। यह दुनियाभर में आईपीओ पेश करने वाली कंपनियों की कुल संख्या का 27 फीसदी था। इंडियन कंपनियों ने इस दौरान दुनिया में आईपीओ से जुटाए अमाउंट से 9 फीसदी ज्यादा पैसे जुटाए। 2024 की दूसरी तिमाही में भी इस ट्रेंड के जारी रहने की उम्मीद है, क्योंकि आगे कुछ बड़ी कंपनियों के आईपीओ आने वाले हैं।

पिछले कुछ समय से आईपीओ से निवेशक बना रहे मुनाफा

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